फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP election 2023 Congress worried about postal ballot BJP unconcerned

MP Election 2023: पोस्टल बैलेट को लेकर कांग्रेस चिंतित, भाजपा बेफिक्र, जानें क्यों महत्वपूर्ण है

Wed, 22 Nov 2023 04:56 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 22 Nov 2023 04:56 PM IST
सार

MP Election 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में अधिकारी कर्मचारियों के साथ-साथ 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी डाक मत पत्र से वोटिंग की है। इस लिहाज से डाक मत पत्रों की संख्या महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हार जीत में इनका खास रोल हो सकता है।

विज्ञापन
MP election 2023 Congress worried about postal ballot BJP unconcerned
मध्यप्रदेश चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पोस्टल बैलेट्स को लेकर जहां भाजपा पूरी तरह से बेफिक्र नजर आ रही है। वहीं कांग्रेस चिंतित है। डाक मत पत्र को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से विशेष मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि मताधिकार से वंचित शासकीय कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, अतिथि शिक्षकों को पोस्टल वोट से मतदान करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन


इसके लिए कांग्रेस ने खंडवा एसपी की पहल का उदहारण भी दिया है। कांग्रेस से पहले बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी की विंध्य जनता पार्टी भी डाक मत पत्रों की गिनती को लेकर चुनाव आयोग के सामने मांग रख चुकी है कि डाक मत पत्रों का परिणाम अंत की जगह शुरू में ही घोषित किया जाए।
विज्ञापन


वोट से रह गए वंचित 
बताया जा रहा है कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी-अधिकारी बड़ी संख्या में वोट नहीं कर पाए हैं। ऐसे में कांग्रेस डाक मत पत्रों को लेकर चुनाव आयोग से लगातार मांग उठा रही है। जानकारी के मुताबिक, रीवा जिले में विधानसभा निर्वाचन 2023 में तैनात 1369 पुलिस कर्मी व अतिथि शिक्षक मतदान से वंचित रह गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों महत्वपूर्ण हैं पोस्टल वोट
पिछले चुनाव के परिणाम पर नजर डालें तो समझ आएगा कि पोस्टल वोट क्यों महत्वपूर्ण हैं। विधानसभा चुनाव में कई सीटें ऐसी हैं, जहां डाक मत पत्रों से बढ़ी संख्या में वोटिंग हुई है। कई सीटों पर उनकी संख्या तीन हजार के भी पार है। इसके साथ ही 2018 के चुनाव में कई सीटें ऐसी हैं, जहां पर हार जीत का अंतर एक हजार वोट का भी नहीं था। ऐसे में राजनीतिक दल इस बार पोस्टल बैलेट को लेकर पहले से और अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed