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Bhopal: पुराने भोपाल में पार्किंग और ट्रैफिक सबसे बड़ी परेशानी, 5 साल से हो रहीं बैठकें, समस्या जस की तस
Sun, 31 Aug 2025 07:53 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 31 Aug 2025 07:53 AM IST
सार
पुराने भोपाल में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए हर त्यौहारी सीजन से पहले भोपाल नगर निगम, जिला प्रशासन के अधिकारियों और व्यापारी संघों के बीच बैठकें होती हैं। लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। समस्या जस की तस बनी हुई है।
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ओल्ड भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुराने भोपाल में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए हर त्यौहारी सीजन से पहले भोपाल नगर निगम (बीएमसी), जिला प्रशासन के अधिकारियों और व्यापारी संघों के बीच बैठकें होती हैं। लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। समस्या जस की तस बनी हुई है। इस वर्ष भी त्योहारी सीजन के पहले सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्टर कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों और सराफा, किराना, दवा और कपड़ा बाजार के व्यापारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई और व्यापारियों ने एक बार फिर दो प्रमुख समस्याएं उठाईं हैं। अव्यवस्थित पार्किंग और बिगड़ता ट्रैफिक जाम, दोनों ही व्यावसायिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहे हैं।
दो दिन बाद भी कोई कर्रवाई नहीं
चौक बाजा के पास पार्किंग की जगह पर अवैध गैरेजों द्वारा अतिक्रमण किए हुए हैं, जिससे खरीदारों के लिए बहुत कम जगह बचती है। इस बैठक में सांसद शर्मा ने बीएमसी कमिश्नर हरेंद्र नारायण को तुरंत अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
रोज पहुंचते हैं 25 हजार वाहन
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सामान्य दिनों में लगभग 20 से 25 हजार वाहन पुराने भोपाल के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। शनिवार-रविवार यह संख्या बढ़कर 35 से 40 हजार हो जाती है और त्योहारों के मौसम में 50 हजार 60 हजार तक पहुंच जाती है। मोती मस्जिद के सामने और चटोरी गली, इब्राहिमपुरा के पास दो बड़ी पार्किंग सुविधा के बावजूद जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 1,000 से अधिक वाहनों की है, आने वाले वाहनों में से केवल 20% ही यहां पार्क किए जाते हैं। बाकी वाहन पहले से ही भीड़भाड़ वाली सड़कों पर जमा हो जाते हैं, क्योंकि कई पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमणकारियों ने भी कब्जा कर लिया है।
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यह भी पढ़ें-प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम का असर,इंदौर में 9 घंटे के भीतर 3 इंच से ज्यादा गिरा पानी, आगे भी अलर्ट
2022 में, बीएमसी ने चार नई पार्किंग का प्रस्ताव रखा था, लेकिन लेकिन आज तक इन पर कोई काम नहीं हुआ है।
यहां बननी थी पार्किंग
1- कर्फ्यू वाली माता मंदिर ऑटो स्टैंड के पास महिलाओं के लिए एक "पिंक पार्किंग" ज़ोन
2- शीश महल और महिला सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में पार्किंग के साथ एक व्यावसायिक परिसर
3- मोती मस्जिद के पास बाहरी वाहनों के लिए आरक्षित पार्किंग
4- आज़ाद मार्केट की दुकानों के पास
यह भी पढ़ें-खाद्य सुरक्षा विभाग ने बेकरी और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापा मारा, 29 किलो मावा और 11 किलो पनीर जब्त
दो साल पहले बनी थी समिति
गौरतलब है कि 2023 में तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई इसी तरह की एक बैठक में एक समिति का गठन किया गया था जिसे पार्किंग स्थल चिह्नांकन की साप्ताहिक समीक्षा करने का काम सौंपा गया था। जिला यातायात समिति के साथ समन्वय में काम करने का भी निर्णय लिया गया था। लेकिन यह समिति भी केवल कागजों में रह गई।
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दो दिन बाद भी कोई कर्रवाई नहीं
चौक बाजा के पास पार्किंग की जगह पर अवैध गैरेजों द्वारा अतिक्रमण किए हुए हैं, जिससे खरीदारों के लिए बहुत कम जगह बचती है। इस बैठक में सांसद शर्मा ने बीएमसी कमिश्नर हरेंद्र नारायण को तुरंत अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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रोज पहुंचते हैं 25 हजार वाहन
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सामान्य दिनों में लगभग 20 से 25 हजार वाहन पुराने भोपाल के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। शनिवार-रविवार यह संख्या बढ़कर 35 से 40 हजार हो जाती है और त्योहारों के मौसम में 50 हजार 60 हजार तक पहुंच जाती है। मोती मस्जिद के सामने और चटोरी गली, इब्राहिमपुरा के पास दो बड़ी पार्किंग सुविधा के बावजूद जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 1,000 से अधिक वाहनों की है, आने वाले वाहनों में से केवल 20% ही यहां पार्क किए जाते हैं। बाकी वाहन पहले से ही भीड़भाड़ वाली सड़कों पर जमा हो जाते हैं, क्योंकि कई पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमणकारियों ने भी कब्जा कर लिया है।
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2022 में, बीएमसी ने चार नई पार्किंग का प्रस्ताव रखा था, लेकिन लेकिन आज तक इन पर कोई काम नहीं हुआ है।
यहां बननी थी पार्किंग
1- कर्फ्यू वाली माता मंदिर ऑटो स्टैंड के पास महिलाओं के लिए एक "पिंक पार्किंग" ज़ोन
2- शीश महल और महिला सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में पार्किंग के साथ एक व्यावसायिक परिसर
3- मोती मस्जिद के पास बाहरी वाहनों के लिए आरक्षित पार्किंग
4- आज़ाद मार्केट की दुकानों के पास
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दो साल पहले बनी थी समिति
गौरतलब है कि 2023 में तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई इसी तरह की एक बैठक में एक समिति का गठन किया गया था जिसे पार्किंग स्थल चिह्नांकन की साप्ताहिक समीक्षा करने का काम सौंपा गया था। जिला यातायात समिति के साथ समन्वय में काम करने का भी निर्णय लिया गया था। लेकिन यह समिति भी केवल कागजों में रह गई।
