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भोपाल में डोल ग्यारस से होगा गणेश विसर्जन: कल से घाटों पर पहुंचेगीं प्रतिमाएं, 25 को निकलेगा बड़ा चल समारोह

Mon, 21 Sep 2026 05:46 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 21 Sep 2026 05:46 PM IST
सार

भोपाल में डोल ग्यारस से 22 सितंबर को गणेश विसर्जन का दौर शुरू होगा। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर बड़े चल समारोह निकलेंगे। नगर निगम ने प्रमुख घाटों पर क्रेन, पोकलेन, 24 घंटे गोताखोर, सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था की है, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए अस्थायी कुंड तैयार किए जा रहे हैं।

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Ganesh Visarjan in Bhopal to begin on Dol Gyaras: Idols to start arriving at the ghats tomorrow; grand process
खटलापुरा विसर्जन घाट में तैयारियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में गणेशोत्सव अब विसर्जन के दौर में पहुंच गया है। शहर में डोल ग्यारस से 22 सितंबर से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की शुरुआत होगी। इसके बाद 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर बड़े चल समारोह निकलेंगे और विसर्जन का मुख्य दौर रहेगा। प्रशासन और नगर निगम ने घाटों से लेकर सुरक्षा, सफाई और बड़ी प्रतिमाओं को पानी में उतारने तक की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार करीब 1800 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिमाएं विसर्जन स्थलों तक पहुंचेंगी।
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बड़े गणपति क्रेन से उतरेंगे, गोताखोर 24 घंटे रहेंगे
नगर निगम ने बड़े विसर्जन घाटों पर भारी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से जल में उतारने के लिए क्रेन और पोकलेन मशीनें लगाने की तैयारी की है। प्रमुख घाटों पर 24 घंटे गोताखोर तैनात रखने की व्यवस्था की जा रही है। आपात स्थिति के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी रहेगी। महापौर मालती राय ने प्रेमपुरा, कमलापति और खटलापुरा घाट का निरीक्षण कर साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा, सीढ़ियों की मरम्मत और विसर्जन मार्गों की व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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छोटी प्रतिमाओं के लिए अलग कुंड
घर और छोटे पंडालों की प्रतिमाओं के लिए शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार किए जा रहे हैं। नगर निगम ने लोगों से छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए इन कुंडों का इस्तेमाल करने की अपील की है। निगम के मुताबिक इन कुंडों में नर्मदा और गंगा जल की व्यवस्था भी की जाएगी।
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ये रहेंगे प्रमुख विसर्जन स्थल
बड़े स्तर पर जिन पारंपरिक स्थलों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, उनमें प्रेमपुरा, कमलापति और खटलापुरा घाट प्रमुख हैं। बैरागढ़ क्षेत्र में भी विसर्जन स्थल है। नगर निगम की वैकल्पिक विसर्जन कुंड बनाने की योजना हालांकि अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। नौ स्थानों पर वैकल्पिक घाट विकसित करने की योजना में मालीखेड़ी, नीलबड़, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, संजीव नगर, हथाईखेड़ा, पांच नंबर, शाहपुरा, प्रेमपुरा और समरधा शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार इस बार इन नए स्थलों पर पूरी तरह विसर्जन व्यवस्था तैयार नहीं हो सकी है।

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25 सितंबर को सबसे बड़ा दबाव
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर बड़े चल समारोह निकलेंगे। इसी दिन शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में झांकियां और गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकलेंगी। कुछ जुलूस पुराने शहर से होते हुए कमलापति घाट की ओर जाएंगे, जबकि कुछ प्रतिमाएं भारत टॉकीज से डिपो चौराहा होते हुए प्रेमपुरा घाट की तरफ जाएंगी। पिछले वर्ष जारी पुलिस यातायात योजना में इन मार्गों पर चरणबद्ध यातायात परिवर्तन की व्यवस्था बताई गई थी। इस वर्ष के लिए अंतिम यातायात आदेश अलग से देखना जरूरी होगा।


प्लास्टिक पर चालानी कार्रवाई
नगर निगम ने विसर्जन कार्यक्रम को पॉलिथीन और प्लास्टिक मुक्त रखने पर भी जोर दिया है। गणेश समितियों से निर्माल्य और पूजन सामग्री कपड़े के थैले में लाने की अपील की गई है। प्लास्टिक का इस्तेमाल पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की बात कही गई है। पॉलिथीन मुक्त और स्वच्छ आयोजन करने वाली समितियों को पुरस्कृत करने की भी योजना है।

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अब अगले चार दिन सबसे अहम
डोल ग्यारस से शुरू होने वाले विसर्जन के साथ ही भोपाल में अगले कुछ दिन धार्मिक आयोजनों के साथ यातायात और सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेंगे। 22 सितंबर से शुरुआती विसर्जन, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का बड़ा चल समारोह और उसके बाद भी विसर्जन का दौर जारी रहने की तैयारी है। प्रशासन का फोकस घाटों पर सुरक्षा, बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन, सफाई और भीड़ प्रबंधन पर है।
 
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