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एमपी में ED की बड़ी कार्रवाई:पूर्व मंत्री का रिश्तेदार गिरफ्तार,सरकारी योजना में करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप
Fri, 04 Sep 2026 10:43 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:43 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में विवाह सहायता योजना के नाम पर 30.18 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े के मामले में ईडी ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन और निलंबित सीईओ शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। ईडी के मुताबिक, 5,923 संदिग्ध मामलों में सरकारी राशि मंजूर कर वितरित की गई। त्रिपाठी को विशेष पीएमएलए कोर्ट ने 9 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेजा है।
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सिरोंज के निलंबित और पूर्व जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कन्यादान विवाह सहायता योजना में 30.18 करोड़ की हेराफेरी के मामले में ईडी भोपाल की टीम ने सिरोंज के निलंबित और पूर्व जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। त्रिपाठी को ईडी ने दो सितंबर को गिरफ्तार किया और तीन सितंबर को उसे विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने त्रिपाठी को 9 सितंबर तक ईडी की रिमांड पर सौंपा है। इस मामले में त्रिपाठी को पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब ईडी इसमें मनी लांड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। बता दें शोभित त्रिपाठी को शिवराज सरकार में सागर से आने वाले एक पूर्व मंत्री का रिश्तेदार बताया जाता हैं।
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ईडी का आरोप है कि 2019 से नवंबर 2021 के बीच त्रिपाठी ने सिरोंज जनपद के सीईओ के कार्याकाल के दौरान अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना के अंतर्गत विवाह सहायता योजना के तहत 30.18 करोड़ का घोटाला किया। इस योजना के तहत पंजीकृत कंस्ट्रक्शन श्रमिकों की पात्र बेटियों के विवाह की सहायता बतौर 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। जांच के दौरान ईडी ने फर्जी आवेदन पत्र और हितग्राहियों के दस्तावेज बरामद किए थे। इस घोटाले को बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खोलकर अंजाम दिया गया। बैंक खातों में राशि अंतरित कर कई बार नकद निकाली गई। वहीं, कई अपात्र लोगों को भी योजना का लाभ दिया गया।
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कोविड के दौरान भी संदिग्ध भुगतान
ईडी के अनुसार कोविड-19 के दौरान, जब विवाह प्रतिबंधित थे, तब भी घोटाले के आरोपियों ने विवाह योजना के तहत संदिग्ध भुगतान किया। मामले में आगे जांच जारी है। इसके पहले पुलिस ने 2022 में यह घोटाला सामने आने के बाद त्रिपाठी के साथ घोटाले से जुड़े दो बाबुओं को भी गिरफ्तार किया था। त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले के संज्ञान में आने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
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ईडी का आरोप है कि 2019 से नवंबर 2021 के बीच त्रिपाठी ने सिरोंज जनपद के सीईओ के कार्याकाल के दौरान अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना के अंतर्गत विवाह सहायता योजना के तहत 30.18 करोड़ का घोटाला किया। इस योजना के तहत पंजीकृत कंस्ट्रक्शन श्रमिकों की पात्र बेटियों के विवाह की सहायता बतौर 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। जांच के दौरान ईडी ने फर्जी आवेदन पत्र और हितग्राहियों के दस्तावेज बरामद किए थे। इस घोटाले को बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खोलकर अंजाम दिया गया। बैंक खातों में राशि अंतरित कर कई बार नकद निकाली गई। वहीं, कई अपात्र लोगों को भी योजना का लाभ दिया गया।
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कोविड के दौरान भी संदिग्ध भुगतान
ईडी के अनुसार कोविड-19 के दौरान, जब विवाह प्रतिबंधित थे, तब भी घोटाले के आरोपियों ने विवाह योजना के तहत संदिग्ध भुगतान किया। मामले में आगे जांच जारी है। इसके पहले पुलिस ने 2022 में यह घोटाला सामने आने के बाद त्रिपाठी के साथ घोटाले से जुड़े दो बाबुओं को भी गिरफ्तार किया था। त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले के संज्ञान में आने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
