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Bhopal: मंत्री शाह और डिप्टी सीएम के बयान को लेकर पूर्व सैनिकों ने जताया विरोध, सड़को पर उतरने की दी चेतावनी
Sat, 17 May 2025 02:44 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 17 May 2025 02:44 PM IST
सार
पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। और कहा है कि अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे।
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पीसीसी में प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में अब भूतपूर्व सैनिक भी उतर आए हैं। पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्र की सेवा करती है। सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है। बतौर पूर्व सैनिक हमें सेना के अपमान ने बहुत आघात पहुंचाया है। अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने की दलील गलत है।
सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई
मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है।
वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा
मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा।
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यह भी पढ़ें-सीबीआई कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई 3 साल की कैद, 16 हजार जुर्माना भी लगाया
सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर
समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है।
यह भी पढ़ें-मध्यप्रदेश को खेलों का हब बनाने की तैयारी, 2028 के नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव
सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है।
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सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई
मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है।
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वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा
मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा।
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सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर
समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है।
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सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है।
