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MP News: MP के स्कूल शिक्षा टेंडरों में बड़े घोटाले का आरोप, खरीदी में गड़बड़ी,कांग्रेस ने की SIT जांच की मांग

Thu, 19 Mar 2026 06:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 19 Mar 2026 06:31 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के टेंडरों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। 2023 से 2025 के बीच हुए टेंडरों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगें हैं। कांग्रेस ने  पूरे मामले की SIT जांच की मांग की है। 

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MP News: Allegations of a Major Scam in MP School Education Tenders; Irregularities in Procurement—Congress De
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के टेंडरों को लेकर सियासत गरमा गई है। एमपी कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने 2023 से 2025 के बीच हुए टेंडरों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। साथ ही 2026 में जारी नए टेंडरों पर भी वही खेल दोहराए जाने की आशंका जताई है।कांग्रेस का दावा है कि 2023 में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कंप्यूटर, यूपीएस और प्रिंटर खरीदी के लिए निकाले गए टेंडर की लागत अचानक दोगुनी कर दी गई। आरोप है कि तकनीकी शर्तें ऐसी बनाई गईं कि प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और उपकरण बाजार कीमत से 200 से 250 प्रतिशत तक महंगे खरीदे गए।
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 2025 में भी दोहराया गया वही पैटर्न
2025 में इंटरएक्टिव बोर्ड की खरीदी में भी इसी तरह की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। कहा गया कि 60–70 हजार रुपए के उपकरण 1 लाख रुपए से ज्यादा में खरीदे गए। टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी शर्तों के जरिए सीमित कंपनियों को ही फायदा पहुंचाने की बात कही गई।
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 टेंडर से बाहर कंपनी, फिर उसी का सामान सप्लाई
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जिस Acer कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से बाहर बताया गया, अंत में उसी के उपकरणों की सप्लाई की गई। इसे टेंडर प्रक्रिया को “सिर्फ औपचारिकता” करार देते हुए पहले से सेटिंग होने का आरोप लगाया गया।
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 विंध कोठी बना केंद्र, बड़े नामों पर सवाल
पूरे मामले में विंध कोठी का नाम सामने आने से विवाद और गहरा गया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यहां ठेकेदारों की बैठकें क्यों होती हैं और अश्विन नाटू जैसे लोग किस अधिकार से टेंडर से जुड़े लोगों को बुलाते हैं। हर बड़े टेंडर में इस जगह का नाम आने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।


2026 के टेंडर पर भी घोटाले की आशंका
कांग्रेस का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में इंटरएक्टिव बोर्ड की केंद्रीकृत खरीदी के लिए नया टेंडर जारी हुआ है, जिसमें फिर से वही तकनीकी शर्तों का खेल खेलकर कीमतें बढ़ाने की तैयारी हो सकती है।

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 SIT जांच और ऑडिट की मांग
कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय SIT जांच कराने, सभी भुगतान का फॉरेंसिक ऑडिट करने और इसमें शामिल अधिकारियों व ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की है। कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले जल संसाधन विभाग के टेंडरों में भी फर्जी बैंक गारंटी और गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।


 
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