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Who Will Be The CM: तोमर-प्रहलाद ने सांसदी और मंत्री पद छोड़ा, क्या अब बनेंगे MP के मुख्यमंत्री?
Wed, 06 Dec 2023 02:41 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 06 Dec 2023 02:41 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीते दो केंद्रीय मंत्रियों समेत पांच सांसदों ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल माना जा रहा है।
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रीति पाठक, प्रहलाद पटेल, राव उदय प्रताप सिंह, राकेश सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने दो केंद्रीय मंत्रियों समेत पांच सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया है। इनमें दो केंद्रीय मंत्रियों- प्रहलाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर- को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल माना जा रहा है। इसी तरह सांसद रीति पाठक, राव उदय प्रताप सिंह और राकेश सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है। इस्तीफा देने के बाद पटेल और तोमर एक साथ भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर पहुंचे। वहां वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई।
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मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने सात सांसदों को उम्मीदवार बनाया था। केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते को मंडला की निवास सीट पर पराजय का सामना करना पड़ा। इसी तरह सतना में सांसद गणेश सिंह की भी हार हुई। यह दोनों ही सीटें 2018 में कांग्रेस के पास थी। पार्टी ने प्रहलाद पटेल को नरसिंहपुर सीट पर, नरेंद्र सिंह तोमर को मुरैना की दिमनी सीट पर, रीति पाठक को सीधी सीट पर, राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम सीट पर और राव उदय प्रताप सिंह को गाडरवारा विधानसभा सीट पर उम्मीदवार बनाया गया था। गणेश सिंह और कुलस्ते को छोड़कर शेष पांचों सांसद चुनाव जीत चुके हैं।
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प्रहलाद पटेल बोले- तीन दशक का अनुभव जिदंगी में काम आएगा
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने संसद की सदस्यता से त्याग पत्र देने के बाद मीडिया से कहा कि अपनी पार्टी का ह्दय से धन्यवाद करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीर्वाद लिया। इसके बाद लोकसभा से त्यागपत्र अध्यक्ष को दिया है। उन्होंने कहा कि बहुत छोटी उम्र में संसद में आया था। यहां का तीन दशक का अनुभव है, जो जीवन का बहुत बड़ा है। यह अनुभव आने वाली जिंदगी में मुझे काम आएगा ऐसा मैं विश्वास करता हूं। उन्होंने प्रधानमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। पटेल ने कहा कि कुछ देर में वह मंत्री पद से भी इस्तीफा देंगे।
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इस नियम के चलते देना पड़ा इस्तीफा
संविधान के अनुच्छेद 101 (2) में प्रावधान है कि विधायक बनने के नोटिफिकेशन जारी होने के 14 दिन के भीतर सांसद को इस्तीफा देना होगा। इसी तरह यदि कोई विधायक लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनता है तो उसे दस दिन में एक सदन से इस्तीफा देना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो उसकी सदस्यता खुद-ब-खुद खत्म हो जाती है। इस नियम का पालन करने के लिए बुधवार को नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक और राकेश सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
