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Mp:महिला अपराध को लेकर कांग्रेस का सामूहिक उपवास शुरू,कमलनाथ, दिग्विजय,पटवारी समेत बड़ी संख्या में नेता पहुंचे
Sat, 19 Oct 2024 03:59 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 19 Oct 2024 03:59 PM IST
सार
प्रदेश में महिलाओं बच्चियों पर लगातार दुष्कर्म के मामलों को लेकर कांग्रेसियों ने भोपाल में सामूहिक उपवास शुरू किया है। कमलनाथ, दिग्विजय, पटवारी, सिंघार सहित कांग्रेस के सभी नेता शामिल हुए हैं। पहली बार एमपी कांग्रेस के सभी नेता एक मंज पर पहुंचे हैं।
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सामूहिक उपवास में बैठे कांग्रेसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में महिलाओं बच्चियों पर लगातार दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं जिसे लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरती नजर आ रही है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं ने एक अलग तरीके सरकार को घेरने की कोशिश की है। रोशनपुरा चौराहे में कांग्रेसियों का सामूहिक उपवास शुरू किया है। खास बात यह है कि इस उपवास में कांग्रेस के सभी बड़े नेता पहुंच कर एकता काफी संदेश दिया है। जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के सभी धड़ों के नेता और पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। जानकारी के लिए बतादें कि यह पहला मौका है जब किसी आंदोलन में कांग्रेस के सभी धड़ों के नेता एक साथ दिखाई दे रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर खड़ा कर रहे सवाल
प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिनको लेकर कांग्रेस लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश के गृह मंत्री पर निशाना साध रही है। सामूहिक उपवास में प्रदेशभर से कांग्रेसी शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा एआईसीसी महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ उपवास में शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि पीसीसी ने कार्यक्रम के लिए प्रत्येक जिलाध्यक्ष को 100-100 कार्यकर्ताओं को साथ लाने का लक्ष्य दिया है। साथ ही पीसीसी के सभी पूर्व पदाधिकारियों, प्रदेशभर के ब्लॉक अध्यक्षों, मंडल और सेक्टर अध्यक्षों समेत सभी जनप्रतिनि शामिल हैं।
महिलाओं पर अत्याचार का गढ़ बन गया मध्य प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्य प्रदेश दिन-प्रतिदिन महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। पिछले दो महीने में जिस तरह से बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार एवं सामूहिक दुष्कर्म के समाचार मीडिया में आ रहे हैं, उससे महिला सुरक्षा कोलेकर अत्यंत गंभीर खतरा खड़ा हो गया है। समाचार इतने भयानक हैं कि महू में सेना की सुरक्षा वाले इलाके में सेना अफसरों के साथ मौजूद युवतियों से बलात्कार की घटना सामने आती है। भोपाल में स्कूल में छोटी बच्ची दरिंदगी का शिकार होती हैं। छतरपुर में बलात्कारियों के हौसले इतने बढ़ जाते हैं कि वह पीड़िता के घर में घुसकर परिजनों को गोली मार देता है और खंडवा में घर के बाहर खड़ी बलात्कार पीड़िता के ऊपर आरोपी का बेटा पेट्रोल डालकर आग लगा देता है। 24 सितंबर को प्रदेश के चार शहरों जबलपुर, रीवा, मैहर और दतिया से सामूहिक बलात्कारों की खबर सामने आती है। इन सब घटनाओं के बीच मध्य प्रदेश की सरकार कुंभकरण की नींद सो रही है और महिला सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस उपाय अब तक नहीं किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज जारी बयान में यह बात कही।
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बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर
कमलनाथ ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। इस अवधि में मध्य प्रदेश में बलात्कार के 3029 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 3049 महिलाएं छेड़खानी का शिकार हुई और 1445 महिलाएं शारीरिक शोषण का शिकार हुई। प्रदेश में पोस्को से जुड़े अपराधों में 5951 मामले दर्ज किए गए इनमें से बलात्कार के 3641 मामले हैं। महिलाओं और नाबालिग से हुए बलात्कारों को देखें तो प्रदेश में हर दिन 18 बलात्कार हो रहे हैं।
बेटियां लगातार असुरक्षित बनी हुई हैं
कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा किसी भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा लगता है कि पहले शिवराज सिंह चौहान की सरकार में और अब डॉ मोहन यादव की सरकार में बेटियां लगातार असुरक्षित बनी हुई हैं।
महिला सुरक्षा के मामले जब सरकार के सामने लाए जाते हैं तो उसे पर कार्रवाई करने की बजाय भाजपा के नेता कुतर्क करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
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कानून व्यवस्था पर खड़ा कर रहे सवाल
प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिनको लेकर कांग्रेस लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश के गृह मंत्री पर निशाना साध रही है। सामूहिक उपवास में प्रदेशभर से कांग्रेसी शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा एआईसीसी महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ उपवास में शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि पीसीसी ने कार्यक्रम के लिए प्रत्येक जिलाध्यक्ष को 100-100 कार्यकर्ताओं को साथ लाने का लक्ष्य दिया है। साथ ही पीसीसी के सभी पूर्व पदाधिकारियों, प्रदेशभर के ब्लॉक अध्यक्षों, मंडल और सेक्टर अध्यक्षों समेत सभी जनप्रतिनि शामिल हैं।
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महिलाओं पर अत्याचार का गढ़ बन गया मध्य प्रदेश
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्य प्रदेश दिन-प्रतिदिन महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। पिछले दो महीने में जिस तरह से बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार एवं सामूहिक दुष्कर्म के समाचार मीडिया में आ रहे हैं, उससे महिला सुरक्षा कोलेकर अत्यंत गंभीर खतरा खड़ा हो गया है। समाचार इतने भयानक हैं कि महू में सेना की सुरक्षा वाले इलाके में सेना अफसरों के साथ मौजूद युवतियों से बलात्कार की घटना सामने आती है। भोपाल में स्कूल में छोटी बच्ची दरिंदगी का शिकार होती हैं। छतरपुर में बलात्कारियों के हौसले इतने बढ़ जाते हैं कि वह पीड़िता के घर में घुसकर परिजनों को गोली मार देता है और खंडवा में घर के बाहर खड़ी बलात्कार पीड़िता के ऊपर आरोपी का बेटा पेट्रोल डालकर आग लगा देता है। 24 सितंबर को प्रदेश के चार शहरों जबलपुर, रीवा, मैहर और दतिया से सामूहिक बलात्कारों की खबर सामने आती है। इन सब घटनाओं के बीच मध्य प्रदेश की सरकार कुंभकरण की नींद सो रही है और महिला सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस उपाय अब तक नहीं किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज जारी बयान में यह बात कही।
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बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर
कमलनाथ ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। इस अवधि में मध्य प्रदेश में बलात्कार के 3029 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 3049 महिलाएं छेड़खानी का शिकार हुई और 1445 महिलाएं शारीरिक शोषण का शिकार हुई। प्रदेश में पोस्को से जुड़े अपराधों में 5951 मामले दर्ज किए गए इनमें से बलात्कार के 3641 मामले हैं। महिलाओं और नाबालिग से हुए बलात्कारों को देखें तो प्रदेश में हर दिन 18 बलात्कार हो रहे हैं।
बेटियां लगातार असुरक्षित बनी हुई हैं
कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा किसी भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा लगता है कि पहले शिवराज सिंह चौहान की सरकार में और अब डॉ मोहन यादव की सरकार में बेटियां लगातार असुरक्षित बनी हुई हैं।
महिला सुरक्षा के मामले जब सरकार के सामने लाए जाते हैं तो उसे पर कार्रवाई करने की बजाय भाजपा के नेता कुतर्क करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
