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मध्य प्रदेश: उज्जैन में बनेगी सीमेंस एनर्जी की बड़ी यूनिट, 2,053 करोड़ का निवेश; 1,500 से ज्यादा को रोजगार
Tue, 15 Sep 2026 07:14 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 15 Sep 2026 07:14 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में ऊर्जा उपकरण बनाने के क्षेत्र में बड़ा निवेश आने जा रहा है। सीमेंस एनर्जी इंडिया उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में पावर ट्रांसफार्मर बनाने की बड़ी इकाई लगाएगी, जिसमें करीब 2,053 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
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सीएम मोहन यादव कंपनी के पदाधिकारियों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को 60.49 एकड़ जमीन का आशय पत्र सौंपा। यह जमीन उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में दी गई है। कंपनी यहां बड़ी क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर का निर्माण करेगी। इस इकाई से 1,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर और हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को आशय पत्र सौंपा। इस दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद रहे।
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ऊर्जा उपकरण निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि, आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार निवेश परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि सीमेंस एनर्जी की यह परियोजना मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण और बिजली से जुड़े सामान के निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में आधुनिक तकनीक के साथ विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और कुशल रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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देश की बिजली जरूरतों में मिलेगी मदद
प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर बनाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल देश के बढ़ते बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क, बिजली व्यवस्था के विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में किया जा सकेगा। परियोजना से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं के लिए भी नए अवसर बनने की उम्मीद है। इससे विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सीमेंस एनर्जी इंडिया ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण और डीकार्बोनाइजेशन से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी की इंजीनियरिंग और रिसर्च क्षमताएं भी व्यापक हैं।सीमेंस एनर्जी इंडिया वर्ष 2025 में Siemens India से अलग होकर स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनी बनी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति के साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और देश की ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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ऊर्जा उपकरण निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि, आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार निवेश परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि सीमेंस एनर्जी की यह परियोजना मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण और बिजली से जुड़े सामान के निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में आधुनिक तकनीक के साथ विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और कुशल रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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देश की बिजली जरूरतों में मिलेगी मदद
प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर बनाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल देश के बढ़ते बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क, बिजली व्यवस्था के विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में किया जा सकेगा। परियोजना से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं के लिए भी नए अवसर बनने की उम्मीद है। इससे विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सीमेंस एनर्जी इंडिया ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण और डीकार्बोनाइजेशन से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी की इंजीनियरिंग और रिसर्च क्षमताएं भी व्यापक हैं।सीमेंस एनर्जी इंडिया वर्ष 2025 में Siemens India से अलग होकर स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनी बनी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति के साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और देश की ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
