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Bhopal: स्कूल में छात्रा के सिर पर गिरा छत का प्लास्टर, कांग्रेस नेता ने भेंट किया हेलमेट, बोले- सुरक्षा जरूरी
Mon, 21 Jul 2025 09:49 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 21 Jul 2025 09:49 PM IST
सार
भोपाल में पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा घायल हो गई। मामले में अब सियासत शुरू हो गई है। सोमवार को कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमर वाला ने छात्रा के घर पहुंचे और उसका हाल-चाल जाना और एक हेलमेट भेंट किया। उन्होंने कहा अब सड़क के साथ स्कूल में भी हेलमेट लगाकर बैठना पड़ेगा।
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छात्रा को हेलमेट भेंट करते कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में स्थित एक PM श्री स्कूल की जर्जर हालत एक बार फिर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। हाल ही में स्कूल में पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा घायल हो गई। मामले में अब सियासत शुरू हो गई है। सोमवार को कांग्रेस नेता गोविंदपुरा क्षेत्र के विधानसभा प्रत्याशी रविंद्र साहू झूमर वाला ने छात्रा के घर पहुंचे और उसका हाल-चाल जाना और एक हेलमेट भेंट किया। उन्होंने कहा अब सड़क के साथ स्कूल में भी हेलमेट लगाकर बैठना पड़ेगा।
यह कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं
झूमरवाला ने इस दौरान कहा कि यह कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और दिखावटी योजनाओं का परिणाम है। पीड़ित बच्ची प्रतिदिन 7 किलोमीटर दूर से इस स्कूल में पढ़ने आती है। राजधानी में यदि PM श्री स्कूल की यह हालत है, तो प्रदेश के ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में स्थित स्कूलों की स्थिति की कल्पना भी भयावह है।
यह भी पढ़ें-भाजयुमो की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले-भाजपा संगठन की ऑक्सीजन है युवा मोर्चा के कार्यकर्ता
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नागरिकों को स्वयं पहल करनी पड़ती है
उन्होंने कहा कि आज छात्रा के घर पहुंचकर उन्हें एक सुरक्षा हेलमेट भेंट किया गया। यह प्रतीकात्मक कार्य इस बात को उजागर करता है कि जब सरकार शिक्षा और सुरक्षा देने में विफल हो, तब नागरिकों को स्वयं पहल करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों के नाम पर केवल बोर्ड बदलने और प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि बच्चों की जान और भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा के मंदिरों को सुरक्षित बनाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की है, जिससे वह बार-बार मुंह मोड़ रही है।
यह भी पढ़ें-भोपाल कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे ई-रिक्शा चालक, प्रतिबंध के पहले ही दिन बच्चों को ढोते दिखे
झूमरवाला ने सरकार के सामने रखी मांगे
1. सभी स्कूल भवनों की तत्काल सुरक्षा जांच कराई जाए।
2. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
3. पीड़ित छात्रा और परिवार को तत्काल सहायता एवं मुआवजा दिया जाए।
4. शिक्षा के नाम पर दिखावे को बंद कर, वास्तविक सुधार किए जाएँ।
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यह कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं
झूमरवाला ने इस दौरान कहा कि यह कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और दिखावटी योजनाओं का परिणाम है। पीड़ित बच्ची प्रतिदिन 7 किलोमीटर दूर से इस स्कूल में पढ़ने आती है। राजधानी में यदि PM श्री स्कूल की यह हालत है, तो प्रदेश के ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में स्थित स्कूलों की स्थिति की कल्पना भी भयावह है।
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नागरिकों को स्वयं पहल करनी पड़ती है
उन्होंने कहा कि आज छात्रा के घर पहुंचकर उन्हें एक सुरक्षा हेलमेट भेंट किया गया। यह प्रतीकात्मक कार्य इस बात को उजागर करता है कि जब सरकार शिक्षा और सुरक्षा देने में विफल हो, तब नागरिकों को स्वयं पहल करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों के नाम पर केवल बोर्ड बदलने और प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि बच्चों की जान और भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा के मंदिरों को सुरक्षित बनाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की है, जिससे वह बार-बार मुंह मोड़ रही है।
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झूमरवाला ने सरकार के सामने रखी मांगे
1. सभी स्कूल भवनों की तत्काल सुरक्षा जांच कराई जाए।
2. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
3. पीड़ित छात्रा और परिवार को तत्काल सहायता एवं मुआवजा दिया जाए।
4. शिक्षा के नाम पर दिखावे को बंद कर, वास्तविक सुधार किए जाएँ।
