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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- प्रदेश में बार्सिलोना की तरह विकसित किये जायेंगे थीम बेस्ड पार्क
Sat, 19 Jul 2025 09:30 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 19 Jul 2025 09:30 PM IST
सार
स्पेन प्रवास के अंतिम दिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बार्सिलोना की विश्वप्रसिद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहरों का दौरा कर वैश्विक कला, धर्म और नवाचार के उदाहरणों को गहराई से समझा। पार्क गुएल, सागरदा फमिलिया और पिकासो संग्रहालय जैसे स्थलों से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में थीम आधारित कलात्मक विकास, धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और पारंपरिक कलाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के संकल्प को दोहराया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पेन प्रवास के अंतिम दिन 19 जुलाई को बार्सिलोना में कला, संस्कृति और स्थापत्य की विश्वप्रसिद्ध धरोहरों का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना के तीन प्रमुख स्थलों पार्क गुएल, सागरदा फैमिलिया और पिकासो संग्रहालय का भ्रमण किया। उन्होंने इन स्थलों में दर्शायी गई रचनात्मकता, स्थापत्य सौंदर्य और सांस्कृतिक संरक्षण के उदाहरणों को मध्यप्रदेश के विकास संदर्भ में गहराई से देखा और समझा। भ्रमण की शुरुआत प्रसिद्ध पार्क गुएल से हुई, जिसे प्रकृति और वास्तुकला के विलक्षण समन्वय का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविख्यात वास्तुकार अंटोनियो गौदी द्वारा डिज़ाइन किए गए इस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल को विशेष रुचि से देखा। उन्होंने प्राकृतिक आकृतियों, रंगीन मोज़ाइक से सजे ‘ड्रैगन स्टेयर’, 86 स्तंभों वाले ‘हाइपोस्टाइल हॉल’ और ‘सर्पेन्टाइन बेंच’ जैसे स्थलों को शहरी सौंदर्यीकरण, हरित विकास और सांस्कृतिक सार्वजनिक स्थलों के विकास की दृष्टि से प्रेरणास्पद बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी इस प्रकार की थीम आधारित कलात्मकता और पारंपरिक कला से सुसज्जित पार्क विकसित किए जा सकते हैं।
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आध्यात्म, विज्ञान और प्रकृति का अनोखा संगम
मुख्यमंत्री ने साग्रादा फमिलिया का भ्रमण किया। सागरदा फैमिलिया यूरोप के सबसे भव्य ऐतिहासिक गिरजाघर जो 140 वर्षों से निर्माणाधीन है और विश्वभर में सांस्कृतिक आस्था और वास्तु नवाचार का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध वास्तुकार अंटोनिया गौदी की इस सबसे महत्त्वाकांक्षी परियोजना में धार्मिक स्थापत्य की गहराई, जैविक आकारों का प्रयोग और प्रतीकात्मक कला को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों के उन्नयन में दीर्घकालिक दृष्टि, लोक सहभागिता और वैश्विक डिज़ाइन समन्वय का दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
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कला और अभिव्यक्ति का जीवंत उदाहरण
मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना यात्रा के अंतिम दिन पिकासो संग्रहालय का अवलोकन भी किया। पाब्लो पिकासो की रचनाओं से समृद्ध यह संग्रहालय कला, नवाचार और अभिव्यक्ति का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शित "लॉस मेनिनास" जैसी श्रृंखलाओं, क्यूबिज्म आंदोलन और म्यूज़ियम की इंटरेक्टिव गैलरीज़ को देखा। उन्होंने मध्यप्रदेश की पारंपरिक कलाओं गोंड, फड़, मांडना आदि को डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाने की योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि कला न केवल पहचान का माध्यम है, बल्कि शिक्षा, रोजगार और पर्यटन विकास का प्रभावी उपकरण भी है। मुख्यमंत्री ने इन स्थलों से प्रेरणा लेकर राज्य में कला, स्थापत्य, धार्मिक पर्यटन और शहरी नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में दीर्घकालिक और संरचित कार्ययोजना पर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में कला, संस्कृति और धरोहर संरक्षण की अहम भूमिका है, और इन वैश्विक उदाहरणों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना प्रवास के अनुभवों के साथ भारत लौटने की तैयारी की। रात्रि में मुख्यमंत्री बार्सिलोना