फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Honey Trap: Mishra said on the CD containing Honeytrap – Kamal Nath hid the evidence

Honey Trap: हनीट्रैप वाली सीडी पर फिर बयानबाजी, मिश्रा बोले- कमलनाथ संवैधानिक पद पर थे, उन्होंने साक्ष्य छिपाए

Thu, 12 Jan 2023 04:55 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 12 Jan 2023 04:55 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में भाजपा और संघ नेताओं की हनी ट्रैप सीडी का मामला शांत नहीं हो रहा। अब गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर पलटवार किया। कहा कि वे संवैधानिक पद पर थे। उन्होंने साक्ष्य छिपाए हैं। 

विज्ञापन
Honey Trap: Mishra said on the CD containing Honeytrap – Kamal Nath hid the evidence
नरोत्तम मिश्रा मीडिया से बातचीत करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हनी ट्रैप सीडी के मसले पर मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा था कि उनके पास भाजपा और संघ के नेताओं की सीडी है। इस पर दोनों पार्टियों में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। गुरुवार को पत्रकारों से गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर गोविंद सिंह को यह सीडी भाजपा वालों ने दी थी तो कमलनाथ ने उसे छिपाई क्यों? वह संवैधानिक पद पर थे। उन्हें तत्काल एसआईटी को देना चाहिए थी। उन्होंने साक्ष्य छिपाया। 
विज्ञापन


दरअसल, पिछले कुछ दिनों से भाजपा और कांग्रेस में हनी ट्रैप की सीडी को लेकर बवाल मचा हुआ है। आरोप लगाने के बाद ही गोविंद सिंह ने खुद जाकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से उनके घर पर मुलाकात भी की थी। इसके बाद भी मामला तूल पकड़ रहा है। कमलनाथ ने कहा था कि गोविंद सिंह को सीडी भाजपाइयों ने ही दी थी। उन्होंने भी वह सीडी देखी है। लेकिन अब उनके पास सीडी या पेन ड्राइव नहीं है। 
विज्ञापन


इस मुद्दे पर मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि अगर उन्हें सीडी दी थी तो वह संवैधानिक पद पर थे। उन्हें तत्काल एसआईटी को देनी चाहिए थी। मीडिया के सामने लाना था। न्यायालय को देना था। उन्होंने साक्ष्य छिपाया। अगर आपको मालूम था तो आपने नाम उजागर क्यों नहीं किया? कोई बात नहीं... चलो आज कर दो।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मोहन भागवत के ओवैसी वाले बयान पर 
संघ प्रमुख मोहन भागवत और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी के बीच छिड़ी जुबानी जंग पर भी मिश्रा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भागवत जी ने कहा कि हमारे अल्पसंख्यक भाइयों को कोई खतरा नहीं है। यह सच है। यह उन लोगों से कहा है, जो कहते थे कि भारत में रहने में डर लगता है। यह वह लोग थे जो टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करते थे। उन्हें संदेश दिया गया कि वास्तव में खतरा क्या है? कांग्रेस और ओवैसी जैसे लोग डर दिखाकर राजनीति करते हैं। खतरा उन लोगों से है। आज प्रधानमंत्री आवास मिल रहे हैं, तो सबको मिल रहे हैं। निशुल्क अनाज मिला तो सबको मिला। उसमें कोई भेदभाव तो नहीं हुआ। गैस के सिलेंडर मिले तो सबको मिले। जब वह सबका साथ सबका विकास कर रहे हैं तो यहां उनको पीड़ा क्यों है? 

दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिन्दू हमारी पहचान, राष्ट्रीयता और सबको अपना मानने एवं साथ लेकर चलने की प्रवृति है। इस्लाम को देश में कोई खतरा नहीं है। उसे ‘हम बड़े हैं’ का भाव छोड़ना पड़ेगा। इस पर ओवैसी ने कहा है कि आप इस्लाम से लोगों को डरा रहे हैं। भारत में मुसलमान सुपीरियर होने का कहां क्लेम कर रहा है। इसी बयान पर मिश्रा ने टिप्पणी की। 

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को तोड़ने वाला ग्रंथ कहा था। इस पर गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि शिक्षा जोड़ने का काम करती है। बिहार में अफरा-तफरी का माहौल हुआ है। पहली बार देखा गया है कि शिक्षा मंत्री ही तोड़ने का काम कर रहे हैं। धार्मिक ग्रंथ की, धार्मिक चौपाई की गलत व्याख्या कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। बिहार की स्थिति का भी वर्णन कर रही है। यह शिक्षा मंत्री जब शिक्षकों की भर्तियों पर लाठियां चली तब नहीं बोले थे, मंदिर तोड़ दिया पर एक शब्द नहीं निकला, जहरीली शराब से इतनी ज्यादा मौतें हो गई, तब भी कुछ नहीं बोले। समाज तोड़ने की बात आई तो उनके भाई खड़े हो गए। मैं इसे अच्छा नहीं मानता हूं।


केजरीवाल के विज्ञापन वाले मामले पर
गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल जी काम तो कुछ नहीं कर रहे हैं विज्ञापनों के अलावा। आप जब भी उनका भाषण सुने, तब आप देखना हमने शिक्षा को मुफ्त कर दिया। शिक्षा तो मध्यप्रदेश में भी मुफ्त है। हमारे यहां साइकिल भी मुफ्त। खाद्यान्न भी मुफ्त है। वह महिमामंडित करने के लिए इसे प्रचारित करने लगते हैं। वह भी राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन देते हैं। यह ऐसी पार्टी है जिसकी पंजाब में सरकार बने तीन महीने हुए और तीन मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया गया। एक मंत्री जेल में है। पहली बार हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा हुआ है कि मंत्री जेल में है। उसका इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है। इसके बाद भी वे मंत्री हैं। भ्रम में डालने के लिए विज्ञापन तो देना ही पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed