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एमपी में फिर सक्रिय होगा मानसून: 24 सितंबर से तेज बारिश के आसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र
Mon, 21 Sep 2026 07:11 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 21 Sep 2026 07:11 AM IST
सार
मानसून की विदाई से पहले मध्यप्रदेश में एक और बारिश का दौर आने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का तंत्र 23 सितंबर से असर बढ़ा सकता है, जबकि 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश के आसार हैं। प्रदेश में अब तक 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, लेकिन सामान्य कोटे से करीब 9 प्रतिशत कमी बनी हुई है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का नया तंत्र प्रदेश में 24 सितंबर से असर दिखा सकता है। मौसम केंद्र ने इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में रिमझिम बारिश जारी रहने का अनुमान है। प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच का करीब 91 प्रतिशत है। यानी मानसूनी कोटे से अभी करीब 9 प्रतिशत बारिश कम है।
बंगाल की खाड़ी से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक निम्न दाब क्षेत्र उत्तर अंडमान सागर और आसपास बना हुआ था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। अब इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और 22 सितंबर को और अधिक मजबूत होने का अनुमान है। इसके असर से 23 सितंबर की सुबह से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।
24 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 सितंबर को छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
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32 जिलों में अब भी बारिश कम
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा पिछले कुछ दिनों में तेजी से सुधरा है, लेकिन कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी बारिश सामान्य से कम रही है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 24 प्रतिशत तक बारिश कम है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 5 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
वहीं, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया,आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
यह भी पढ़ें-होटल के लिफ्ट में फंसी वरिष्ठ आईएएस की पत्नी: 20 मिनट बाद निकाला, सुरक्षा इंतजामों में मिली कमी,तीन लिफ्ट सील
जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अभी भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद स्थिति में सुधार आया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया और कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। मानसून के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश की कमी को काफी हद तक कम किया, लेकिन जून की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। मध्यप्रदेश में मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश सामान्य मानी जाती है। अब तक 33.9 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है।
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बंगाल की खाड़ी से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक निम्न दाब क्षेत्र उत्तर अंडमान सागर और आसपास बना हुआ था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। अब इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और 22 सितंबर को और अधिक मजबूत होने का अनुमान है। इसके असर से 23 सितंबर की सुबह से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।
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24 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 सितंबर को छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यानी मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
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32 जिलों में अब भी बारिश कम
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा पिछले कुछ दिनों में तेजी से सुधरा है, लेकिन कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी बारिश सामान्य से कम रही है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 24 प्रतिशत तक बारिश कम है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 5 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
वहीं, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया,आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
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जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अभी भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद स्थिति में सुधार आया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया और कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। मानसून के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश की कमी को काफी हद तक कम किया, लेकिन जून की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। मध्यप्रदेश में मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश सामान्य मानी जाती है। अब तक 33.9 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है।
