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मध्य प्रदेश: MP में फिर बिगड़ेगा मौसम! 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, CM ने कलेक्टरों को किया हाई अलर्ट
Fri, 04 Sep 2026 12:28 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:28 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है और कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव की तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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एमपी के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी संबंधित और संभावित प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के सभी जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखे जाएं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शुक्रवार शाम भारी बारिश की संभावना और शनिवार दोपहर उत्तरी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव अभियान शुरू किया जाए।
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अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 37.3 इंच बारिश होती है। यानी प्रदेश अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से करीब 3.1 इंच पीछे है। सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
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कुछ इलाकों में अभी भी बारिश कम
प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। वहीं बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पहले से रखी जाए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान प्रशासन किसी भी स्थिति में इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी रखे और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई करे।
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अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 37.3 इंच बारिश होती है। यानी प्रदेश अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से करीब 3.1 इंच पीछे है। सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
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कुछ इलाकों में अभी भी बारिश कम
प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। वहीं बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पहले से रखी जाए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान प्रशासन किसी भी स्थिति में इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी रखे और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई करे।
