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MP News: नगरीय निकायों में AEBAS सिस्टम ने पकड़े हजारों गायब कर्मचारी,हर साल करोड़ों की चपत,अब होगी कार्रवाई
Thu, 20 Nov 2025 07:46 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 20 Nov 2025 07:46 PM IST
सार
आधार आधारित बायोमैट्रिक सिस्टम लागू होते ही मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में वर्षों से चल रहा फर्जी कर्मचारियों का घोटाला उजागर हो गया। हजारों गायब कर्मचारी पकड़े गए, जो बिना काम किए हर महीने वेतन में उठा रहे थे। जल्द इन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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बीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के 413 शहरी निकायों में वर्षों से चल रहा फर्जी कर्मचारियों का बड़ा खेल आखिरकार तकनीक के जाल में फंस गया। आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) लागू होने के बाद पता चला कि निकाय हर साल 28 करोड़ रुपए से ज्यादा ऐसे कर्मचारियों पर खर्च कर रहे थे, जिनकी न तो उपस्थिति थी और न ही वास्तविक पहचान। नए सिस्टम में कर्मचारी को निर्धारित कार्यस्थल से ही आधार फेस RD ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इससे अचानक बड़ी संख्या में गायब कर्मचारी सामने आए और निकायों में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा अध्याय खुल गया।
1.4 लाख कर्मचारियों का पंजीयन, हजारों संदिग्ध नाम उजागर
UAD के अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में 1.4 लाख से ज्यादा कर्मचारी ई-अटेंडेंस से जुड़ चुके हैं। पहले ही अनुमान था कि करीब 5,000 फर्जी/अनुपस्थित नाम हटेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 70-80% फर्जी कर्मचारियों के नाम स्थानीय नेताओं की सिफारिश पर जोड़े गए थे, जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता की तरह इस्तेमाल किया जाता था, जबकि वेतन नगर निकायों के बजट से जाता रहा।
397 निकायों में 1,126 फर्जी कर्मचारी मिले, 6.22 करोड़ की सालाना बचत
अब तक 10 डिवीज़न के 98 नगरपालिकाओं और 264 नगर परिषदों में की गई जांच में 1,126 फर्जी कर्मचारी पकड़े गए हैं। इससे निकायों को हर साल 6.22 करोड़ रुपए की सीधी बचत होगी। सबसे ज्यादा संदिग्ध कर्मचारी भोपाल डिवीजन (544) में मिले। वहीं शहडोल में केवल 8 फर्जी कर्मचारी मिले। चूंकि नगर निगमों की जांच अभी अधूरी है, इसलिए विभाग का अनुमान है कि कुल बचत 30 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच सकती है।
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यह भी पढ़ें-सिंगापुर के साथ मिलकर MANIT भोपाल करने जा रहा बड़ा शोध, बदलेगा EV चार्जिंग और सोलर सिस्टम का भविष्य
फर्जी कर्मचारियों पर अब होगी FIR
UAD के एक अधिकारी ने बताया कि डेटा सत्यापन पूरा होने के बाद सभी नगरीय निकायों को FIR दर्ज करने और वेतन की रिकवरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। फर्जी तरीके से वेतन लेने वालों पर सीधे आपराधिक मामला चलेगा। कमिश्नर संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग ने सभी निकायों को 10 दिन के भीतर रिकॉर्ड ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संख्या में आई कमी का बड़ा कारण फर्जी नामों का हटना है। जांच पूरी होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें-पुलिस अधिकारी बताकर बैंक अफसर को किया डिजिटल अरेस्ट, 68 लाख ठगे
संभाग – फर्जी/संदिग्ध कर्मचारी
भोपाल 544
ग्वालियर चंबल 206
सागर 119
जबलपुर 89
रीवा 61
उज्जैन 44
इंदौर 43
नर्मदापुरम 12
शहडोल 08
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1.4 लाख कर्मचारियों का पंजीयन, हजारों संदिग्ध नाम उजागर
UAD के अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में 1.4 लाख से ज्यादा कर्मचारी ई-अटेंडेंस से जुड़ चुके हैं। पहले ही अनुमान था कि करीब 5,000 फर्जी/अनुपस्थित नाम हटेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 70-80% फर्जी कर्मचारियों के नाम स्थानीय नेताओं की सिफारिश पर जोड़े गए थे, जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता की तरह इस्तेमाल किया जाता था, जबकि वेतन नगर निकायों के बजट से जाता रहा।
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397 निकायों में 1,126 फर्जी कर्मचारी मिले, 6.22 करोड़ की सालाना बचत
अब तक 10 डिवीज़न के 98 नगरपालिकाओं और 264 नगर परिषदों में की गई जांच में 1,126 फर्जी कर्मचारी पकड़े गए हैं। इससे निकायों को हर साल 6.22 करोड़ रुपए की सीधी बचत होगी। सबसे ज्यादा संदिग्ध कर्मचारी भोपाल डिवीजन (544) में मिले। वहीं शहडोल में केवल 8 फर्जी कर्मचारी मिले। चूंकि नगर निगमों की जांच अभी अधूरी है, इसलिए विभाग का अनुमान है कि कुल बचत 30 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच सकती है।
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फर्जी कर्मचारियों पर अब होगी FIR
UAD के एक अधिकारी ने बताया कि डेटा सत्यापन पूरा होने के बाद सभी नगरीय निकायों को FIR दर्ज करने और वेतन की रिकवरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। फर्जी तरीके से वेतन लेने वालों पर सीधे आपराधिक मामला चलेगा। कमिश्नर संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग ने सभी निकायों को 10 दिन के भीतर रिकॉर्ड ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संख्या में आई कमी का बड़ा कारण फर्जी नामों का हटना है। जांच पूरी होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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संभाग – फर्जी/संदिग्ध कर्मचारी
भोपाल 544
ग्वालियर चंबल 206
सागर 119
जबलपुर 89
रीवा 61
उज्जैन 44
इंदौर 43
नर्मदापुरम 12
शहडोल 08
