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Bhopal: परिवहन का बजट 200 करोड का घोटाला 5 हजार करोड़, कांग्रेस ने लोकायुक्त को सौंपे घोटाले से जुड़े दस्तावेज
Mon, 17 Mar 2025 03:41 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 17 Mar 2025 03:41 PM IST
सार
Lokayukta: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि परिवहन का बजट 150-200 करोड रुपए का है और घोटाला हजारों करोड़ का होता है। सरकार बताए कि इस मामले में बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई कब होगी। कांग्रेस विधायकों ने लोकायुक्त से भेंट कर जांच की मांग की है।
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लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे कांग्रेस विधायक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश केनेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि परिवहन का बजट 150-200 करोड रुपए का है और घोटाला हजारों करोड़ का होता है। सरकार बताए कि इस मामले में बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई कब होगी। कांग्रेस विधायकों ने लोकायुक्त से भेंट कर जांच की मांग की है। सिंघार के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त से भेंट की और मंत्री गोविंद राजपूत सहित परिवहन घोटाले की जांच की मांग की। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश लोकायुक्त को मंत्री गोविंद राजपूत की हजारों करोड़ की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी सौंपे।
कांग्रेस विधायकों ने की जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों ने लोकायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें कहा गया है कि गोविन्द सिंह राजपूत मंत्री मध्य प्रदेश शासन के द्वारा लोकसेवक के पद पर रहते हुये भ्रष्टाचार कर अपने स्वयं एवं पत्नि तथा पुत्रों, रिश्तेदारो एवं अन्य लोगों के नाम से सैकडों एकड़ जमीन अवैध लेनदेन कर खरीदने एवं बेनामी अवैध संव्यवहार की जांच किए जाने एवं सम्पत्ति अटैच करने की मांग की गई।
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करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी के प्रमाण दिए
इस दौरान उमंग सिंघार ने कहा कि परिवहन का बजट 150- 200 करोड रुपए का है और घोटाला 5 हजार करोड़ का होता है। उन्होंने कहा कि सोने की ईंट मिल रही है, यह किसकी है जांच एजेंसी बता नहीं पा रही हैं। उमंग सिंघार ने ये भी कहा कि इसमें करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी गई, जिसके प्रमाण हमने लोकायुक्त को दिए हैं और लोकायुक्त ने जांच करने का आश्वासन दिया है।
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प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि परिवहन घोटाले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की खबरें सामने आयी हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है जो प्रदेश की जनता की कमाई का दुरुपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तीन महीने हो चुके हैं मगर अब भी जांच ऐजेंसियों के हाथ खाली हैं और सरकार इसपर लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत उनकी पत्नी, बच्चों और संजय श्रीवास्तव, संजय डांडे जैसे लोगों ने करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई है इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार से भी सवाल किया कि इस घोटाले में शामिल बड़े मगरमच्छों के खिलाफ कार्यवाही कब होगी।
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कांग्रेस विधायकों ने की जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों ने लोकायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें कहा गया है कि गोविन्द सिंह राजपूत मंत्री मध्य प्रदेश शासन के द्वारा लोकसेवक के पद पर रहते हुये भ्रष्टाचार कर अपने स्वयं एवं पत्नि तथा पुत्रों, रिश्तेदारो एवं अन्य लोगों के नाम से सैकडों एकड़ जमीन अवैध लेनदेन कर खरीदने एवं बेनामी अवैध संव्यवहार की जांच किए जाने एवं सम्पत्ति अटैच करने की मांग की गई।
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करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी के प्रमाण दिए
इस दौरान उमंग सिंघार ने कहा कि परिवहन का बजट 150- 200 करोड रुपए का है और घोटाला 5 हजार करोड़ का होता है। उन्होंने कहा कि सोने की ईंट मिल रही है, यह किसकी है जांच एजेंसी बता नहीं पा रही हैं। उमंग सिंघार ने ये भी कहा कि इसमें करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी गई, जिसके प्रमाण हमने लोकायुक्त को दिए हैं और लोकायुक्त ने जांच करने का आश्वासन दिया है।
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प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि परिवहन घोटाले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की खबरें सामने आयी हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है जो प्रदेश की जनता की कमाई का दुरुपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तीन महीने हो चुके हैं मगर अब भी जांच ऐजेंसियों के हाथ खाली हैं और सरकार इसपर लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत उनकी पत्नी, बच्चों और संजय श्रीवास्तव, संजय डांडे जैसे लोगों ने करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई है इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार से भी सवाल किया कि इस घोटाले में शामिल बड़े मगरमच्छों के खिलाफ कार्यवाही कब होगी।
