{"_id":"69402bf34b076d73090c0aa1","slug":"bhopal-news-municipal-corporation-s-mic-meeting-held-26-agendas-discussed-proposals-related-to-high-rise-pr-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: नगर निगम की MIC बैठक, 26 एजेंडों पर चर्चा, हाईराइज प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब से जुड़े प्रस्ताव अटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: नगर निगम की MIC बैठक, 26 एजेंडों पर चर्चा, हाईराइज प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब से जुड़े प्रस्ताव अटके
Mon, 15 Dec 2025 09:18 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 15 Dec 2025 09:18 PM IST
सार
भोपाल नगर निगम की एमआईसी बैठक में 26 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें से अधिकांश को मंजूरी मिली, लेकिन हाईराइज भवन परियोजना, राजेंद्र नगर आवासीय प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब के मत्स्याखेट प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। मानस भवन की झुग्गियों के 27 परिवारों के मालीखेड़ी विस्थापन को मंजूरी दी गई, जबकि अगली परिषद बैठक नए साल में होगी।
विज्ञापन
बीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक सोमवार को महापौर मालती राय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित एमआईसी सदस्य मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बैठक में कुल 26 प्रस्तावों पर विचार किया गया, लेकिन इनमें से 3 अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं यह भी तय हुआ कि परिषद की अगली बैठक नए साल में बुलाई जाएगी। बैठक में मानस भवन के पास स्थित झुग्गियों के विस्थापन का मामला प्रमुखता से उठा। यहां रह रहे 27 परिवारों को मालीखेड़ी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की योजना पर चर्चा हुई। एमआईसी ने इन परिवारों के लिए ईडब्ल्यूएस स्लम श्रेणी के आवास आरक्षित करने को मंजूरी दी। हालांकि, जमीनी स्तर पर इन परिवारों के विस्थापन को लेकर विरोध बना हुआ है और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन कर रही है। दूसरी ओर जिला प्रशासन झुग्गियां हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।
इन तीन प्रस्तावों पर नहीं बनी सहमति
एमआईसी बैठक में जिन तीन विषयों को मंजूरी नहीं मिल सकी, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हाईराइज भवन निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव प्रमुख रहा। प्लॉट नंबर 47 और 49 पर आवासीय-सह-व्यावसायिक हाईराइज प्रोजेक्ट के लिए आई निविदा पर सदस्य एकमत नहीं हो सके। इसके अलावा राजेंद्र नगर आवासीय परियोजना को लेकर प्रस्तुत स्वीकृति प्रस्ताव भी टाल दिया गया। तीसरा अहम मुद्दा बड़ा तालाब को मत्स्याखेट के लिए पट्टे पर देने से जुड़ा था, जिस पर भी एमआईसी ने फिलहाल सहमति नहीं दी।
यह भी पढ़ें-वोटर लिस्ट की सघन पड़ताल, मृत-गायब और शिफ्टेड मतदाताओं का हो रहा सत्यापन
विज्ञापन
कई प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
बैठक में कई जनहित और विकास से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें सर्दी के मौसम में अस्थाई दुकानों की अनुमति, निगम क्षेत्र के पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने का निर्णय और निरस्त आवंटनों के मामलों में बकाया राशि जमा कराने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गंगानगर और भौंरी नॉन-स्लम ईडब्ल्यूएस परियोजनाओं में कुल 65 से अधिक हितग्राहियों को आवास स्वीकृति दी गई। वहीं वाजपेयी नगर टीन शेड क्षेत्र में रहने वाले 157 परिवारों के सर्वे-सत्यापन और पात्र हितग्राहियों के चयन को भी मंजूरी दी गई।
यह भी पढ़ें-विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक कल, रणनीति को मिलेगा अंतिम रूप
अमृत 2.0 और ई-बस योजना पर भी चर्चा
एमआईसी ने अमृत 2.0 परियोजना के तहत नगर निगम के अंशदान को ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। साथ ही पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 195 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, भुगतान सुरक्षा तंत्र और प्रति किलोमीटर भुगतान मॉडल पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैलेंस शीट और एनजीटी के दायरे में आने वाली झुग्गी बस्तियों—सेवनिया गोंड, बरखेड़ी खुर्द और सिंहपुर—के 59 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
विज्ञापन
इन तीन प्रस्तावों पर नहीं बनी सहमति
एमआईसी बैठक में जिन तीन विषयों को मंजूरी नहीं मिल सकी, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हाईराइज भवन निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव प्रमुख रहा। प्लॉट नंबर 47 और 49 पर आवासीय-सह-व्यावसायिक हाईराइज प्रोजेक्ट के लिए आई निविदा पर सदस्य एकमत नहीं हो सके। इसके अलावा राजेंद्र नगर आवासीय परियोजना को लेकर प्रस्तुत स्वीकृति प्रस्ताव भी टाल दिया गया। तीसरा अहम मुद्दा बड़ा तालाब को मत्स्याखेट के लिए पट्टे पर देने से जुड़ा था, जिस पर भी एमआईसी ने फिलहाल सहमति नहीं दी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-वोटर लिस्ट की सघन पड़ताल, मृत-गायब और शिफ्टेड मतदाताओं का हो रहा सत्यापन
विज्ञापन
कई प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
बैठक में कई जनहित और विकास से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें सर्दी के मौसम में अस्थाई दुकानों की अनुमति, निगम क्षेत्र के पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने का निर्णय और निरस्त आवंटनों के मामलों में बकाया राशि जमा कराने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गंगानगर और भौंरी नॉन-स्लम ईडब्ल्यूएस परियोजनाओं में कुल 65 से अधिक हितग्राहियों को आवास स्वीकृति दी गई। वहीं वाजपेयी नगर टीन शेड क्षेत्र में रहने वाले 157 परिवारों के सर्वे-सत्यापन और पात्र हितग्राहियों के चयन को भी मंजूरी दी गई।
यह भी पढ़ें-विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक कल, रणनीति को मिलेगा अंतिम रूप
अमृत 2.0 और ई-बस योजना पर भी चर्चा
एमआईसी ने अमृत 2.0 परियोजना के तहत नगर निगम के अंशदान को ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। साथ ही पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 195 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, भुगतान सुरक्षा तंत्र और प्रति किलोमीटर भुगतान मॉडल पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैलेंस शीट और एनजीटी के दायरे में आने वाली झुग्गी बस्तियों—सेवनिया गोंड, बरखेड़ी खुर्द और सिंहपुर—के 59 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
