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भोपाल में निकला डोल ग्यारस का जुलूस: पुराने शहर में उमड़ी भीड़, अलग-अलग समाजों की झांकियां हुईं शामिल
Tue, 22 Sep 2026 07:30 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:30 PM IST
सार
डोल ग्यारस पर मंगलवार को भोपाल के पुराने शहर में भोपाल के राजा और दूल्हे राजा की प्रतिमाओं के साथ भव्य जुलूस निकला। अहिल्याबाई होल्कर, नीम करोली बाबा और महात्मा गांधी के रूप में सजे कलाकारों ने आकर्षण बढ़ाया।
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डोल ग्यारस पर निकला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डोल ग्यारस के मौके पर मंगलवार को भोपाल के पुराने शहर में भव्य जुलूस निकाला गया। पीपल चौक स्थित जामा मस्जिद के पास से शुरू हुए जुलूस में भोपाल के राजा और दूल्हे राजा की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। इनके साथ अलग-अलग समाजों के डोल और झांकियां भी शामिल हुईं।जुलूस में धार्मिक और ऐतिहासिक पात्रों के रूप में सजे कलाकारों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। कोई नीम करोली बाबा, तो कोई अहिल्याबाई होल्कर और महात्मा गांधी के रूप में नजर आया। कलाकारों ने रास्ते में करतब और वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति भी दी। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
सबसे आगे रही भोपाल के राजा की प्रतिमा
जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रही। इसके बाद विभिन्न समाजों के डोल, झांकियां और कलाकारों के दल शामिल हुए। दुल-दुल घोड़ी नृत्य और कलाकारों के करतब भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। जामा मस्जिद से रवाना हुआ जुलूस पीरगेट की ओर बढ़ा और पुराने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। यहां शाम करीब सात बजे जुलूस के समापन हुआ।
इन रास्तों से होकर गुजरा जुलूस
जुलूस चौक बाजार से लखेरापुरा, भवानी मंदिर, पीरगेट, सेफिया कॉलेज रोड, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी पानी की टंकी, जुमेराती गेट, सराफा चौक, इब्राहिमपुरा, रंजन पेन कॉर्नर, सुल्तानिया रोड, बुधवारा, तलैया काली मंदिर, लिली टॉकीज चौराहा और पुलिस मुख्यालय तिराहे से होते हुए खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा।
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यह भी पढ़ें-भोपाल में 2 हजार डंपरों का चक्का जाम: 4 लाख के जुर्माने पर थाने तक पहुंचा विरोध, कल सड़क रोकने की चेतावनी
दोपहर से बदली यातायात व्यवस्था
जुलूस को देखते हुए पुराने शहर में दोपहर एक बजे से यातायात व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से बदली गई। जुलूस जिस मार्ग से गुजरा, वहां जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश रोका गया। पीरगेट, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी, सुल्तानिया रोड, खटलापुरा और तलैया काली मंदिर के आसपास यातायात प्रभावित रहा। पुराने शहर और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
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सबसे आगे रही भोपाल के राजा की प्रतिमा
जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रही। इसके बाद विभिन्न समाजों के डोल, झांकियां और कलाकारों के दल शामिल हुए। दुल-दुल घोड़ी नृत्य और कलाकारों के करतब भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। जामा मस्जिद से रवाना हुआ जुलूस पीरगेट की ओर बढ़ा और पुराने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। यहां शाम करीब सात बजे जुलूस के समापन हुआ।
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इन रास्तों से होकर गुजरा जुलूस
जुलूस चौक बाजार से लखेरापुरा, भवानी मंदिर, पीरगेट, सेफिया कॉलेज रोड, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी पानी की टंकी, जुमेराती गेट, सराफा चौक, इब्राहिमपुरा, रंजन पेन कॉर्नर, सुल्तानिया रोड, बुधवारा, तलैया काली मंदिर, लिली टॉकीज चौराहा और पुलिस मुख्यालय तिराहे से होते हुए खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा।
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दोपहर से बदली यातायात व्यवस्था
जुलूस को देखते हुए पुराने शहर में दोपहर एक बजे से यातायात व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से बदली गई। जुलूस जिस मार्ग से गुजरा, वहां जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश रोका गया। पीरगेट, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी, सुल्तानिया रोड, खटलापुरा और तलैया काली मंदिर के आसपास यातायात प्रभावित रहा। पुराने शहर और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
