{"_id":"6787c22677dba9c2cb0e9c14","slug":"bhopal-jp-is-the-first-district-hospital-in-the-state-where-mri-testing-has-started-deputy-cm-inaugurated-it-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal: JP प्रदेश का पहला जिला अस्पताल जहां शुरू हुई MRI जांच, डिप्टी CM ने किया लोकार्पण,कम रेट में होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal: JP प्रदेश का पहला जिला अस्पताल जहां शुरू हुई MRI जांच, डिप्टी CM ने किया लोकार्पण,कम रेट में होगी जांच
Wed, 15 Jan 2025 07:45 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 15 Jan 2025 07:45 PM IST
सार
भोपााल का जिला अस्पताल जेपी प्रदेश का पहला अस्पताल है जहां MRI जांच शुरू की गई है। अब यहां कम रेट पर MRI जांच हो सकेगी। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को इसका लोकार्पण किया। यहां हर दिन 80 लोगों की जांच हो सकेगी।
विज्ञापन
एमआरआई केन्द्र पहुंचे डिप्टी सीएम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपााल का जिला अस्पताल जेपी प्रदेश का पहला अस्पताल है जहां एमआरआई की जांच शुरू की गई है। अब यहां कम रेट पर MRI (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) जांच हो सकेगी। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को इसका औपचारिक लोकार्पण किया। हालांकि, सुविधा को शुरू हुए 5 दिन बीत चुके हैं। इस मशीन में हर दिन 80 मरीजों की जांच करने की क्षमता है। अस्पताल में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई है। यहां CGHS से भी कम दरों पर जांच हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत कृष्णा डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड के माध्यम से ये सुविधा उपलब्ध करवाई है।
साढ़े दस करोड़ आई लागत
एमआरआई केंद्र 10 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है। जिसमें भवन निर्माण, उपकरण और तकनीकी उन्नयन शामिल हैं। इसमें 1.5 टेस्ला UMR 580 मशीन लगाई गई है, जो हाल ही में लॉन्च उन्नत तकनीक से लैस है। यह तेज, सटीक स्कैनिंग, उन्नत इमेजिंग और ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करती है। केंद्र में प्रतिदिन 80 मरीजों की स्कैनिंग क्षमता है, न्यूनतम प्रतीक्षा समय और सटीक रिपोर्टिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करता है।
कई जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के कई जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। इन अस्पतालों में भारत सरकार की तय दरों से भी कम दर पर सीटी स्कैन जांच हो रही है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेधायक भगल, विवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी आदि भी मौजूद थे। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जाने कितने में होगी जांच
मरीजों को MRI सुविधाएं सीजीएचएस दरों से 30% तक कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएंगी। आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों को यह सुविधा पूरी तरह फ्री रहेगी। MRI पेट (प्लेन) 1423 रुपए में होगी, जबकि सीजीएचएस रेट 2125 रुपए है। MRI ब्रेन (प्लेन) 1338 रुपए, एमआरआई कंधा (प्लेन) 1339 रुपए, MRI घुटना (कॉन्ट्रास्ट) 3014 रुपए में होगी। इसके अलावा अस्पताल में MRI एंजियोग्राफी (कॉन्ट्रास्ट) 3315 रुपए में हो सकेगी। गंभीर बीमारियों के निदान के लिए संपूर्ण शरीर की MRI (ऑन्कोलॉजिकल वर्कअप) 3415 में उपलब्ध होगी। MRI पीठ (लम्बर स्पाइन) जैसी सेवाएं भी 1423 में उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्डियक यूनिट के धीमे निर्माण कार्य पर हुए नाराज
डिप्टी सीएम ने कहा कि रेडक्रॉस कार्डियक यूनिट के आज ही उद्घाटन की उम्मीद थी, लेकिन भवन का काम धीमा चल रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य प्रभारी को रात-दिन डबल शिफ्ट में जल्द काम पूरा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कार्डियन यूनिट कागजी कामों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने मशीन लगाने और भवन निर्माण दोनों कार्यों को साथ-साथ पूरा करने को कहा। अस्पताल में बनने वाली यह नई यूनिट 75-100 बिस्तरों की होगी। इसमें एनजियोग्राफी समेत की कई टेस्ट होंगे। शुक्ल ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, उनका बयान यह पुष्टि करता है कि कांग्रेस मुस्लिम वोटर्स को नाराज करने से बचती है। इसलिए वे हिंदू त्योहारों को मनाने में संकोच करते हैं।
जेपी में जल्द शुरू होगी कैथ लैब
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जेपी हॉस्पिटल में मार्च 2025 तक कैथ लैब और हृदय उपचार संबंधी सुविधाओं का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यहां कैथ लैब और सीटीवीएस सेवाओं के माध्यम से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, हार्ट ट्रांसप्लांट और बाईपास सर्जरी जैसी उन्नत सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इसके तहत 100 बिस्तरों की हृदय उपचार यूनिट स्थापित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में देरी न हो और सभी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
6 जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच
सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जेपी अस्पताल समेत प्रदेश के 6 जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच शुरू होनी है। जेपी अस्पताल के बाद यह सुविधा ग्वालियर के जिला अस्पताल में शुरू की जाएगी। इन अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन से ट्यूमर, आर्थराइटिस, फेफड़ों में संक्रमण, कंधे की चोट, सिर की चोट, कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों की जांच की जा सकेगी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग इन मशीनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर स्थापित कर रहा है।
विज्ञापन
साढ़े दस करोड़ आई लागत
एमआरआई केंद्र 10 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है। जिसमें भवन निर्माण, उपकरण और तकनीकी उन्नयन शामिल हैं। इसमें 1.5 टेस्ला UMR 580 मशीन लगाई गई है, जो हाल ही में लॉन्च उन्नत तकनीक से लैस है। यह तेज, सटीक स्कैनिंग, उन्नत इमेजिंग और ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करती है। केंद्र में प्रतिदिन 80 मरीजों की स्कैनिंग क्षमता है, न्यूनतम प्रतीक्षा समय और सटीक रिपोर्टिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करता है।
विज्ञापन
कई जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के कई जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। इन अस्पतालों में भारत सरकार की तय दरों से भी कम दर पर सीटी स्कैन जांच हो रही है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेधायक भगल, विवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी आदि भी मौजूद थे। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जाने कितने में होगी जांच
मरीजों को MRI सुविधाएं सीजीएचएस दरों से 30% तक कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएंगी। आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों को यह सुविधा पूरी तरह फ्री रहेगी। MRI पेट (प्लेन) 1423 रुपए में होगी, जबकि सीजीएचएस रेट 2125 रुपए है। MRI ब्रेन (प्लेन) 1338 रुपए, एमआरआई कंधा (प्लेन) 1339 रुपए, MRI घुटना (कॉन्ट्रास्ट) 3014 रुपए में होगी। इसके अलावा अस्पताल में MRI एंजियोग्राफी (कॉन्ट्रास्ट) 3315 रुपए में हो सकेगी। गंभीर बीमारियों के निदान के लिए संपूर्ण शरीर की MRI (ऑन्कोलॉजिकल वर्कअप) 3415 में उपलब्ध होगी। MRI पीठ (लम्बर स्पाइन) जैसी सेवाएं भी 1423 में उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्डियक यूनिट के धीमे निर्माण कार्य पर हुए नाराज
डिप्टी सीएम ने कहा कि रेडक्रॉस कार्डियक यूनिट के आज ही उद्घाटन की उम्मीद थी, लेकिन भवन का काम धीमा चल रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य प्रभारी को रात-दिन डबल शिफ्ट में जल्द काम पूरा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कार्डियन यूनिट कागजी कामों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने मशीन लगाने और भवन निर्माण दोनों कार्यों को साथ-साथ पूरा करने को कहा। अस्पताल में बनने वाली यह नई यूनिट 75-100 बिस्तरों की होगी। इसमें एनजियोग्राफी समेत की कई टेस्ट होंगे। शुक्ल ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, उनका बयान यह पुष्टि करता है कि कांग्रेस मुस्लिम वोटर्स को नाराज करने से बचती है। इसलिए वे हिंदू त्योहारों को मनाने में संकोच करते हैं।
जेपी में जल्द शुरू होगी कैथ लैब
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जेपी हॉस्पिटल में मार्च 2025 तक कैथ लैब और हृदय उपचार संबंधी सुविधाओं का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यहां कैथ लैब और सीटीवीएस सेवाओं के माध्यम से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, हार्ट ट्रांसप्लांट और बाईपास सर्जरी जैसी उन्नत सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इसके तहत 100 बिस्तरों की हृदय उपचार यूनिट स्थापित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में देरी न हो और सभी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
6 जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच
सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जेपी अस्पताल समेत प्रदेश के 6 जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच शुरू होनी है। जेपी अस्पताल के बाद यह सुविधा ग्वालियर के जिला अस्पताल में शुरू की जाएगी। इन अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन से ट्यूमर, आर्थराइटिस, फेफड़ों में संक्रमण, कंधे की चोट, सिर की चोट, कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों की जांच की जा सकेगी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग इन मशीनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर स्थापित कर रहा है।
