फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Three-day dance sadhna mahayagna starts today, people from US-UK also gave auditions

Bhopal News: तीन दिवसीय नृत्य साधना का महायज्ञ आज से, अमेरिका-यूके से भी लोगों ने दिए ऑडिशन

Tue, 15 Apr 2025 09:42 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 15 Apr 2025 09:42 AM IST
सार

15 अप्रैल से भोपाल में एक अंतरराष्ट्रीय कथक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 800 में से चयनित 30 कलाकार हिस्सा लेंगे। यह आयोजन पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित है और स्व. डॉ. साधना नाफडे की स्मृति में युवा प्रतिभाओं को मंच, सम्मान और प्रेरणा प्रदान करता है।

विज्ञापन
Bhopal News: Three-day dance sadhna mahayagna starts today, people from US-UK also gave auditions
भोपाल में अंतरराष्ट्रीय कथक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जब परंपरा, साधना और संस्कृति एक ही मंच पर एकत्र हों, तब वह आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव का महायज्ञ बन जाता है। 15 से 17 अप्रैल, 2025 तक शहीद भवन, अरेरा हिल्स में आयोजित हो रहा नृत्य की दुनिया के उन तपस्वियों को समर्पित है, जिन्होंने अपनी कला को साधना बना दिया। आयोजन की शुरुआत एक ऑनलाइन ऑडिशन प्रक्रिया से हुई थी, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों और अमेरिका, यूके सहित कई देशों से करीब 800 कलाकारों ने भाग लिया। नृत्य की इस वैश्विक सहभागिता से चयनित 30 प्रतिभागियों को अब भोपाल बुलाया गया है, जहां वे मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के सात जिलों में आज होगी हल्की बारिश, कल से दिखेगा लू का असर
विज्ञापन


यह तीन दिवसीय आयोजन हर दिन एक नई ऊर्जा, नया उद्देश्य और नया रंग लिए होगा। पहले दिन सेमीफाइनल राउंड होगा, जिसमें चयनित कलाकार अपनी साधना और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। दूसरे दिन आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में निर्णायक मंडल के समक्ष उनकी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन होगा। इसके बाद 17 अप्रैल को समापन समारोह में श्रेष्ठ तीन कलाकारों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इस दिन मंच पर कई वरिष्ठ गुरुजनों और संस्कृति सेवियों को भी उनकी सेवा के लिए आदरपूर्वक सम्मानित किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

'कथक अश्वमेध' की खासियत यह है कि यह मंच किसी भी आयु वर्ग के कथक कलाकारों के लिए खुला है, जिससे यह अनुभव और उत्साह दोनों का संगम बनता है। इस मंच की सबसे बड़ी शक्ति है इसकी गुरु-शिष्य परंपरा, जिसमें कला सिर्फ सीखी नहीं जाती, वह संस्कार बन जाती है। इस आयोजन ने युवा प्रतिभाओं को न सिर्फ विशेष पहचान दी है, बल्कि उन्हें मंच देकर प्रेरित भी किया है कि वे अपने देश की सांस्कृतिक धरोहर को आगे ले जाएं।


ये भी पढ़ें-  एमपी-यूपी में बनेगा 'ग्रेटर पन्ना' वाइल्डलाइफ लैंडस्केप, बसाए जाएंगे बाघ, गिद्ध और घड़ियाल

आयोजन के संयोजक समीर नाफडे कहते हैं, "कथक ऐसी संस्कृति है, जो हजारों वर्षों से हम सबकी पहचान है। ऐसे में, हमारा उद्देश्य सिर्फ एक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसी परंपरा को सशक्त करना है, जो भारत की आत्मा में रची-बसी है। ये आयोजन कलाकारों को मंच ही नहीं, सम्मान और आत्मीयता भी देता है। निर्झर कला संस्थान द्वारा आयोजित इस महायज्ञ में, सभी कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, नृत्य गुरुजनों और भोपालवासियों का स्वागत है।"

'कथक अश्वमेध' स्वर्गीय डॉ. साधना नाफडे को समर्पित है, जिन्होंने कथक को न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी पहुंचाया। जयपुर और लखनऊ घराने की यह प्रतिष्ठित नृत्यांगना अमेरिका में वर्षों तक कथक की शिक्षा देकर वहां की धरती पर भी भारतीय संस्कृति का दीप जलाती रहीं। यह आयोजन पं. कुंदनलाल गंगानी जी जैसे वरिष्ठ गुरुजनों की स्मृति को भी नमन करता है, जिन्होंने कथक की आत्मा को गहराई से समझते हुए अनेक शिष्यों को दिशा दी। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed