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MP Development: बढ़ेगी रोड कनेक्टिविटी, अटल और नर्मदा पथ से प्रदेश की प्रगति में लगेंगे पंख
Fri, 22 Sep 2023 06:46 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 22 Sep 2023 06:46 PM IST
सार
MP Development: मध्यप्रदेश में आने वाले समय में छह नए कॉरिडोर से रोड कनेक्टिविटी बढ़ने जा रही है। इसे आने वाले समय में प्रदेश में व्यापार में गति आएगी और आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश में अटल और नर्मदा पथ के साथ ही चार अन्य पथ से 4590 किलोमीटर सड़कों का जल बिछाया जायेगा। इससे एमपी का अन्य राज्यों से न सिर्फ सड़क संपर्क बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक विकास और व्यापार में भी तेजी आयेगी। चंबल नदी के समान्तर 395 किलोमीटर का अटल प्रगति पथ को केन्द्र सरकार ने भारतमाला परियोजना में सम्मिलित कर लिया है। इसका 310 किलोमीटर हिस्सा मध्यप्रदेश से और 85 किलोमीटर राजस्थान से गुजरेगा।
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लगभग 8000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाला यह पथ ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास में नये आयाम जोड़ेगा और नई आर्थिक गतिविधियों का रास्ता खोलेगा। वहीं, मां नर्मदा के उद्दगम स्थल अमरकंटक से अलीराजपुर होते हुए गुजरात तक 1300 किलोमीटर लंबे नर्मदा प्रगति पथ का बनाया जायेगा। इससे प्रदेश की हॉरिजॉन्टल इंडस्ट्रियल बैकबोन के रूप में देखा जा रहा है। इस परियोजना के सर्वे का कार्य पूरा हो गया है।
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भोपाल से सिंगरोली जाना होगा सुगम
राजधानी भोपाल से प्रदेश की पूर्वी सीमा के दूरस्थ अंचल सिंगरौली को जोड़ने के लिए 676 कि.मी. विंध्य एक्सप्रेस-वे को राज्य सरकार की कार्य-योजना में प्राथमिकता दी गई है। इन मार्गों के दोनों और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित कर अंचल और प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।
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दिल्ली-नागपुर इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर
देश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में 1062 कि.मी. दिल्ली-नागपुर इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का 676 कि.मी. का भाग मध्यप्रदेश से गुजरेगा। यह देश के पांच राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को जोड़ेगा। यह हाइवे आने वाले वर्धा जिले में सिंधी-डायपोर्ट को कनेक्टविटी देगा। यह भविष्य में व्यापार उद्योग और रोजगार का बड़ा केन्द्र बनेगा।
राजधानी दिल्ली को देश की आर्थिक राजधानी से जोड़ने वाले दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर देश के आर्थिक विकास में नया अध्याय बनेगा। इस 1504 कि.मी. लम्बाई वाला कॉरिडोर मध्यप्रदेश में मंदसौर से अलीराजपुर होकर गुजरेगा। राज्य के देवास, उज्जैन, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर और अलीराजपुर जिलों में औद्योगिक विकास का दृश्य बदल जायेगा। राज्य सरकार दवारा भारत सरकार के सहयोग से 1100 हेक्टेयर एरिया में उज्जैन जिले में विक्रय उद्योगपुरी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
मुम्बई-वराणासी इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर
आर्थिक राजधानी मुम्बई को आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस 1345 कि.मी. लंबाई वाले कॉरिडोर का 63 प्रतिशत हिस्सा लगभग 800 कि.मी. एरिया मध्यप्रदेश के 29 जिलों से होकर गुजरेगा। प्रदेश की लगभग 57 प्रतिशत आबादी इस कॉरिडोर से लाभांवित होगी। यह कॉरिडोर के संपर्क वाले जिलों में आर्थिक विकास नई संभावनाएं पैदा होंगी।
