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मध्य प्रदेश: अब कुलपति का नाम बदलेगी भाजपा, कहलाएंगे 'कुलगुरु'
Mon, 06 Sep 2021 01:44 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:44 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए डॉ. हेडगेवार और दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को अनिवार्य किया गया था। अब कुलपति का नाम बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव
- फोटो : ANI
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विस्तार
मेडिकल एजुकेशन में बड़े बदलाव के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा में भी बदलाव करने जा रही है। इसकी कवायद भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कुलपति का नाम बदलकर कुलगुरु रखने का प्रस्ताव तैयार किया है। उन्होंने इसके लिए सुझाव भी मांगे हैं।
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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कुलगुरु नाम रखने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, इसके तहत सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद इस विषय को कैबिनेट में भी भेजा जाएगा। अगर सभी की स्वीकृति बनती है तो यही नाम लागू हो जाएगा।
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मंत्री का तर्क, गले से ज्यादा उतरता है कुलगुरु
उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने तर्क दिया है कि कुलपति की तुलना में कुलगुरु लोगों के गले से ज्यादा उतरता है। उन्होंने कुलपतियों से आग्रह किया है कि इस नाम पर विचार किया जाना चाहिए।
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एमबीबीएस में अनिवार्य किए गए आरएसएस संस्थापक के विचार
इससे पहले मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव पर मेडिकल की पढ़ाई पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए आरएसएस संस्थापक डॉ. हेडगेवार, जनसंघ संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. भीम राव आंबेडकर, स्वामी विवेकानंद के विचारों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था।
