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प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार: 15 लाख अपात्रों के नाम हटाए, ई-केवायसी से जुड़ेंगे नए लाभार्थी
Mon, 12 May 2025 08:14 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 12 May 2025 08:14 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। अब तक करीब 15 लाख ऐसे हितग्राहियों को हटाया जा चुका है जो चार माह से राशन लेने नहीं पहुंचे थे।
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निशुल्क राशन वितरण (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में सुधार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में राज्य सरकार ने अपात्र लाभार्थियों के नामों की छानबीन शुरू की है, जिससे योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। अब तक 15 लाख ऐसे हितग्राही चिह्नित किए गए हैं, जो चार महीने से राशन लेने नहीं आए हैं। इन नामों को सूची से हटा दिया गया है। इसके स्थान पर नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि योजना से मिलने वाला निशुल्क खाद्यान्न केवल जरूरतमंदों तक पहुंचे। प्रदेश में अभी भी 83 लाख लोगों की ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस प्रक्रिया के तहत, लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन से की जा रही है, जिससे अपात्रों के नाम सूची से हटाए जा सकें और नए पात्र हितग्राहियों को शामिल किया जा सके।
हर माह 2.90 लाख टन खाद्यान्न वितरण
राज्य सरकार हर महीने करीब 2.90 लाख टन खाद्यान्न वितरित करती है, जिसमें 1.74 लाख टन चावल और 1.16 लाख टन गेहूं शामिल है। खाद्य सुरक्षा योजना में सुधार के तहत, सरकार ने गेहूं के कोटे में वृद्धि और चावल के कोटे में कमी की सिफारिश केंद्र से की है, क्योंकि गेहूं की खरीदी अब पूरी हो चुकी है।
अपात्रों को राशन मिलने देने की शिकायतें
खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों को राशन मिलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस प्रक्रिया को लागू किया है। इसके तहत अब प्रत्येक लाभार्थी की पहचान को आधार कार्ड के जरिए सत्यापित किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल पात्र परिवारों को ही राशन मिल सके।
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साढ़े चार लाख लाभार्थी नहीं आ रहे राशन लेने
यह जानकारी भी सामने आई है कि करीब 4.5 लाख ऐसे हितग्राही हैं, जो पिछले चार महीनों से राशन लेने केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए या फिर उनका निधन हो चुका है। इन सभी के नाम भी सूची से हटा दिए जाएंगे।
समग्र डेटा के जरिए सुधार
सरकार ने इस छानबीन के लिए समग्र डेटा का उपयोग किया है, ताकि हर परिवार की सही जानकारी सुनिश्चित की जा सके और लाभार्थियों की सूची को अपडेट किया जा सके। इस पहल के जरिए, प्रदेश में खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और इससे अपात्रों को मिलने वाली सुविधाएं रोकी जा सकेंगी। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से समाज के हर वर्ग के जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन देने का उद्देश्य है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
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हर माह 2.90 लाख टन खाद्यान्न वितरण
राज्य सरकार हर महीने करीब 2.90 लाख टन खाद्यान्न वितरित करती है, जिसमें 1.74 लाख टन चावल और 1.16 लाख टन गेहूं शामिल है। खाद्य सुरक्षा योजना में सुधार के तहत, सरकार ने गेहूं के कोटे में वृद्धि और चावल के कोटे में कमी की सिफारिश केंद्र से की है, क्योंकि गेहूं की खरीदी अब पूरी हो चुकी है।
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अपात्रों को राशन मिलने देने की शिकायतें
खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों को राशन मिलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस प्रक्रिया को लागू किया है। इसके तहत अब प्रत्येक लाभार्थी की पहचान को आधार कार्ड के जरिए सत्यापित किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल पात्र परिवारों को ही राशन मिल सके।
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साढ़े चार लाख लाभार्थी नहीं आ रहे राशन लेने
यह जानकारी भी सामने आई है कि करीब 4.5 लाख ऐसे हितग्राही हैं, जो पिछले चार महीनों से राशन लेने केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए या फिर उनका निधन हो चुका है। इन सभी के नाम भी सूची से हटा दिए जाएंगे।
समग्र डेटा के जरिए सुधार
सरकार ने इस छानबीन के लिए समग्र डेटा का उपयोग किया है, ताकि हर परिवार की सही जानकारी सुनिश्चित की जा सके और लाभार्थियों की सूची को अपडेट किया जा सके। इस पहल के जरिए, प्रदेश में खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और इससे अपात्रों को मिलने वाली सुविधाएं रोकी जा सकेंगी। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से समाज के हर वर्ग के जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन देने का उद्देश्य है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
