टालमटोल रवैये पर शिंकजा : गडकरी ने दी शिवराज सरकार को सलाह, तीन माह में प्रोजेक्ट अप्रूव नहीं, तो सेवानिवृत्त कर दें
अपने कामकाज को लेकर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लगातार टालमटोल रवैये पर शिंकजा कसते रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार सरकारी अधिकारियों के टालमटोल रवैये से निपटने के लिए एक सलाह दी है।
गडकरी ने शिवराज सरकार को सलाह दी कि जो तय समय में प्रोजेक्ट को अप्रूव नहीं करते हैं, उनको सेवानिवृत्त कर दिया जाए ताकि तय समय पर काम पूरा किया जा सके।
ऐसे सौंपते हैं सेवानिवृत्ति का पत्र
नितिन गडकरी ने कहा, हमने अपने मंत्रालय में यह व्यवस्था की है कि यदि कोई प्रोजेक्ट तीन माह में अप्रूव नहीं होता, तो जिस अधिकारी की वजह से देरी हुई होती है, उसकी मेज पर नारियल देकर सेवानिवृत्ति का पत्र सौंप दिया जाता है।
गडकरी बोले, राज्य के प्रोजेक्ट के लिए एक माह का समय रखें
गडकरी ने यह सलाह मध्यप्रदेश के केंद्रीय सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को दी। गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए एक माह का समय रखें। तभी काम होंगे। गडकरी ने स्टेट हैंगर पर एमएसएमई क्षेत्र के कुछ उद्योगपतियों व संगठन के लोगों से भी बात की। इस दौरान, प्रोजेक्ट के अटकने की शिकायत गोविंदपुरा इंजीनियरिंग क्लस्टर के डायरेक्टर एसके पाटिल ने की थी।
गडकरी ने पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव से भी कहा कि मध्यप्रदेश सरकार यदि जमीनों का अधिग्रहण करके और वनविभाग से क्लीयरेंस लेकर दे दे, तो नेशनल हाइवे के 50 हजार करोड़ रुपए के काम मध्यप्रदेश में शुरू कर सकता हूं।
गडकरी बोले, सरकार क्या फोकट में तनख्वाह देने के लिए है
गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम सरकारी अधिकारियों पर भड़क गए थे। अधिकारियों द्वारा काम न करने की शैली पर उन्हें वेतन की याद दिलाते हुए गडकरी ने उदाहरण दिया कि ''हम गाय और भैंस घर पर पालते हैं, वो ज्यादा दूध दें, इसलिए उनको अच्छी खुराक देते हैं और खुराक देकर भी दूध ही न मिले, तो ऐसे जानवरों का उपयोग ही क्या है? अधिक अधिकारियों की आवश्यकता पर सवाल करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि क्या सरकार इसलिए है कि हम लोगों को फोकट में तनख्वाह दें, इतने अफसरों की, इतने निवेश की जरूरत क्या है?
