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Bhopal: राष्ट्राय विज्ञान दिवस पर मुख्यमंत्री बोले- जीवन में जो रहस्य-दृश्य देखते हैं उसी का नाम विज्ञान

Fri, 28 Feb 2025 07:53 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 28 Feb 2025 07:53 PM IST
सार

National Science Day: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब जीवन के बीच जो भी रहस्य और दृश्य देखते हैं उसका नाम विज्ञान है।सीएम विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और तकनीकी का इस्तेमाल कर अपने आविष्कार प्रदर्शित करने वाले युवाओं से सवाल-जवाब किए।
 

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Bhopal: On National Science Day, the Chief Minister said- The mysterious scenes we see in life are called scie
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। सीएम ने शुक्रवार को विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और तकनीकी का इस्तेमाल कर अपने आविष्कार प्रदर्शित करने वाले युवाओं से सवाल-जवाब किए। प्रतिभा प्रदर्शन करने पहुंचे बच्चों से उन्होंने गुरुत्वाकर्षण और गुरुत्व को लेकर सवाल किए। सीएम ने बच्चों को जीवन का अर्थ बताते हुए कहा कि जीवन मिलने के बाद सब कुछ मृत्यु की ओर दौड़ रहा है। इसके लिए अर्जुन-कृष्ण संवाद का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सब कुछ चलायमान है। जीवन तो जन्म के साथ एक ही बार मिला है। हम सब जीवन के बीच जो भी रहस्य और दृश्य देखते हैं उसका नाम विज्ञान है।
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सेंटर आफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का विज्ञान भवन में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर में प्रस्तुत मॉडल तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत, सरलता से समझाने में सहायक उपकरणों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल और नवाचारों के संबंध में उनसे चर्चा की। डॉ. यादव ने टीकमगढ़ से आए प्रगतिशील कृषक पूरनलाल कुशवाहा से भेंट कर उनके द्वारा सिंचाई के लिए विकसित किए गए पवन और पानी से चलने वाले पंप का अवलोकन किया।
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साइंस टेक्नोलॉजी और वीआईटी के बीच MOU
मुख्यमंत्री ने फसल बीमा के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम, 13वें मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान सम्मेलन, विज्ञान मंथन यात्रा, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, विक्रमोत्सव-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और विज्ञान उत्सव तथा पेटेंट और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण व केंद्र स्थापना पर विकसित पोस्टरों का विमोचन किया। डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका "रचना" का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट (सीवी) रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत में विकसित खगोल शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर विद्यार्थियों से संवाद किया।
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विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास
महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अनिल कोठारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राज्य में विज्ञान के प्रति जागरूकता तथा विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखा है।


ब्रह्मांड में कई रहस्य बिखरे हुए
CM ने कहा कि भारत में जिज्ञासा और विज्ञान के आधार पर व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा रही है। पश्चिम में दूरबीन के आविष्कार के पहले से भारत में नवग्रह की पूजा की जाती रही है। भारत ने विश्व में सबसे पहले खगोल विज्ञान के अनेक सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। सीएम यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 'यत पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे' के माध्यम से सृष्टि और मानव शरीर की एकरूपता का संदेश दिया। इसी प्रकार चरैवेति-चरैवेति में समय की निरंतरता का बोध होता है। गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्राचीन भारतीय शास्त्रों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्मांड में कई रहस्य बिखरे हुए हैं, इन्हें खोजना और समस्याओं का हल करना ही विज्ञान है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

 
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