फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Kuno Cheetah Death: 6 Forest Staff Suspended, Including 2 Rangers; 2 Accused Arrested

एमपी: कूना में चीते की मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो रेंजर समेत छह वनकर्मी सस्पेंड, दो आरोपी गिरफ्तार

Sat, 31 Oct 2026 08:38 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 31 Oct 2026 08:38 AM IST
सार

कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक KNG22 की गोली लगने से मौत के मामले में वन विभाग ने दो रेंजर समेत छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मुरैना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किए हैं। घटना ने प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

विज्ञापन
Kuno Cheetah Death: 6 Forest Staff Suspended, Including 2 Rangers; 2 Accused Arrested
चीता (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

विस्तार

कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के नर चीते KNG22 की गोली लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और तीन वनरक्षकों सहित छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुरैना पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संरक्षित वन क्षेत्र में हथियार लेकर पहुंचे लोगों को रोकने में सुरक्षा तंत्र कैसे नाकाम रहा। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- त्विषा शर्मा केस: भोपाल से दिल्ली ट्रायल ट्रांसफर करने के पक्ष में सीबीआई, गवाहों को धमकाने की आशंका जताई
विज्ञापन


25 अक्टूबर को घायल मिला था चीता
मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई, जब श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में चीता शावक KNG22 गंभीर रूप से घायल मिला था। शुरुआती जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसके शरीर में बाहरी वस्तुएं होने की पुष्टि हुई। बेहतर इलाज के लिए उसे जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय भेजा गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- एमपी: कूनो में चीते की गोली लगने से मौत के बाद उठे पुराने मामलों पर सवाल, NTCA से आठ बिंदुओं पर जांच की मांग


ऑपरेशन में निकले पांच छर्रे, नहीं बच सकी जान
जबलपुर में सीटी स्कैन से पता चला कि चीते के आंतरिक अंगों के साथ मांसपेशियों, हड्डियों और तंत्रिका तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था। आपातकालीन सर्जरी के दौरान उसके शरीर से पांच गोलियों के छर्रे निकाले गए। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर की सुबह उसकी मौत हो गई। जांच में यह मामला सामान्य वन्यजीव संघर्ष के बजाय गोली मारकर किए गए हमले का निकला। 

ये भी पढ़ें- एमपी शादी सहायता योजना घोटाला: पूर्व मंत्री के साढ़ू की 5.37 करोड़ की संपत्ति अटैच, ईडी की कार्रवाई

कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
छह वनकर्मियों के निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी की पड़ताल की जा रही है। जांच का अहम बिंदु यह है कि जंगल के संवेदनशील इलाके में संदिग्धों की आवाजाही पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा सकी। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने मामले की सीबीआई जांच कराने और कूनो के फील्ड डायरेक्टर तथा डीएफओ को हटाने की मांग की है। 

ये भी पढ़ें-  71वें स्थापना दिवस पर मध्यप्रदेश का उत्सव: भोपाल में तीन दिन मचेगी धूम, मोनाली ठाकुर और मामे खान बांधेंगे समां

केंद्र की टीम भी कर रही जांच
चीते की मौत को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय टीम भेजी थी। राज्य सरकार ने भी वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को शामिल कर विशेष जांच दल बनाया है। करीब 79 साल बाद भारत में किसी चीते की गोली मारकर हत्या की इस घटना ने देश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed