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Bhopal: सरकारी स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर लगेगा प्रतिबंध, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की तैयारी तेज

Fri, 23 May 2025 07:20 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 23 May 2025 07:20 PM IST
सार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। इस वर्ष प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए नया पोर्टल तैयार किया जा रहा है। 

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Bhopal: Teachers who remain absent from government schools will be banned, preparations for online attendance
डीपीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। दरअसल शिक्षा विभाग इस वर्ष प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। लगातार आरोप लग रहे थे कि करीब 20 हजार शिक्षक स्कूलों में नहीं जाते। खुद स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस बात को स्वीकार किया था कि उनके ही जिले की कई शिक्षक सालों से स्कूल नहीं जाते हैं। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष ऐसे शिक्षकों पर प्रतिबंध लगाने के लिए 15 जून से शुरू हो रहे सत्र में ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए नया पोर्टल तैयार कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 15 जून से यह पोर्टल काम करने लगेगा। हालांकि शिक्षकों का इसमें विरोध भी है उनका कहना है कि विभाग द्वारा अलग-अलग जगह ड्यूटी लगाई जाती है उस दौरान शिक्षक स्कूल में नहीं पहुंच पाते ऐसे में उनके अटेंडेंस कैसे लग पाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय की कमिश्नर शिल्पा गुप्ता ने बताया कि हमारी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। 15 जून से शुरू हो रहे सत्र में स्कूलों में शिक्षको की ई-अटेंडेंस शुरू की जाएगी। 
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प्रदेश में शिक्षकोंं की स्थिती
1- हायर सेकंडरी स्कूल    4,000
2- हाईस्कूल                  5,000
3- मिडिल-प्रायमरी        90,000
4- टीचर स्कूल शिक्षा     2, 80,000
5- ट्रायबल शिक्षक       1, 00000

पहले एम शिक्षा मित्र पर अटेंडेंस लगाने की थी तैयारी
जब यह तैयारी शुरू हुई थी तो कहा गया था कि पहले से संचालित एम शिक्षा मित्र पर टीचरों की ऑनलाइन अटेंडेंस लगाई जाएगी। अब विभाग ने निर्णय बदला है। विद्यालयों के समस्त रिकार्ड को संग्रहित करने के लिए विभाग ने जिस नवीन 3.0 पोर्टल को लांच किया है। उसी के माध्यम से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगवाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए एक्सपर्ट की टीम काम कर रही है। यह काम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे समय सीमा में कर लिया जाएगा।
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ऑनलाइन अटेंडेंस से शिक्षकों की परेशानी
शिक्षक संगठनों का कहना है कि विभाग आए दिन शिक्षको को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाता है। अब जब शिक्षक दूसरे काम करेगा तो वह कैसे समय पर स्कूलों में पहुंच पाएगा। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में अनेक ऐसे क्षेत्र है, जहां इंटरनेट की दिक्कत है। विभाग को इन समस्याओं का समाधान पहले करना होगा।

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20 हजार शिक्षक कई सालों से गायब
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 20 हजार पिछले कई सालों से स्कूलों में नहीं पहुंच पहुंचे हैं। ये शिक्षक दूसरे काम में लगे हैं जैसे मतदाता सूची में कार्य के नाम पर अनेक शिक्षक, कलेक्टर, जिला पंचायतों और तहसील कार्यालयों में पिछले पांच साल से बाबूगिरी कर रहे है। बड़ी संख्या में शिक्षक राज्य शिक्षा केन्द्र, लोक शिक्षण संचालनालय, जिला शि अधिकारी, डीपीस एवं बीआरसीसी जैसे कार्यों में अटैच होकर सेवाएं दे रहे है। कई शिक्षक सांसदों, मंत्रियों एवं विधायकों के इधर काम कर रहे है। यह शिक्षक कक्षाओं से दूर है। ऐसे शिक्षकों की स्कूल स्पॉट पर ऑनलाइन अटेंडेंस नही लगी तो इनका वेतन नहीं बनेगा।






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