फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   evenue Corruption Crackdown: CS Warns Collectors of Removal Over Delays in Swamitva Scheme

राजस्व कार्यों में भ्रष्टाचार पर एक्शन: स्वामित्व योजना में काम नहीं होने पर जााएगी कलेक्टरी, सीएस का अल्टीमेट

Fri, 09 Oct 2026 04:57 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 09 Oct 2026 04:57 AM IST
सार

स्वामित्व योजना का काम नहीं करा पाने पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। वहीं, रिश्वतखोरी के मामलों में सतना, जबलपुर समेत पांच जिलों के पटवारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है।

विज्ञापन
evenue Corruption Crackdown: CS Warns Collectors of Removal Over Delays in Swamitva Scheme
वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्व के कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में जिला स्तर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में रिश्वत के आरोपी पटवारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्रवाई लोकायुक्त में दर्ज शिकायत, जांच में सामने आए तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। वहीं, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कलेक्टरों को स्वामित्व योजना में काम कराने के लिए अल्टीमेटम दिया है। सीएस ने कहा कि सात दिन में काम कराओ, नहीं तो भोपाल बुलाया जाएगा। 
विज्ञापन

गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बर्णवाल ने कलेक्टरों से कहा कि सात दिन में स्वामित्व योजना में काम कराओ। उन्होंने कहा कि यदि काम नहीं करा पाते है तो भोपाल बुला लिया जाएगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि काम दिखना चाहिए। इधर, पटवारियों के स्वामित्व योजना का काम नहीं करने के बीच नामांतरण, बंटवारे और अन्य राजस्व कार्यों में रिश्वतखोरी के मामलों में भी सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है।  
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  एमपी: किशोर कुमार सम्मान से नवाजे जाएंगे 'पंचायत' के प्रधान जी रघुवीर यादव, 13 अक्टूबर को खंडवा में अलंकरण
विज्ञापन
विज्ञापन


पटवारियों पर मुकदमों की मंजूरी
सतना, जबलपुर, नर्मदापुरम, सीहोर और भोपाल के पांच पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है। इनमें लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से जुड़े मामले भी शामिल हैं। सतना के तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी पर नामांतरण और बंटवारे के लिए 15 हजार रुपये मांगने और पांच हजार रुपये लेते पकड़े जाने का आरोप है। जबलपुर के पटवारी सनी द्विवेदी पर चार बीघा भूमि के नामांतरण के लिए 15 हजार रुपये मांगने और 13 हजार रुपये लेते पकड़े जाने का मामला है। सीहोर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर पर भूमि नामांतरण के लिए आठ हजार रुपये मांगने का आरोप है। भोपाल के कोलार क्षेत्र के पटवारी मंगलेश खंडेलवाल पर मकान के नामांतरण और लीज रिन्यू के एवज में आठ हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। नर्मदापुरम के पटवारी देवेंद्र सहारिया के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति दी गई है। 

ये भी पढ़ें-  एमपी में पटवारियों पर शिकंजा: नौकरी गई, निलंबन और नोटिस के बीच रिश्वत के मामलों में भी कार्रवाई

योजना के खिलाफ नहीं, भूमिका स्पष्ट करने की मांग
वहीं, पटवारियों के सघ का कहना है कि उनकी आपत्ति स्वामित्य योजना के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक योजना से ग्रामीणों को संपत्ति का रिकॉर्ड मिल रहा है और बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का रास्ता भी आसान हो रहा है। उनकी मांग है कि दस्तावेज का निष्पादन कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीओ/एसडीएम या शासन द्वारा विधि-सम्मत रूप से अधिकृत सक्षम अधिकारी से कराया जाए। साथ ही पटवारियों की मैदानी और अभिलेखीय भूमिका स्पष्ट रखते हुए उन्हें लिखित मार्गदर्शन और कानूनी संरक्षण दिया जाए। उनका कहना है कि जिस काम की वैधानिक अधिकारिता स्पष्ट नहीं है, उसमें व्यक्तिगत कानूनी जवाबदेही लेकर हस्ताक्षर करना उचित नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed