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एमपी: 27% ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की तैयारी
Tue, 13 Oct 2026 04:05 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 13 Oct 2026 04:05 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ बैठक कर कानूनी रणनीति पर चर्चा की। सरकार हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग करेगी। इस फैसले का असर भर्ती परीक्षाओं में होल्ड रखे गए 13 प्रतिशत पदों पर भी पड़ेगा।
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ओबीसी आरक्षण मसले पर सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए राज्य सरकार अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ बैठक कर आगे की कानूनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में प्रदेश के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने और उस पर अंतरिम रोक लगाने की मांग के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी
जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति बदल गई है। फैसले के मुताबिक, ओबीसी वर्ग के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा। वहीं, 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत अतिरिक्त 13 प्रतिशत पदों को होल्ड रखने और उनके परिणाम जारी करने से जुड़ा मामला भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार अब हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले से जुड़े तथ्य, आंकड़े और जरूरी दस्तावेज जुटाने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी
जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति बदल गई है। फैसले के मुताबिक, ओबीसी वर्ग के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा। वहीं, 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत अतिरिक्त 13 प्रतिशत पदों को होल्ड रखने और उनके परिणाम जारी करने से जुड़ा मामला भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार अब हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले से जुड़े तथ्य, आंकड़े और जरूरी दस्तावेज जुटाने के निर्देश दिए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
13 प्रतिशत होल्ड पदों पर भी असर
वर्ष 2022 से 2026 के बीच हुई सरकारी भर्तियों में ओबीसी आरक्षण के अतिरिक्त 13 प्रतिशत पद होल्ड रखकर परिणाम जारी किए जा रहे थे। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन पदों को लेकर भी स्थिति बदल गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैसले में इन पदों को अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों से आगामी तीन महीने में भरने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस फैसले पर अंतरिम रोक लगवाने के लिए जल्द सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना चाहती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए सरकार हर संभव कानूनी कदम उठाएगी।
ओबीसी आरक्षण पर आंदोलन करेगी महासभा, 15 अक्टूबर को जिलों में प्रदर्शन
वहीं, मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा आंदोलन करेगी। महासभा 15 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके साथ ही आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी भी है। ओबीसी महासभा के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं, नागपुर में विभिन्न संगठनों की बैठक में जनगणना के दौरान ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखने और आरक्षण बढ़ाने की मांग को जन आंदोलन बनाने का निर्णय लिया गया। नवंबर में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी हैं।
वर्ष 2022 से 2026 के बीच हुई सरकारी भर्तियों में ओबीसी आरक्षण के अतिरिक्त 13 प्रतिशत पद होल्ड रखकर परिणाम जारी किए जा रहे थे। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन पदों को लेकर भी स्थिति बदल गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैसले में इन पदों को अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों से आगामी तीन महीने में भरने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस फैसले पर अंतरिम रोक लगवाने के लिए जल्द सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना चाहती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए सरकार हर संभव कानूनी कदम उठाएगी।
आज नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता जी एवं प्रदेश के महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह जी के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। https://t.co/YVXHK3oF8m
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 13, 2026
ओबीसी आरक्षण पर आंदोलन करेगी महासभा, 15 अक्टूबर को जिलों में प्रदर्शन
वहीं, मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा आंदोलन करेगी। महासभा 15 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके साथ ही आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी भी है। ओबीसी महासभा के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं, नागपुर में विभिन्न संगठनों की बैठक में जनगणना के दौरान ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखने और आरक्षण बढ़ाने की मांग को जन आंदोलन बनाने का निर्णय लिया गया। नवंबर में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी हैं।
