{"_id":"6aa63ef36d1906fba505d075","slug":"swine-flu-cases-surge-in-bhopal-43-patients-in-september-65-infected-this-year-80-year-old-dies-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज: सितंबर में 43 मरीज, इस साल 65 संक्रमित, 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज: सितंबर में 43 मरीज, इस साल 65 संक्रमित, 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
Sun, 13 Sep 2026 11:46 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:46 AM IST
सार
भोपाल में स्वाइन फ्लू ने सितंबर में रफ्तार पकड़ ली है। 13 दिन में 43 नए मरीज मिलने के बाद इस साल संक्रमितों की संख्या 65 पहुंच गई है। 232 संदिग्ध सैंपलों की जांच हो चुकी है। ओल्ड मीनाल के 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत इस सीजन की पहली मौत है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण ने सितंबर में तेजी पकड़ी है। इस महीने अब तक 43 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। वहीं, एक जनवरी 2026 से अब तक भोपाल में कुल 65 मरीज मिल चुके हैं। संक्रमण के चलते 80 वर्षीय बुजुर्ग राम सिंह की इलाज के दौरान मौत हुई है। यह इस सीजन में भोपाल में स्वाइन फ्लू से पहली मौत बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जरूरी व्यवस्था और दवाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
232 सैंपल जांचे, सितंबर में ही 43 पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भोपाल में अब तक 232 संदिग्ध सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 65 मरीजों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि कुल संक्रमितों में से 43 मामले सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में ही सामने आए हैं। यानी इस महीने रोजाना औसतन करीब तीन से पांच नए मरीज मिल रहे हैं। ताजा जांच में सूरज नगर-भदभदा रोड, शालिमार पार्क-कोलार रोड और एम्राल्ड पार्क सिटी के मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा मंडीदीप और नरसिंहपुर से जुड़े मरीज भी जांच में संक्रमित मिले हैं।
आंकड़ों में भोपाल
- जनवरी 2026 से अब तक मरीज: 65
- सितंबर में नए मरीज: 43
- संदिग्ध सैंपलों की जांच: 232
- इस सीजन में मौत: 1
- मृतक की उम्र: 80 वर्ष
मीनाल के बुजुर्ग की मौत, पहले से थीं बीमारियां
ओल्ड मीनाल रेसीडेंसी निवासी 80 वर्षीय राम सिंह एच1एन1 संक्रमित थे। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमण के बाद उन्हें गंभीर सांस संबंधी परेशानी और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेलियर हुआ। उन्हें पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और टाइप-2 डायबिटीज भी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- खांसी और गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक थकान
- कुछ मामलों में उल्टी या दस्त
गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी और ऑक्सीजन की कमी
सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन कम होने जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से हृदय, फेफड़े, मधुमेह जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
संक्रमण से ऐसे करें बचाव
- भीड़ में मास्क: सर्दी-खांसी के लक्षण हों तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत होने पर मास्क लगाएं।
- हाथ साफ रखें: बार-बार हाथ साबुन और पानी से धोएं। बिना हाथ साफ किए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- बीमार व्यक्ति से दूरी: घर में किसी को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसके संपर्क में आने से बचें और उसके इस्तेमाल की वस्तुएं साझा न करें।
- खांसते-छींकते समय सावधानी: मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें। इस्तेमाल किया हुआ टिश्यू तुरंत कूड़ेदान में डालें।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें: सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर कई दिन तक इलाज टालने के बजाय लगातार बुखार, खांसी या सांस की परेशानी होने पर जांच कराएं।
बदलते मौसम में बढ़ रहा असर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा के मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण इन्फ्लूएंजा का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने लोगों से सर्दी, खांसी, तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही न करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
232 सैंपल जांचे, सितंबर में ही 43 पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भोपाल में अब तक 232 संदिग्ध सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 65 मरीजों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि कुल संक्रमितों में से 43 मामले सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में ही सामने आए हैं। यानी इस महीने रोजाना औसतन करीब तीन से पांच नए मरीज मिल रहे हैं। ताजा जांच में सूरज नगर-भदभदा रोड, शालिमार पार्क-कोलार रोड और एम्राल्ड पार्क सिटी के मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा मंडीदीप और नरसिंहपुर से जुड़े मरीज भी जांच में संक्रमित मिले हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों में भोपाल
- जनवरी 2026 से अब तक मरीज: 65
- सितंबर में नए मरीज: 43
- संदिग्ध सैंपलों की जांच: 232
- इस सीजन में मौत: 1
- मृतक की उम्र: 80 वर्ष
मीनाल के बुजुर्ग की मौत, पहले से थीं बीमारियां
ओल्ड मीनाल रेसीडेंसी निवासी 80 वर्षीय राम सिंह एच1एन1 संक्रमित थे। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमण के बाद उन्हें गंभीर सांस संबंधी परेशानी और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेलियर हुआ। उन्हें पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और टाइप-2 डायबिटीज भी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- खांसी और गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक थकान
- कुछ मामलों में उल्टी या दस्त
गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी और ऑक्सीजन की कमी
सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन कम होने जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से हृदय, फेफड़े, मधुमेह जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण गंभीर होने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
संक्रमण से ऐसे करें बचाव
- भीड़ में मास्क: सर्दी-खांसी के लक्षण हों तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत होने पर मास्क लगाएं।
- हाथ साफ रखें: बार-बार हाथ साबुन और पानी से धोएं। बिना हाथ साफ किए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- बीमार व्यक्ति से दूरी: घर में किसी को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसके संपर्क में आने से बचें और उसके इस्तेमाल की वस्तुएं साझा न करें।
- खांसते-छींकते समय सावधानी: मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें। इस्तेमाल किया हुआ टिश्यू तुरंत कूड़ेदान में डालें।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें: सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर कई दिन तक इलाज टालने के बजाय लगातार बुखार, खांसी या सांस की परेशानी होने पर जांच कराएं।
बदलते मौसम में बढ़ रहा असर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा के मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण इन्फ्लूएंजा का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने लोगों से सर्दी, खांसी, तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही न करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी गई है।
