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Bhopal News: हनुमान को आदिवासी बताने पर सियासी तूल, उमंग सिंघार के बयान से राजनीति और आस्था दोनों में हड़कंप
Tue, 27 Jan 2026 07:56 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 27 Jan 2026 07:56 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भगवान हनुमान और राम की वानर सेना को आदिवासी बताया, जिससे राजनीतिक और धार्मिक बहस छिड़ गई। कांग्रेस इसे आदिवासी पहचान से जोड़ रही है, जबकि बीजेपी ने बयान को धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला करार दिया।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक आस्था और आदिवासी पहचान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बड़वानी जिले में आयोजित एक आदिवासी सम्मेलन के दौरान दिए गए उनके वक्तव्य को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सेंधवा सबडिवीजन की गेरू घाटी में हुए आदिवासी अधिकार सम्मेलन में उमंग सिंघार ने रामायण के प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम की वानर सेना आदिवासी समाज से जुड़ी थी। उन्होंने शबरी प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जंगलों में रहने वाले वे लोग आदिवासी थे, जिन्होंने राम की सेवा की और उनके संघर्ष में अहम भूमिका निभाई।
राम की जीत में आदिवासियों का योगदान
उमंग सिंघार ने कहा कि रामायण में सिर्फ एक शबरी नहीं थीं, बल्कि राम के साथ सेवा और संघर्ष में शामिल अधिकांश लोग आदिवासी समाज से थे। उनके अनुसार, राम की विजय में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। इसी क्रम में उन्होंने भगवान हनुमान को आदिवासी परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि गांव-गांव में हनुमान मंदिर हैं और आदिवासी समाज उनकी पूजा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उन लोगों के वंशजों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो जंगलों में रहते थे और राम के साथ खड़े हुए थे।
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बीजेपी पर सीधा हमला
अपने बयान में उमंग सिंघार ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब हिंदू आस्था की बात आती है तो उसे राजनीतिक प्रतीकों से जोड़ा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज की भूमिका को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति
उमंग सिंघार के बयान पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के वक्तव्य धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं और समाज में अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार आस्था और परंपराओं को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
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राम की जीत में आदिवासियों का योगदान
उमंग सिंघार ने कहा कि रामायण में सिर्फ एक शबरी नहीं थीं, बल्कि राम के साथ सेवा और संघर्ष में शामिल अधिकांश लोग आदिवासी समाज से थे। उनके अनुसार, राम की विजय में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। इसी क्रम में उन्होंने भगवान हनुमान को आदिवासी परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि गांव-गांव में हनुमान मंदिर हैं और आदिवासी समाज उनकी पूजा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उन लोगों के वंशजों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो जंगलों में रहते थे और राम के साथ खड़े हुए थे।
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बीजेपी पर सीधा हमला
अपने बयान में उमंग सिंघार ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब हिंदू आस्था की बात आती है तो उसे राजनीतिक प्रतीकों से जोड़ा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज की भूमिका को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति
उमंग सिंघार के बयान पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के वक्तव्य धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं और समाज में अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार आस्था और परंपराओं को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
