फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Even after spending crores of rupees in Bhopal, dirty drain water is reaching Bada Talab, impact on Sw

Bhopal:भोपाल में करोड़ों खर्च के बाद भी बड़ा तालाब पहुंच रहा गंदे नालों का पानी,स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 पर असर

Wed, 30 Apr 2025 07:34 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Wed, 30 Apr 2025 07:34 PM IST
सार

भोपाल का बड़ा तालाब समेत शहर के कई तालाबों में गंदे नालों का जहर घुल रहा है। एक या दो नहीं, बल्कि दर्जन भर से ज्यादा छोटे-बड़े नालों की गंदगी तालाब में जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में तालाबों में फैल रही गंदगी से नंबरों की कटौती की जाएगी।

विज्ञापन
Bhopal: Even after spending crores of rupees in Bhopal, dirty drain water is reaching Bada Talab, impact on Sw
बड़ा तालाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल की जीवन रेखा बड़ा तालाब समेत शहर के कई तालाब खतरे में है। यहां के पानी में नालों का जहर घुल रहा है। एक या दो नहीं, बल्कि दर्जन भर से ज्यादा छोटे-बड़े नालों की गंदगी तालाबों में जा रही है। जबकि इसके लिए भोपाल नगर निगम करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। राजधानी भोपाल में इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 चल रहा है। वॉटर ट्रीटमेंट के सर्वेक्षण में तालाबों में फैल रही गंदगी से नंबरों की कटौती की जाएगी। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि सीवेज को कंट्रोल करने के लिए अमृत 2 योजना चल रही है जिससे आने वाले दिनों में इन नालों को तालाबों में जाने से रोक दिया जाएगा।
विज्ञापन



स्वच्छ सर्वेक्षण मे कम अंक मिलने का डर
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के अंतिम चरण के करीब आने के साथ ही, दिल्ली से एक केंद्रीय निरीक्षण दल शहर के खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) और वाटर प्लस स्थिति का आकलन करेगी। कुल 12,500 में से 1,200 अंकों के इस मूल्यांकन में सीवेज सिस्टम की जांच और प्रमुख जल निकायों से कम से कम 30 नमूने एकत्र किए जाएंगे। अधिकारियों को डर है कि इस तरह की स्थिती मे भोपाल के स्कोर पर काफी असर पड़ सकता है। 
विज्ञापन



बडे़ तालाब की वर्तमान स्थिती

1- बड़े तालाब में 36 नाले बारिश के समय सीधे मिलते हैं।
2- सीपीसीबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन 285 एमएलडी सीवेज तालाब में आता है। इसमें 40 एमएलडी ही ट्रीट हो पाता है।
3- 245 एमएलडी (24 करोड़ 50 लाख लीटर प्रतिदिन) पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के हर दिन बड़े तालाब में मिल रहा है।
4- वर्ष 2004 में भोज वेटलैंड परियोजना के अंतर्गत 14 करोड़ की लागत से 4 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए थे। इनमें से एक ही पूरी क्षमता से काम कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


होटल और रेस्तरां का पहुंच रहा गंदा पानी
बीएमसी नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने बताया कि बोट क्लब क्षेत्र में कई होटल और रेस्तरां हैं जो खुलेआम अपने सीवेज जल अपशिष्ट को बडे़ तालब में डाल रहे हैं और फिर भी निगम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जकी ने यह भी दावा किया कि बीएमसी खुद प्रदूषण में योगदान दे रहा है, निगम अपने उपचार संयंत्रों से निकले वाले अपशिष्ट को तलाब में छोड़ा जा रहा है। उन्होने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी वर्ष-2021 में नगर निगम को शहर के सभी झील, तालाबों को 100 फीसद सीवेज मुक्त करने के आदेश दिए थे, जिनका पालन अब तक नहीं हुआ। इस संबंध में 

यह भी पढ़ें-राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम 3 से 5 मई करेगी भोपाल का दौरा, लव जिहाद मामले में करेगी जांच


एक हजार करोड़ से किया जा रहा काम
 बीएमसी के मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य आरके सिंह ने कहा है कि नालों को बड़े तलाब समेत दूसरे तालाबों में जाने से रोकने के लिए अमृत-2 योजना के तहत काम किया जा रहा है। प्रथम फेज में एक हजार करोड़ से काम किया जा रहा है। उन्होने बताया कि शहर की पुरानी सीवेज प्रणाली सीधे झीलों से जुड़ी हुई है। इस वजह से यह स्थिती है। सिंह ने कहा कि अब आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर काम किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें-एआईसीसी का नाम बताकर कांग्रेस नेत्रियों को पद देने का लालच, अभद्र भाषा में की बातचीत, पार्टी का अलर्ट


सीवेज ट्रीटमेंट की कमी
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले राशिद खान ने बताया कि भोपाल में अमृत योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके 9 एसटीपी और 19 सीवेज पंप हाउस बनाए गए, लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कमी के कारण आज भी तालाब में नालों की गंदगी मिल रही है। जबकि शहरी क्षेत्र में 81 बरसाती नालों में से 47 घरेलू सीवेज की गंदगी बहकर जलाशयों में पहुंचती है। शहर की सीमा के अंदर बड़े तालाब समेत कुल 11 झीलों में सीवेज की गंदगी मिल रही है। बड़े तालाब में 26 बरसाती नालों में 18 नेचुरल ग्रेविटी से सीवेजयुक्त गंदा पानी भी बहकर आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed