{"_id":"6919be8fbe74c1601901b6a2","slug":"bhopal-police-advisory-big-fraud-in-the-name-of-sir-form-beware-of-those-asking-for-otp-or-apk-file-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल पुलिस की एडवाइजरी: SIR फॉर्म के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी, OTP या APK फाइल मांगने वालों से सावधान रहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल पुलिस की एडवाइजरी: SIR फॉर्म के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी, OTP या APK फाइल मांगने वालों से सावधान रहें
Sun, 16 Nov 2025 05:43 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 16 Nov 2025 05:43 PM IST
सार
भोपाल में साइबर ठगों ने अब SIR फॉर्म के नाम पर नई चाल चल दी है। मतदाता सूची अपडेट के बहाने लोगों से OTP और खतरनाक APK फाइल इंस्टॉल कराकर डेटा और पैसे चुराने के मामले बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों को सख्त अलर्ट जारी किया है।
विज्ञापन
साइबर अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ रहे एक नए फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस कमिश्नरेट भोपाल की साइबर क्राइम ब्रांच ने नागरिकों को अलर्ट किया है। मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के नाम पर साइबर ठग लोगों से OTP और मोबाइल में फर्जी APK फाइल इंस्टॉल कराकर बैंक खाते, फोटो, मैसेज और UPI डेटा चोरी कर रहे हैं। पुलिस ने इसे गंभीर साइबर जोखिम बताते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
कैसे हो रही है ठगी
साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर कॉल करते हैं और कहते हैं कि SIR फॉर्म अपडेट के लिए OTP भेजा गया है। इसके बाद वे SIR.apk नाम की संदिग्ध फाइल इंस्टॉल कराने की कोशिश करते हैं, जिससे मोबाइल में मालवेयर पहुंच जाता है। यह मालवेयर फोन के संपर्क, फोटो, SMS, बैंकिंग ऐप, सोशल मीडिया और UPI लॉगिन तक की जानकारी चोरी कर सकता है।
OTP किसी भी हालत में साझा न करें
एडवाइजरी में कहा गया है कि SIR फॉर्म में मोबाइल नंबर देना सुरक्षित है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति से आया कॉल, व्हाट्सऐप या SMS पर OTP कभी न बताएं। यदि कॉल करने वाला दबाव बनाए या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- दवाओं से प्रदूषित पानी बना नया खतरा, एम्स भोपाल ने खोला MP-CG में बढ़ती हेल्थ इमरजेंसी का सच
सरकारी एजेंसियां कभी OTP या APK नहीं मांगतीं
पुलिस ने दोहराया है कि कोई भी सरकारी विभाग कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से न OTP मांगता है और न ही कोई एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस साइबर धोखाधड़ी के बारे में अपने परिवार और परिचितों को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी अपराधियों का शिकार न बने।
यह भी पढ़ें-इज्तिमा अंतिम पड़ाव पर, कल से लौटेंगे देश-विदेश के जमाती, मौलाना बोले- जो अल्लाह चाहता है वही होता है
शिकायत कहां करें
यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हो जाए या प्रयास हो—
- भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1930
- वेबसाइट: cybercrime.gov.in
विज्ञापन
कैसे हो रही है ठगी
साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर कॉल करते हैं और कहते हैं कि SIR फॉर्म अपडेट के लिए OTP भेजा गया है। इसके बाद वे SIR.apk नाम की संदिग्ध फाइल इंस्टॉल कराने की कोशिश करते हैं, जिससे मोबाइल में मालवेयर पहुंच जाता है। यह मालवेयर फोन के संपर्क, फोटो, SMS, बैंकिंग ऐप, सोशल मीडिया और UPI लॉगिन तक की जानकारी चोरी कर सकता है।
विज्ञापन
OTP किसी भी हालत में साझा न करें
एडवाइजरी में कहा गया है कि SIR फॉर्म में मोबाइल नंबर देना सुरक्षित है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति से आया कॉल, व्हाट्सऐप या SMS पर OTP कभी न बताएं। यदि कॉल करने वाला दबाव बनाए या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- दवाओं से प्रदूषित पानी बना नया खतरा, एम्स भोपाल ने खोला MP-CG में बढ़ती हेल्थ इमरजेंसी का सच
सरकारी एजेंसियां कभी OTP या APK नहीं मांगतीं
पुलिस ने दोहराया है कि कोई भी सरकारी विभाग कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से न OTP मांगता है और न ही कोई एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस साइबर धोखाधड़ी के बारे में अपने परिवार और परिचितों को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी अपराधियों का शिकार न बने।
यह भी पढ़ें-इज्तिमा अंतिम पड़ाव पर, कल से लौटेंगे देश-विदेश के जमाती, मौलाना बोले- जो अल्लाह चाहता है वही होता है
शिकायत कहां करें
यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हो जाए या प्रयास हो—
- भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1930
- वेबसाइट: cybercrime.gov.in
