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MP News: मुख्य सचिव जैन बोले- नवाचार और समयबद्धता से ही जनजातीय विकास के लक्ष्य पूरे होंगे
Wed, 08 Oct 2025 05:50 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 08 Oct 2025 05:50 PM IST
सार
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्य सचिव अनुगरा जैन ने 15 नवंबर से पहले पीएम जनमन के कार्य पूर्ण करने और दिसंबर तक वन अधिकार दावों के निराकरण करने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सीएम अनुराग जैन और पीएस गुलशन बामरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में बुधवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जनजातीय विकास कार्यों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए नवाचारी प्रयासों को अपनाएं और समस्याओं के वैकल्पिक समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि जनजातीय योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की हैं, इसलिए समय-सीमा और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे नवाचारी प्रयास प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक समन्वय, तकनीक के उपयोग और संवेदनशीलता के साथ जनजातीय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए, ताकि जनजातीय अंचलों में विकास की रोशनी हर घर तक पहुँचे। मुख्य सचिव ने पीएम जनमन योजना और आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों से विलेज एक्शन प्लान शीघ्र तैयार कर ग्राम सभाओं से अनुमोदन कराया जाए। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर से पहले पीएम जनमन योजना से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेश सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सके।
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प्रमुख सचिव जनजाति कार्य विभाग गुलशन बामरा ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत प्रदेश के 14,040 लक्षित गांवों में से 10,893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं और 11,394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। अब तक 17 लाख 70 हजार से अधिक लोगों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना के हितग्राही योजनाओं में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुरी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वन अधिकार अधिनियम पर अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने कहा कि दिसंबर 2025 तक सभी लंबित वन अधिकार दावों का निराकरण पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 29 जिलों में 792 वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 66 वन ग्रामों की कार्यवाही लंबित है। भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छतरपुर को इस क्षेत्र में उच्च प्रदर्शन के लिए सराहा गया।
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जिलों ने नवाचारों की प्रस्तुति दी
सत्र में विभिन्न जिलों ने अपने श्रेष्ठ नवाचारों की प्रस्तुति दी। बैतूल ने “आदि कर्मयोगी अभियान”, शिवपुरी ने “पीएम जनमन आवास”, शहडोल ने “आधार कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र वितरण”, जबकि बालाघाट ने “वन अधिकार दावों के निराकरण” पर प्रस्तुति दी।
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प्रमुख सचिव जनजाति कार्य विभाग गुलशन बामरा ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत प्रदेश के 14,040 लक्षित गांवों में से 10,893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं और 11,394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। अब तक 17 लाख 70 हजार से अधिक लोगों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना के हितग्राही योजनाओं में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुरी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वन अधिकार अधिनियम पर अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने कहा कि दिसंबर 2025 तक सभी लंबित वन अधिकार दावों का निराकरण पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 29 जिलों में 792 वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 66 वन ग्रामों की कार्यवाही लंबित है। भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छतरपुर को इस क्षेत्र में उच्च प्रदर्शन के लिए सराहा गया।
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जिलों ने नवाचारों की प्रस्तुति दी
सत्र में विभिन्न जिलों ने अपने श्रेष्ठ नवाचारों की प्रस्तुति दी। बैतूल ने “आदि कर्मयोगी अभियान”, शिवपुरी ने “पीएम जनमन आवास”, शहडोल ने “आधार कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र वितरण”, जबकि बालाघाट ने “वन अधिकार दावों के निराकरण” पर प्रस्तुति दी।
