फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Bhopal School Safety Alert: Students Forced to Study in Damage Buildings Amid Rain Leaks

Bhopal: भोपाल में भी हो सकती है राजस्थान जैसी घटना, जर्जर भवनों में टपकते पानी के बीच पढ़ रहे विद्यार्थी

Sat, 26 Jul 2025 07:27 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 26 Jul 2025 07:27 PM IST
सार

राजस्थान के झालावाड़ में 1 दिन पहले सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई है। भोपाल में भी कई सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग के जर्जर हो चुकी हैं। स्कूलों में टपकते पानी के बीच बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।

विज्ञापन
Bhopal: Bhopal School Safety Alert: Students Forced to Study in Damage Buildings Amid Rain Leaks
शा.हमीदिया कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के झालावाड़ में 1 दिन पहले सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई है। राजधानी भोपाल में भी कई सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग के जर्जर हो चुकी हैं। स्कूलों में टपकते पानी के बीच बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें स्कूल में पढ़ाया जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने राजधानी की दो बड़े स्कूलों का जायजा लिया जहां स्थिति बहुत ही खराब है। जहां शा.हमीदिया कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग 200 साल पुरानी है। वहीं शा. कन्या सुल्तानिया उमावि स्कूल की बिल्डिंग भी बहुत पुरानी है और स्थिति काफी खराब है। यहां की एक क्लास में पानी टप रहा था और वहीं बच्चों की जान जोखिम में डालकर वहां उन्हें बैठाया गया था। दोनों ही स्कूलों के अधिकारियों का कहना है कि हमने कई बार पत्र लिखकर बिल्डिंग सुधारने का आग्रह किया है। जबकि भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि शहर की 7 हाई सेकेंडरी स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर हो गई है। जिसके लिए हमने बजट मांगा है, जल्दी इन्हें सुधरा जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

गिर रहा छतों का प्लास्टर
शा. कन्या सुल्तानिया उमावि स्कूल की इमारत पूरी तरह जर्जर हालत में है, छत से पानी रिस रहा है। पिलर टूट चुके हैं। दीवारों में बड़ी दरारें हैं। बिजली के खुले तारों से करंट का खतरा है। शौचालय गंदगी और टूट-फूट की हालत में हैं। कई कमरों की छतों का प्लास्टर भी गिर रहा है। यहां के अधिकारियों का कहना है कि हमने सरकार को इसे लेकर कई बार लिखा है। 




नहीं मिल रहा बजट
शा.हमीदिया कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल यह सदर मंजिल के भवन में संचालित हो रहा है। महल की दीवार बाहर की तरफ झुक गई है, जो कभी भी ढह सकती है। यहां कमरों की छत से पानी टपकता है। स्कूल की प्राचार्य विमला शाह, ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा है। उन्होने बताया कि यह भवन 200 साल पूराना है। ऊपर सीट लगीं है इस लिए बारिश में पानी में टपकता है। बजट हमेशा कम मिलाता है इसलिए पूरा काम नहीं हो पाता है। उन्होने बताया कि हमने एक बार 30 लाख मांगा था जिसमें केवल 2 लाख मिले थे। 

यह भी पढ़ें-विधानसभा उप नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप, बोले-जल जीवन मिशन बना जल्दी-जल्दी मनी, CBI जांच की मांग

हाल की घटना ने बढ़ाई चिंता
हालही में भोपाल के एक अन्य सरकारी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया था। इसके बावजूद, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब राजस्थान की घटना ने बच्चों को अंदर डर भर दिया है। भोपाअल की स्कूल में मौजूद बच्चों ने बताया कि उन्हें यहां बठ कर पढ़ने में डर लगता है। 


यह भी पढ़ें-सीएम डॉ. यादव बोले- कारगिल विजय दिवस, देशवासियों के लिए है गौरव का उत्सव

दीवारों को ठोंक-ठोंक कर देख रहे स्कूल
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि जिन स्कूलों से शिकायत आ रही है वहां की दीवारों को ठोंक-ठोंक कर देख रहें हैं। जहां पानी आता है वहां बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश सभी स्कूलों को दिए गए हैं। मै खुद निरीक्षण कर रहा हूं। जिले के सभी स्कूलों से मरम्मत के लिए प्रस्ताव मंगाए गए हैं। अभी तक सात स्कूलों को प्रस्ताव मिले हैं, उन्हें विभाग को भेज दिया गया है। स्वीकृत होते ही स्कूलों को राशि दी जाएगी। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed