फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal Eid ul Fitr 2024 Code of Conduct halts steps no congratulatory posters no mail meeting organized

Eid ul Fitr 2024: आचार संहिता ने रोके कदम, न बधाइयों के पोस्टर, न मेल मुलाकात के आयोजन

Tue, 09 Apr 2024 05:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 09 Apr 2024 05:22 PM IST
सार

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जारी आचार संहिता ने राजधानी भोपाल में ईद मिलन समारोह में बांधा डाल दिया है। न बधाइयों के पोस्टर लगे हैं और न ही मेल मुलाकात के आयोजन किए गए।

विज्ञापन
Bhopal Eid ul Fitr 2024 Code of Conduct halts steps no congratulatory posters no mail meeting organized
आचार संहिता ने रोके कदम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईदगाह के बड़े मंच से मुखिया से लेकर नेताओं तक की फूल बरसाई, सारे शहर में त्योहार की मुबारकबाद देते पोस्टर होर्डिंग्स का मजमा, ईद मिलन के लिए गलियों-गलियों, घर-घर दस्तक देते मुखिया जी और नेता...आधा महीना जारी रहने वाले ईद मिलन समारोह। शहर की उत्सव संस्कृति में यह सब शामिल है। लेकिन इस बार यह नजारा शहर से छिटका हुआ दिखाई दे रहा है। लोकसभा चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता ने यह हालात बनाए हैं।

विज्ञापन


ईदगाह में होने वाली ईदुल-फितर की मुख्य नमाज के बाद यहां एक बड़े मंच पर हाथों में फूल लिए मौजूद रहने वाले प्रदेश के मुखिया लोगों को अब भी याद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सिलसिले को अपनी पूरी पारी के दौरान जिंदा रखा था। मंच से नमाजियों पर फूल बरसाने के बाद वे शाहजहानाबाद, कबीटपुरा, नारियल खेड़ा और टीला जमालपुरा की रंग गलियों में भी पहुंचकर लोगों से ईद मिल लिया करते थे। बड़ों के लिए तोहफे और बच्चों के लिए ईदी भी इस दौरान दिखाई दिया करती थी।
विज्ञापन


सारे शहर पर पोस्टर होर्डिंग्स की छाया
ईद जैसे बड़े त्यौहार के लिए शुभकामना और बधाई के संदेश देते पोस्टर होर्डिंग्स लगाए जाने की भी एक अघोषित जंग इस शहर ने देखी है। रॉयल मार्केट, वीआईपी रोड, इकबाल मैदान, कमला पार्क रोड, बुधवारा, शाहजहांनाबाद, जहांगीराबाद जैसे बड़े इलाकों से लेकर छोटी गलियों तक में यह पोस्टर दिखाई दिया करते थे। सियासी लोगों के समर्थकों के अलावा व्यापारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता भी इन पोस्टरों पर दिखाई दिया करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मिलन समारोह के नाते जमावट का दौर
माह-ए-रमजान में बड़ी रोजा इफ्तार दावतों के अलावा शहर में बड़े पैमाने पर ईद मिलन समारोह आयोजित किए जाने की परंपरा भी रही है। बड़े नेताओं से लेकर छोटे कार्यकर्ताओं तक मिलन समारोह यहां करते रहे हैं। इन आयोजनों में शामिल होना भी एक प्रतिष्ठा सिंबल के तौर पर माना जाता रहा है।

चुनावी शोर में सब सूना
रमजान माह की शुरुआत और आचार संहिता की पाबंदी साथ साथ ही शुरू हुई हैं। नतीजा पहला प्रभाव बड़ी सियासी रोजा इफ्तार दावतों पर हुआ। इसके आगे चलकर होर्डिंग्स और पोस्टर चकल्लस भी पाबंदियों के चलते ठंडी ही बनी रही। बड़े नेताओं ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को सख्ती से ऐसी गतिविधियों में उनका नाम शामिल करने से रोक दिया था। सीएम बनने के बाद पहली बार ईदगाह मंच पर चढ़ने का मौका डॉ. मोहन यादव को नहीं मिल पाएगा। उनकी इस मुलाकात, जमावड़े और संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन या कौम खास को लुभाने से जोड़ा जा सकता है। जिसके चलते इस तरह के किसी आयोजन की उम्मीद इस ईद पर नहीं की जा सकती।

Bhopal Eid ul Fitr 2024 Code of Conduct halts steps no congratulatory posters no mail meeting organized
मस्जिद - फोटो : अमर उजाला

हज वेटिंग क्लियर, 175 को और मौका, प्रदेश का कोटा पहुंचा 6900 पार
माह-ए-रमजान की इबादत और दुआओं ने असर दिखाया है। हज के उन चाहतमंदों के लिए इस महीने के आखिरी दौर में खुशी की खबर आई है, जो हज यात्रा पर जाने वालों की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया से जारी हुए अतिरिक्त कोटे से प्रदेश के हिस्से में करीब 175 सीटें और आई हैं। इससे प्रदेश के करीब 2397 वेटिंग लिस्ट में शामिल लोगों को राहत मिली है।

हज कमेटी ऑफ इंडिया ने जारी सूचना में इस बात की पुष्टि करते हुए प्रतीक्षा सूची क्रमांक 599 से 733 तक के आवेदकों को हज यात्रा पर जाने की अनुमति दे दी है। अब इन आवेदकों को हज खर्च की दो किश्तें एक साथ जमा कराने के लिए कहा गया है। 15 अप्रैल तक जमा की जाने वाली इस राशि के साथ आवेदकों को अपने दस्तावेज भी हज कमेटी को जमा करने के लिए कहा गया है। 

प्रदेश का कोटा पहुंचा सात हजार के करीब 
हज 2024 के लिए प्रदेश से कुल 9147 आवेदन किए गए थे। सेंट्रल हज कमेटी ने इन आवेदनों में से लॉटरी द्वारा 6750 हाजियों का चुनाव किया था, जिसके बाद प्रदेश के करीब 2397 आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया था। अतिरिक्त सीटें मिलने के बाद अब प्रदेश का हज कोटा सात हजार के करीब पहुंच गया है।

ऐसे होती है वेटिंग क्लियर
सऊदी अरब सरकार से देशभर के लिए मिलने वाले कोटे को सेंट्रल हज कमेटी विभिन्न प्रदेशों को उनकी मुस्लिम आबादी के लिहाज से सीटें आवंटित करती है। इन प्रदेशों से मिलने वाले आवेदनों से तय कोटे के मुताबिक हज यात्रियों की संख्या तय की जाती है। लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, कश्मीर या केरल को मिलने वाले अधिक कोटे से अक्सर कुछ सीटें बाकी रह जाती हैं। जिन्हें देश के विभिन्न प्रदेशों की प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने में समायोजित किया जाता है। इस कोटे के अलावा प्रदेश के चयनित आवेदकों के अलग अलग कारणों से होने वाले कैंसिलेशन को भी वेटिंग लिस्ट क्लियर करने में ही इस्तेमाल किया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed