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एमपी शादी सहायता योजना घोटाला: पूर्व मंत्री के साढ़ू की 5.37 करोड़ की संपत्ति अटैच, ईडी की कार्रवाई

Fri, 30 Oct 2026 07:19 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 30 Oct 2026 07:19 PM IST
सार

मध्यप्रदेश की शादी सहायता योजना में कथित गड़बड़ी के मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू शोभित त्रिपाठी की 5.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, सिरोंज में सीईओ रहते हुए 5923 संदिग्ध प्रकरणों में 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी राशि वितरित की गई थी।

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MP Marriage Aid Scam: ED Attaches ₹5.37 Crore Assets of Former Minister’s Brother-in-Law
ईडी की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश की विवाह सहायता योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के भोपाल जोनल कार्यालय ने 5.37 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगियों से जुड़े मामले में की गई है। त्रिपाठी जनपद पंचायत सिरोंज में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत रहे थे। ईडी की 30 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार की विवाह सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। आरोप है कि सिरोंज जनपद पंचायत में वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच सीईओ रहते हुए शोभित त्रिपाठी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 5923 संदिग्ध विवाह सहायता प्रकरणों में करीब 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी राशि स्वीकृत और वितरित की।
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फर्जी दस्तावेजों से हासिल की सरकारी सहायता
ईडी की जांच में सामने आया कि योजना का लाभ लेने के लिए अपात्र हितग्राहियों के फर्जी आवेदन और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। कथित तौर पर अपात्र लोगों के नाम पर बैंक खाते खोले गए और उनकी जानकारी के बिना सरकारी राशि इन खातों में जमा कराई गई। इसके बाद रकम को कई किस्तों में नकद निकाल लिया गया। जांच में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी ऐसे लोगों को सहायता दिए जाने की बात सामने आई, जबकि उस अवधि में सार्वजनिक विवाह प्रतिबंधित थे।
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ईओडब्ल्यू की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), भोपाल ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जांच शुरू की। ईडी ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों में शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू के नाम की अचल संपत्तियां शामिल हैं। मामले में तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले। ईडी के अनुसार, शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर 2026 को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
 
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