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Bhopal: हमीदिया के आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ी परेशानी, बोले- 3 महीने से नहीं मिली सैलरी
Tue, 17 Dec 2024 08:17 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 17 Dec 2024 08:17 PM IST
सार
हमीदिया अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है। इसके चलते स्टॉफ ने मंगलवार सुबह से हड़ताल कर दी है। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। डीन ने उन्हें 2 दिन के भीतर सैलरी देने का वादा किया तब जाकर कम पर वापस आए।
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हड़ताल पर बैठे आउट सोर्स कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल हमीदिया हमेशा चर्चाओं में रहता है यहां कभी और डॉक्टर हड़ताल पर रहते हैं तो कभी आउटसोर्स कर्मचारी। अब यहां आउटसोर्स कर्मचारियों को 3 महीने से तनख्वाह नहीं दी गई है जिस वजह से उनका घर चलना मुश्किल हो रहा है। मंगलवार सुबह से हमीदिया अस्पताल के आउट सोर्स कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल पर बैठ गए। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। बाद में जीएमसी की डीन डॉ. कविता कुमार कर्मचारियों के पास पहुंची और उन्हें दो दिन के भीतर सैलरी देने का वादा किया जिसके बाद 2 बजे के करीब हड़ताल समाप्त कर दी गई। हड़ताल करने वालों में अस्पताल में वार्ड बॉय, कंप्यूटर ऑपरेटर और हाउस कीपिंग स्टॉफ शामिल था। इससे पहले 10 दिसंबर को 500 से अधिक वार्ड बॉय और टेक्नीशियन हड़ताल पर थे।
3 महीने से नहीं मिली सैलरी, घर चलना हो रहा मुश्किल
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि 3 महीने से सैलरी नहीं दी गई है। वह लगातार कंपनी और अस्पताल के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें तनख्वाह नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि हम लोगों को घर बार के खर्च चलाने में भारी परेशानी हो रही है। अगर हमें जल्द सैलरी नहीं दी गई तो हम यहां से कलेक्टर ऑफिस तक रैली निकाल कर प्रदर्शन करेंगे।
दीपावली में मिली थी सैलरी
गौरतलब है कि, हमीदिया अस्पताल में रोज 2500 से अधिक की ओपीडी रहती है। वहीं, 60 से अधिक ऑपरेशन होते हैं। हड़ताल के कारण इन सेवाओं पर असर पड़ जाता है। कर्मचारियों का कहा था कि दिवाली के समय तीन महीने की सैलरी बड़ी मुश्किल से दी गई थी। अब फिर से दो महीने का वेतन रोक दिया गया है। महंगाई के इस दौर में वैसे भी 8 हजार रुपए महीना मानदेय दिया जा रहा है। इसमें भुगतान में देरी हो रही है।
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इसलिए नहीं मिल रही सैलरी
गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) ने एजाइल कंपनी को पिछले तीन महीने से पेमेंट नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि जीएमसी पर 15 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम बकाया हैं। इस वजह से कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है। दो महीने पहले कर्मचारियों की हड़ताल के बाद कंपनी को 1 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था, जिससे सैलरी जारी की गई थी। हालांकि, उस समय दिवाली बोनस नहीं दिया गया। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी ने सिर्फ आश्वासन दिया था।
कर्मचारियों की मांगें
1- सैलरी हर महीने की 1 से 8 तारीख के बीच मिले।
2- बाकी का बोनस तुरंत दिया जाए और भविष्य में समय पर भुगतान हो।
3- सरकारी छुट्टी मिले और डबल ड्यूटी का भुगतान किया जाए।
4- सभी आउट सोर्स कर्मचारियों को जॉइनिंग लेटर जारी किया जाए।
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3 महीने से नहीं मिली सैलरी, घर चलना हो रहा मुश्किल
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि 3 महीने से सैलरी नहीं दी गई है। वह लगातार कंपनी और अस्पताल के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें तनख्वाह नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि हम लोगों को घर बार के खर्च चलाने में भारी परेशानी हो रही है। अगर हमें जल्द सैलरी नहीं दी गई तो हम यहां से कलेक्टर ऑफिस तक रैली निकाल कर प्रदर्शन करेंगे।
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दीपावली में मिली थी सैलरी
गौरतलब है कि, हमीदिया अस्पताल में रोज 2500 से अधिक की ओपीडी रहती है। वहीं, 60 से अधिक ऑपरेशन होते हैं। हड़ताल के कारण इन सेवाओं पर असर पड़ जाता है। कर्मचारियों का कहा था कि दिवाली के समय तीन महीने की सैलरी बड़ी मुश्किल से दी गई थी। अब फिर से दो महीने का वेतन रोक दिया गया है। महंगाई के इस दौर में वैसे भी 8 हजार रुपए महीना मानदेय दिया जा रहा है। इसमें भुगतान में देरी हो रही है।
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इसलिए नहीं मिल रही सैलरी
गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) ने एजाइल कंपनी को पिछले तीन महीने से पेमेंट नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि जीएमसी पर 15 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम बकाया हैं। इस वजह से कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है। दो महीने पहले कर्मचारियों की हड़ताल के बाद कंपनी को 1 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था, जिससे सैलरी जारी की गई थी। हालांकि, उस समय दिवाली बोनस नहीं दिया गया। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी ने सिर्फ आश्वासन दिया था।
कर्मचारियों की मांगें
1- सैलरी हर महीने की 1 से 8 तारीख के बीच मिले।
2- बाकी का बोनस तुरंत दिया जाए और भविष्य में समय पर भुगतान हो।
3- सरकारी छुट्टी मिले और डबल ड्यूटी का भुगतान किया जाए।
4- सभी आउट सोर्स कर्मचारियों को जॉइनिंग लेटर जारी किया जाए।
