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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- स्पेस पॉलिसी और प्रदेश में इसरो के केंद्र के लिए होंगे प्रयास
Thu, 27 Mar 2025 06:44 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 27 Mar 2025 06:44 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन में आयोजित राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और चालीसवें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान वर्चुअल रूप से कहा कि प्रदेश में स्पेस पॉलिसी का निर्माण किया जाएगा और इसरो के केंद्र की स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्पेस पॉलिसी का निर्माण किया जाएगा और इसरो के केंद्र की स्थापना के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह बात गुरुवार को उज्जैन में आयोजित राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और चालीसवें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान वर्चुअल रूप से कही। इस सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। डॉ. यादव ने कहा कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बड़ा योगदान दिया है, खासकर डिफेंस और अंतरिक्ष के क्षेत्र में। उन्होंने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की नीति को भारत के इस क्षेत्र में सफलता का कारण बताया। मध्यप्रदेश भी इस क्षेत्र में नए अवसरों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही स्पेस पॉलिसी बनाई जाएगी और इसरो के एक केंद्र की स्थापना पर विचार शुरू किया गया है।
प्रदेश बनेगा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब
मध्यप्रदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने हाल ही में इसरो द्वारा स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि प्रदेश में इसरो की तरह एक केंद्र स्थापित करने की योजना है।
प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ रहा
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है, खासकर कृषि क्षेत्र में, और राजस्व विभाग में भूमि सर्वेक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन को काल गणना का केंद्र बताते हुए कहा कि यह शहर न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान का भी केंद्र है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय विज्ञान परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, आज के विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में घोषित चार नीतियां, जैसे मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन नीति-2025, एनीमेशन और गेमिंग नीति-2025, सेमी कंडक्टर नीति-2025 और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2025, प्रदेश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक मजबूत आधार देने के लिए बनाई गई हैं।
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एमपी टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ेगा
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नवाचार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऐसे चंद नेताओं में से हैं जो स्पेस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्साहित हैं।
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प्रदेश बनेगा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब
मध्यप्रदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने हाल ही में इसरो द्वारा स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि प्रदेश में इसरो की तरह एक केंद्र स्थापित करने की योजना है।
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प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ रहा
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है, खासकर कृषि क्षेत्र में, और राजस्व विभाग में भूमि सर्वेक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन को काल गणना का केंद्र बताते हुए कहा कि यह शहर न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान का भी केंद्र है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय विज्ञान परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, आज के विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में घोषित चार नीतियां, जैसे मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन नीति-2025, एनीमेशन और गेमिंग नीति-2025, सेमी कंडक्टर नीति-2025 और वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2025, प्रदेश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक मजबूत आधार देने के लिए बनाई गई हैं।
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एमपी टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ेगा
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नवाचार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऐसे चंद नेताओं में से हैं जो स्पेस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्साहित हैं।
