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Bhopal news: कांग्रेस में पूर्व प्रवक्ताओं को प्रवक्ता बनने के लिए देना होगा इंटरव्यू, कई में असमंजस की स्थिति
Thu, 05 Mar 2026 09:07 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 05 Mar 2026 09:07 PM IST
सार
मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ता बनने के लिए अब इंटरव्यू देना अनिवार्य किया गया है। पुराने प्रवक्ताओं को भी इस प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बन गई है और बैक डोर एंट्री को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
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पीसीसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं के चयन को लेकर नई प्रक्रिया शुरू होने से पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। अब प्रवक्ता बनने के लिए ‘टैलेंट हंट’ के तहत इंटरव्यू देना होगा। खास बात यह है कि जो नेता कई साल से पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इससे कई पुराने प्रवक्ताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है। दरअसल कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के बाद अब प्रवक्ताओं के नए चयन के लिए टैलेंट हंट कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत राज्य, जिला और मंडल स्तर पर नए प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा।
वरिष्ठ प्रवक्ताओं में अंदर ही अंदर नाराजगी
कई ऐसे नेता जो करीब 8 से 10 साल से प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें भी दोबारा इंटरव्यू देना होगा। सूत्रों के मुताबिक इस फैसले से कई वरिष्ठ प्रवक्ताओं में अंदर ही अंदर नाराजगी है, लेकिन कोई भी खुलकर बोलने से बच रहा है। लंबे समय से पार्टी का पक्ष रखने वाले नेताओं को अब फिर से अपनी क्षमता साबित करनी होगी। इस पूरे मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि प्रवक्ताओं के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता के आधार पर होगी। टैलेंट हंट के जरिए योग्य और सक्रिय लोगों को पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाएगा।
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यह भी पढ़ें-एम्स में महिला डॉक्टर की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
पूर्व प्रवक्ता बोले- विवाद की स्थिति नहीं
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि इसमें किसी तरह का विवाद नहीं है। सभी को अपने काम का लेखा-जोखा देना चाहिए और इस प्रक्रिया से युवाओं को भी मौका मिलेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए करीब 20 राज्य स्तरीय प्रवक्ता, कई मीडिया पैनलिस्ट और जिला व मंडल स्तर पर दो-दो प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के पैनलिस्ट भी चुने जाएंगे।
यह भी पढ़ें-मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्यप्रदेश, होली पर 37 डिग्री के पार पहुंचा प्रदेश का पारा
वरिष्ठता के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद
वहीं पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अगर कुछ वरिष्ठ प्रवक्ता चयन प्रक्रिया में सफल नहीं हो पाए तो उन्हें अनुभव के आधार पर मौका मिल सकता है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की बैक डोर एंट्री नहीं होगी और सभी को इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना ही होगा।
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वरिष्ठ प्रवक्ताओं में अंदर ही अंदर नाराजगी
कई ऐसे नेता जो करीब 8 से 10 साल से प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें भी दोबारा इंटरव्यू देना होगा। सूत्रों के मुताबिक इस फैसले से कई वरिष्ठ प्रवक्ताओं में अंदर ही अंदर नाराजगी है, लेकिन कोई भी खुलकर बोलने से बच रहा है। लंबे समय से पार्टी का पक्ष रखने वाले नेताओं को अब फिर से अपनी क्षमता साबित करनी होगी। इस पूरे मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि प्रवक्ताओं के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता के आधार पर होगी। टैलेंट हंट के जरिए योग्य और सक्रिय लोगों को पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाएगा।
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पूर्व प्रवक्ता बोले- विवाद की स्थिति नहीं
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि इसमें किसी तरह का विवाद नहीं है। सभी को अपने काम का लेखा-जोखा देना चाहिए और इस प्रक्रिया से युवाओं को भी मौका मिलेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए करीब 20 राज्य स्तरीय प्रवक्ता, कई मीडिया पैनलिस्ट और जिला व मंडल स्तर पर दो-दो प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के पैनलिस्ट भी चुने जाएंगे।
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वरिष्ठता के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद
वहीं पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अगर कुछ वरिष्ठ प्रवक्ता चयन प्रक्रिया में सफल नहीं हो पाए तो उन्हें अनुभव के आधार पर मौका मिल सकता है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की बैक डोर एंट्री नहीं होगी और सभी को इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना ही होगा।
