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मिल्क मैजिक डेयरी उत्पादों में मिलावट: ईडी ने किशन मोदी को किया गिरफ्तार, 20 करोड़ की विदेशी मुद्रा अर्जित की
Mon, 16 Mar 2026 09:10 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 16 Mar 2026 09:10 PM IST
सार
भोपाल में मिलावटी डेयरी उत्पादों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी किशन मोदी को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी लैब रिपोर्ट के जरिए मिलावटी उत्पादों का निर्यात कर करीब 20.59 करोड़ रुपये कमाने का मामला सामने आया है।
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किशन मोदी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने डेयरी उत्पादों में मिलावट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में डेयरी कारोबारी किशन मोदी को गिरफ्तार किया है। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इन फर्जी रिपोर्टों के आधार पर मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर कंपनी ने लगभग 20.59 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की। यह रकम एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में मौजूद कंपनी के खातों में जमा हुई, जिसे ईडी ने अपराध से अर्जित आय माना है। ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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18 मार्च तक रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी 13 मार्च 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 (1) के तहत की गई। ईडी ने आरोपी को 14 मार्च 2026 को भोपाल स्थित विशेष अदालत (पीएमएलए) में पेश किया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए 18 मार्च 2026 तक ईडी रिमांड पर भेज दिया।
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मिलावट कर बेचे जा रहे थे डेयरी उत्पाद
ईडी की जांच में सामने आया है कि जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफ पीपीएल) नामक कंपनी ‘Milk Magic’ ब्रांड से डेयरी उत्पादों की सप्लाई करती थी। आरोप है कि कंपनी दूध की वसा (मिल्क फैट) की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर मिलावटी डेयरी उत्पाद तैयार कर रही थी।
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फर्जी लैब रिपोर्ट से ली निर्यात मंजूरी
जांच में यह भी सामने आया कि इन मिलावटी उत्पादों को केवल घरेलू बाजार में ही नहीं बल्कि कई देशों में निर्यात भी किया गया। निर्यात की अनुमति लेने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं की फर्जी परीक्षण रिपोर्ट तैयार कर एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसी (ईआईए), इंदौर में जमा कर दीं। बाद में संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर पता चला कि इनमें से कई रिपोर्ट फर्जी थीं और प्रयोगशालाओं ने जारी ही नहीं की थीं।
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18 मार्च तक रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी 13 मार्च 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 (1) के तहत की गई। ईडी ने आरोपी को 14 मार्च 2026 को भोपाल स्थित विशेष अदालत (पीएमएलए) में पेश किया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए 18 मार्च 2026 तक ईडी रिमांड पर भेज दिया।
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मिलावट कर बेचे जा रहे थे डेयरी उत्पाद
ईडी की जांच में सामने आया है कि जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफ पीपीएल) नामक कंपनी ‘Milk Magic’ ब्रांड से डेयरी उत्पादों की सप्लाई करती थी। आरोप है कि कंपनी दूध की वसा (मिल्क फैट) की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर मिलावटी डेयरी उत्पाद तैयार कर रही थी।
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फर्जी लैब रिपोर्ट से ली निर्यात मंजूरी
जांच में यह भी सामने आया कि इन मिलावटी उत्पादों को केवल घरेलू बाजार में ही नहीं बल्कि कई देशों में निर्यात भी किया गया। निर्यात की अनुमति लेने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं की फर्जी परीक्षण रिपोर्ट तैयार कर एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसी (ईआईए), इंदौर में जमा कर दीं। बाद में संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर पता चला कि इनमें से कई रिपोर्ट फर्जी थीं और प्रयोगशालाओं ने जारी ही नहीं की थीं।