से दुबई होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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CM बोले-प्रदेश को वैश्विक निवेश केन्द्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण रही दुबई-स्पेन यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में विश्व भर के लोग व्यापारिक अवसरों और भारतीय उत्पादों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। दुबई-स्पेन यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने अपनी दुबई और स्पेन यात्रा के अंतिम चरण में राज्य की प्रगति और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश से जुड़े भारतीय समुदाय के साथ मिलकर राज्य के विकास के लिए नए अवसरों की खोज करना था जिससे रोजगार सृजित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों और भारतीय रेस्टोरेंट्स का भ्रमण भी किया। इस दौरान यह देखने को मिला कि बदलते वैश्विक परिदृश्य मेंप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के नागरिकों ने विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
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आध्यात्म, विज्ञान और प्रकृति का अनोखा संगम
मुख्यमंत्री ने साग्रादा फमिलिया का भ्रमण किया। सागरदा फैमिलिया यूरोप के सबसे भव्य ऐतिहासिक गिरजाघर जो 140 वर्षों से निर्माणाधीन है और विश्वभर में सांस्कृतिक आस्था और वास्तु नवाचार का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध वास्तुकार अंटोनिया गौदी की इस सबसे महत्त्वाकांक्षी परियोजना में धार्मिक स्थापत्य की गहराई, जैविक आकारों का प्रयोग और प्रतीकात्मक कला को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों के उन्नयन में दीर्घकालिक दृष्टि, लोक सहभागिता और वैश्विक डिज़ाइन समन्वय का दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
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कला और अभिव्यक्ति का जीवंत उदाहरण
मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना यात्रा के अंतिम दिन पिकासो संग्रहालय का अवलोकन भी किया। पाब्लो पिकासो की रचनाओं से समृद्ध यह संग्रहालय कला, नवाचार और अभिव्यक्ति का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शित "लॉस मेनिनास" जैसी श्रृंखलाओं, क्यूबिज्म आंदोलन और म्यूज़ियम की इंटरेक्टिव गैलरीज़ को देखा। उन्होंने मध्यप्रदेश की पारंपरिक कलाओं गोंड, फड़, मांडना आदि को डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाने की योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि कला न केवल पहचान का माध्यम है, बल्कि शिक्षा, रोजगार और पर्यटन विकास का प्रभावी उपकरण भी है। मुख्यमंत्री ने इन स्थलों से प्रेरणा लेकर राज्य में कला, स्थापत्य, धार्मिक पर्यटन और शहरी नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में दीर्घकालिक और संरचित कार्ययोजना पर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में कला, संस्कृति और धरोहर संरक्षण की अहम भूमिका है, और इन वैश्विक उदाहरणों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना प्रवास के अनुभवों के साथ भारत लौटने की तैयारी की। रात्रि में मुख्यमंत्री बार्सिलोना से दुबई होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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CM बोले-प्रदेश को वैश्विक निवेश केन्द्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण रही दुबई-स्पेन यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में विश्व भर के लोग व्यापारिक अवसरों और भारतीय उत्पादों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। दुबई-स्पेन यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने अपनी दुबई और स्पेन यात्रा के अंतिम चरण में राज्य की प्रगति और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश से जुड़े भारतीय समुदाय के साथ मिलकर राज्य के विकास के लिए नए अवसरों की खोज करना था जिससे रोजगार सृजित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों और भारतीय रेस्टोरेंट्स का भ्रमण भी किया। इस दौरान यह देखने को मिला कि बदलते वैश्विक परिदृश्य मेंप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के नागरिकों ने विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
