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करंट से अधिवक्ता की मौत: पांच दिन बाद भी रहस्य बरकरार, अभी तक जिम्मेदारी तय नहीं, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
Thu, 01 Oct 2026 03:35 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 01 Oct 2026 03:35 PM IST
सार
डीबी मॉल के सामने करंट लगने से अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के पांच दिन बाद भी खंभे में करंट आने की वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। कांग्रेस ने प्रदर्शन कर बिजली विभाग और नगर निगम का पुतला फूंका और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डीबी मॉल के सामने विद्युत खंभे में करंट आने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के पांच दिन बाद भी हादसे की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। खंभे में करंट कहां से आया और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, यह सवाल अब भी बना हुआ है। मामले में एसआईटी गठित होने के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं होने पर कांग्रेस ने गुरुवार को डीबी मॉल के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने बिजली विभाग और नगर निगम का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस महासचिव संजीव सक्सेना ने कहा कि शहर के सबसे व्यस्त और पॉश व्यावसायिक इलाकों में शामिल डीबी मॉल के सामने सड़क पार करते समय खंभे में करंट आने से एक होनहार युवा की जान चली गई। उन्होंने कहा कि जिस जगह हजारों लोगों की आवाजाही होती है, वहां खंभे में करंट आना गंभीर लापरवाही है। पांच दिन बाद भी यह पता नहीं चल पाया कि खंभे के रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की थी।
जिम्मेदारी पता करने के लिए एसआईटी की जरूरत नहीं
सक्सेना ने कहा कि खंभे में करंट आने की वजह और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी पता करना कोई ऐसा काम नहीं है, जिसके लिए लंबी जांच की जरूरत पड़े। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बिजली विभाग, नगर निगम, स्मार्ट सिटी या किसी दूसरी एजेंसी की हो सकती है, लेकिन सरकार को तत्काल यह स्पष्ट करना चाहिए कि खंभे में करंट कैसे आया और किसकी लापरवाही से हादसा हुआ। उन्होंने दिव्यऋषि तिवारी के मामले में जिम्मेदारी तय कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सक्सेना ने कहा कि यह मामला आगे के लिए नजीर बनना चाहिए, ताकि शहर में किसी और की जान बिजली व्यवस्था की लापरवाही की वजह से न जाए।
कॉलोनियों और बस्तियों में भी करंट के हादसों का मुद्दा
सक्सेना ने कहा कि शहर में कई जगह बिजली के खुले तार, खराब खंभे और हाई वोल्टेज की शिकायतें सामने आती हैं। गरीब बस्तियों और कॉलोनियों में भी करंट लगने से हादसे होते हैं। उन्होंने सरकार से बिजली व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही रोकने की मांग की।
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यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून की विदाई अब करीब: बारिश का कोटा चार फीसदी कम, तीस जिलों में कमी, आज आठ जिलों में बूंदाबांदी
मांगें नहीं मानीं तो सड़क पर उतरेंगे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल राठौर ने कहा कि सरकार जिम्मेदारी तय करने के बजाय जांच की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि एक छोटे से मामले में भी जिम्मेदारी तय नहीं हो पाना गंभीर लापरवाही है। लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। राठौर ने कहा कि यदि कांग्रेस की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों विभागों का पुतला फूंका। कांग्रेस ने मांग की कि दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में जल्द जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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जिम्मेदारी पता करने के लिए एसआईटी की जरूरत नहीं
सक्सेना ने कहा कि खंभे में करंट आने की वजह और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी पता करना कोई ऐसा काम नहीं है, जिसके लिए लंबी जांच की जरूरत पड़े। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बिजली विभाग, नगर निगम, स्मार्ट सिटी या किसी दूसरी एजेंसी की हो सकती है, लेकिन सरकार को तत्काल यह स्पष्ट करना चाहिए कि खंभे में करंट कैसे आया और किसकी लापरवाही से हादसा हुआ। उन्होंने दिव्यऋषि तिवारी के मामले में जिम्मेदारी तय कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सक्सेना ने कहा कि यह मामला आगे के लिए नजीर बनना चाहिए, ताकि शहर में किसी और की जान बिजली व्यवस्था की लापरवाही की वजह से न जाए।
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कॉलोनियों और बस्तियों में भी करंट के हादसों का मुद्दा
सक्सेना ने कहा कि शहर में कई जगह बिजली के खुले तार, खराब खंभे और हाई वोल्टेज की शिकायतें सामने आती हैं। गरीब बस्तियों और कॉलोनियों में भी करंट लगने से हादसे होते हैं। उन्होंने सरकार से बिजली व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही रोकने की मांग की।
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मांगें नहीं मानीं तो सड़क पर उतरेंगे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल राठौर ने कहा कि सरकार जिम्मेदारी तय करने के बजाय जांच की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि एक छोटे से मामले में भी जिम्मेदारी तय नहीं हो पाना गंभीर लापरवाही है। लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। राठौर ने कहा कि यदि कांग्रेस की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों विभागों का पुतला फूंका। कांग्रेस ने मांग की कि दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में जल्द जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
