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Bhopal: बजट चर्चा में कांग्रेस ने कहा एक साल में राजकोषीय घाटे में 25% का अंतर, मंडला मामले मे किया वॉकआउट
Mon, 17 Mar 2025 08:21 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 17 Mar 2025 08:21 PM IST
सार
Budget Session: कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि 2024-25 और 2025-26 के राजकोषीय घाटे में 25% का अंतर है। सरकार मध्यप्रदेश की जनता को कितना कर्ज में डुबोएगी। कांग्रेस विधायकों ने मंडला में नक्सली एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सदन से वॉक आउट किया।
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मध्य प्रदेश विधान सभा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को विधानसभा में बजट को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि 2024-25 और 2025-26 के राजकोषीय घाटे में 25% का अंतर है। सरकार मध्यप्रदेश की जनता को कितना कर्ज में डुबोएगी। 31 मार्च 2026 तक 28 हजार 236 करोड़ रुपए कर्ज का ब्याज हमें चुकाना होगा। राजकोषीय प्राप्ति यानी आमदनी बढ़ाने में भी सरकार फेल साबित हो रही है। वहीं प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने मंडला में नक्सली एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सदन से वॉक आउट किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2024-25 में 18,706 करोड़ 58 लाख 73 हजार 447 की अनुपूरक राशि के लिए प्रस्ताव दिया। इसके बाद अनुपूरक बजट चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पत्र का जवाब आज तक नहीं आया
बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कु पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखा था कि कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाया जाए। उस पत्र का जवाब आज तक नहीं आया है लेकिन राज्य सरकार मनमाने तरीके से कर्ज लेती जा रही है। राजकोषीय प्राप्ति यानी आमदनी बढ़ाने में भी सरकार फेल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने जनता को भ्रमित करने का काम किया है। निवेश प्रोत्साहन में 3 हजार 250 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। इसके विपरीत इस वर्ष एक हजार 750 करोड़ रुपए का ही प्रावधान किया गया है यानी सरकार को खुद पर ही भरोसा नहीं है।
यह भी पढ़ें- क्रिकेटर शमी की बेटी द्वारा होली खेलने के मामले MP में गरमाई सियासत, मंत्री सारंग ने शमी को लिखा पत्र
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रीवा का नाम समदड़िया शहर कर देना चाहिए
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने सतना शहर के बीचों-बीच पॉलिटेक्निक की 8,91, 500 वर्गफीट जमीन समदड़िया बिल्डर को मात्र 121 करोड़ 93 लाख में देने का मामला उठाया। इस चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने कहा कि रीवा का एक-एक व्यक्ति कहता है कि अब रीवा का नाम समदड़िया शहर कर देना चाहिए। री-डायवर्सिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जिस तरीके से समदड़िया ग्रुप को उपकृत किया जा रहा है, उस पर आपत्ति है।
यह भी पढ़ें-परिवहन का बजट 200 करोड का घोटाला 5 हजार करोड़, कांग्रेस ने लोकायुक्त को सौंपे घोटाले से जुड़े दस्तावेज
भोपाल की बस्तियों को हटाने के मामले में हंगामा
कुछ समय पहले राजधानी भोपाल के मोती नगर और भदभदा की बस्तियों को बटाया गया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मामले में की गई कार्यवाही और मकान तोड़ने के बाद राशि नहीं देने को लेकर मुद्दा उठाया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि हटाए गए लोग सरकारी जमीन पर थे। इसलिए इसकी बात क्यों की जा रही है। इस पर आतिफ ने कहा कि यह गरीबों का मामला है, गरीबों के मामले में कोई बात नहीं सुनी जाती है। चिंतामणि ने फिर रोका तो आतिफ ने कहा कि सरकार के नियमों में प्रावधान है। उन्होंने कुछ और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद सदन में कुछ देर के लिए हंगामा की स्थिति बन गई।
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पत्र का जवाब आज तक नहीं आया
बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कु पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखा था कि कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाया जाए। उस पत्र का जवाब आज तक नहीं आया है लेकिन राज्य सरकार मनमाने तरीके से कर्ज लेती जा रही है। राजकोषीय प्राप्ति यानी आमदनी बढ़ाने में भी सरकार फेल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने जनता को भ्रमित करने का काम किया है। निवेश प्रोत्साहन में 3 हजार 250 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। इसके विपरीत इस वर्ष एक हजार 750 करोड़ रुपए का ही प्रावधान किया गया है यानी सरकार को खुद पर ही भरोसा नहीं है।
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रीवा का नाम समदड़िया शहर कर देना चाहिए
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने सतना शहर के बीचों-बीच पॉलिटेक्निक की 8,91, 500 वर्गफीट जमीन समदड़िया बिल्डर को मात्र 121 करोड़ 93 लाख में देने का मामला उठाया। इस चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने कहा कि रीवा का एक-एक व्यक्ति कहता है कि अब रीवा का नाम समदड़िया शहर कर देना चाहिए। री-डायवर्सिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जिस तरीके से समदड़िया ग्रुप को उपकृत किया जा रहा है, उस पर आपत्ति है।
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भोपाल की बस्तियों को हटाने के मामले में हंगामा
कुछ समय पहले राजधानी भोपाल के मोती नगर और भदभदा की बस्तियों को बटाया गया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मामले में की गई कार्यवाही और मकान तोड़ने के बाद राशि नहीं देने को लेकर मुद्दा उठाया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि हटाए गए लोग सरकारी जमीन पर थे। इसलिए इसकी बात क्यों की जा रही है। इस पर आतिफ ने कहा कि यह गरीबों का मामला है, गरीबों के मामले में कोई बात नहीं सुनी जाती है। चिंतामणि ने फिर रोका तो आतिफ ने कहा कि सरकार के नियमों में प्रावधान है। उन्होंने कुछ और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद सदन में कुछ देर के लिए हंगामा की स्थिति बन गई।
