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MP Cabinet: न्याय विभाग में 610 पद मंजूर, उज्जैन से पीथमपुर तक दौड़ेगी मेट्रो
Tue, 26 Aug 2025 06:21 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 26 Aug 2025 06:21 PM IST
सार
कैबिनेट बैठक में सरकार ने श्रीमहाकलेश्वर उज्जै-इंदौर-पीथमपुर के बीच मेट्रो कॉरिडोर के लिए डीपीआर बनाने परामर्श शुल्क को स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन किया है। पुलिस के लिए 25 हजार टैबलेट खरीदी जाएंगे। साथ ही कोर्ट के लिए 610 नवीन पदों की स्वीकृति की स्वीकृति दी गई है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में न्याय विभाग में 610 पदों पर भर्ती की मंजूरी समेत कई अहम फैसले हुए। एक और अहम फैसला श्रीमहाकालेश्वर मंदिर उज्जैन से पीथमपुर तक मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए डीपीआर तैयार कराने का हुआ। साथ ही गणेश चतुर्थी पर बुधवार को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन से लवकुश चौराहा इंदौर तक एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर तक मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रुपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) से देने का अनुमोदन किया गया। इस तरह करीब 84 किमी में मेट्रो चलाने की डीपीआर डीएमआरसी बनाएगी।
25 हजार टैबलेट खरीदने की स्वीकृति
कैबिनेट ने प्रदेश में पुलिस के लिए ई-विवेचना के लिए 25 हजार टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह राशि क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में जुड़ेगी। जिसके बाद संशोधित/विस्तारित योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रुपए हो जाएगी। बता दें प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं।
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न्याय विभाग में 610 नए पद सृजित, शीघ्र मिलेगा न्याय
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" की नई नीति को मंजूरी दी है। इस व्यवस्था से अदालतों में मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी। अक्सर अदालतों से यह शिकायत सामने आती थी कि सरकारी अभियोजकों की कमी के कारण सुनवाई की तारीखें बार-बार आगे बढ़ जाती हैं। अब इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने कुल 610 पदों के सृजन का निर्णय लिया है। इनमें 185 अतिरिक्त लोक अभियोजन अधिकारी, 100 सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सहित विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इन नियुक्तियों पर लगभग 60 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक का वार्षिक व्यय आएगा।
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प्रदेश में लगेंगे 60 मेगावाट सोलर और 40 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में नवकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि जल जीवन मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग करीब 160 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में 100 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट और 60 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से न केवल जल आपूर्ति योजनाओं को सुचारु ऊर्जा उपलब्ध होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी और निजी ताप विद्युत गृहों में कोयले की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में की जाएगी, ताकि उनकी स्थापित क्षमता का पूरा उपयोग हो सके। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।
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प्रदेश में 4000 मेगावाट नई बिजली परियोजनाओं से बिजली खरीद को मंजूरी
कैबिनेट ने नई ताप विद्युत परियोजनाओं से 4000 मेगावाट बिजली खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के तहत तीन कंपनियों का चयन किया है। इनसे क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट और 800 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। इसके अलावा निविदा में तय ग्रीनशू प्रावधान के तहत अतिरिक्त 800 मेगावाट बिजली भी ली जाएगी। इस फैसले के बाद एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को आगे की कार्रवाई करने और विद्युत नियामक आयोग के पास टैरिफ (दर) स्वीकृति के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई है।
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मंत्रालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन से लवकुश चौराहा इंदौर तक एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर तक मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रुपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) से देने का अनुमोदन किया गया। इस तरह करीब 84 किमी में मेट्रो चलाने की डीपीआर डीएमआरसी बनाएगी।
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25 हजार टैबलेट खरीदने की स्वीकृति
कैबिनेट ने प्रदेश में पुलिस के लिए ई-विवेचना के लिए 25 हजार टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह राशि क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में जुड़ेगी। जिसके बाद संशोधित/विस्तारित योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रुपए हो जाएगी। बता दें प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं।
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न्याय विभाग में 610 नए पद सृजित, शीघ्र मिलेगा न्याय
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" की नई नीति को मंजूरी दी है। इस व्यवस्था से अदालतों में मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी। अक्सर अदालतों से यह शिकायत सामने आती थी कि सरकारी अभियोजकों की कमी के कारण सुनवाई की तारीखें बार-बार आगे बढ़ जाती हैं। अब इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने कुल 610 पदों के सृजन का निर्णय लिया है। इनमें 185 अतिरिक्त लोक अभियोजन अधिकारी, 100 सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सहित विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इन नियुक्तियों पर लगभग 60 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक का वार्षिक व्यय आएगा।
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प्रदेश में लगेंगे 60 मेगावाट सोलर और 40 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में नवकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि जल जीवन मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग करीब 160 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में 100 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट और 60 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से न केवल जल आपूर्ति योजनाओं को सुचारु ऊर्जा उपलब्ध होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी और निजी ताप विद्युत गृहों में कोयले की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में की जाएगी, ताकि उनकी स्थापित क्षमता का पूरा उपयोग हो सके। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।
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प्रदेश में 4000 मेगावाट नई बिजली परियोजनाओं से बिजली खरीद को मंजूरी
कैबिनेट ने नई ताप विद्युत परियोजनाओं से 4000 मेगावाट बिजली खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के तहत तीन कंपनियों का चयन किया है। इनसे क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट और 800 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। इसके अलावा निविदा में तय ग्रीनशू प्रावधान के तहत अतिरिक्त 800 मेगावाट बिजली भी ली जाएगी। इस फैसले के बाद एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को आगे की कार्रवाई करने और विद्युत नियामक आयोग के पास टैरिफ (दर) स्वीकृति के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई है।
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