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Bhopal: फॉरेन इन्वेस्टमेंट में एमपी 15वें नंबर पर,नेता प्रतिपक्ष बोले-निवेश और जमीनी स्थिति क्या है बताए सरकार
Fri, 23 May 2025 02:30 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 23 May 2025 02:30 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि 2019 से 2024 तक फॉरेन इन्वेस्टमेंट में एमपी 15वें नंबर पर क्यों रहा? निवेश और जमीनी स्थिति क्या है, सरकार बताए।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि 2019 से 2024 तक फॉरेन इन्वेस्टमेंट में एमपी 15वें नंबर पर क्यों रहा? निवेश और जमीनी स्थिति क्या है, सरकार बताए। निवेश की ठोस नीति और फॉरेन इन्वेस्टमेंट के हिसाब भी जानकारी दें। सरकार सारी बातें स्पष्ट करे। सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर भी हमला बोला है।
निवेश सम्मेलन ऐसे हैं जैसे शादी के कार्ड बांटे जाएं
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 मई को बेंगलुरु में 'इनवेस्ट इन एमपी' सत्र में भाग लेते हुए 7,935 करोड़ रुपये के निवेश और 18,975 नौकरियों के वादे किए। लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और है। मध्यप्रदेश में निवेश सम्मेलन ऐसे हैं जैसे शादी के कार्ड बांटे जाएं, लेकिन दूल्हा-दुल्हन का अता-पता ही न हो। सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियों और BEML जैसे उदाहरणों का हवाला दिया, लेकिन GIS 2025 में घोषित 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से कितने धरातल पर आए हैं। इसका जवाब अब तक नहीं मिला।
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यह भी पढ़ें-ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सैन्य शौर्य को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए
विश्व मंच पर एमपी नहीं बना पा रहा अपनी पहचान
उमंग सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि एमएसएमई के 18 लाख से अधिक उद्योग रजिस्टर्ड हैं। इनके लिए सरकार की कोई प्लानिंग नहीं है। एमपी निवेश में पीछे होता जा रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मप्र को नहीं बुलाया गया। विश्व मंच पर मप्र अपनी पहचान नहीं बना पा रहा है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी, तापमान में 8 डिग्री से ज्यादा की आई गिरावट
उज्ज्वला योजना की टंकी खाली पड़ी
नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर भी निशाना साधा हैं। उन्होंने पूछा कि उज्ज्वला योजना की टंकी खाली पड़ी हैं, गैस की टंकियां कब भरी होंगी। सिंघार ने कहा कि मप्र में प्रमुख आईटी कम्पनियां नहीं आ रही हैं। आईटी कंपनियों के निवेश को लेकर एमपी पीछे छूट गया है। निवेश नहीं आने से मप्र के युवाओं के साथ छल हो रहा है।
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निवेश सम्मेलन ऐसे हैं जैसे शादी के कार्ड बांटे जाएं
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 मई को बेंगलुरु में 'इनवेस्ट इन एमपी' सत्र में भाग लेते हुए 7,935 करोड़ रुपये के निवेश और 18,975 नौकरियों के वादे किए। लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और है। मध्यप्रदेश में निवेश सम्मेलन ऐसे हैं जैसे शादी के कार्ड बांटे जाएं, लेकिन दूल्हा-दुल्हन का अता-पता ही न हो। सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियों और BEML जैसे उदाहरणों का हवाला दिया, लेकिन GIS 2025 में घोषित 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से कितने धरातल पर आए हैं। इसका जवाब अब तक नहीं मिला।
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विश्व मंच पर एमपी नहीं बना पा रहा अपनी पहचान
उमंग सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि एमएसएमई के 18 लाख से अधिक उद्योग रजिस्टर्ड हैं। इनके लिए सरकार की कोई प्लानिंग नहीं है। एमपी निवेश में पीछे होता जा रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मप्र को नहीं बुलाया गया। विश्व मंच पर मप्र अपनी पहचान नहीं बना पा रहा है।
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उज्ज्वला योजना की टंकी खाली पड़ी
नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर भी निशाना साधा हैं। उन्होंने पूछा कि उज्ज्वला योजना की टंकी खाली पड़ी हैं, गैस की टंकियां कब भरी होंगी। सिंघार ने कहा कि मप्र में प्रमुख आईटी कम्पनियां नहीं आ रही हैं। आईटी कंपनियों के निवेश को लेकर एमपी पीछे छूट गया है। निवेश नहीं आने से मप्र के युवाओं के साथ छल हो रहा है।
