फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Be careful if you have frequent fever and cough, it could be a dangerous disease like melioidosis, sym

Bhopal: बार-बार बुखार और खांसी तो हो जाएं सावधान,हो सकती है खतरनाक बीमारी मेलियोइडोसिस, TB जैसे होते हैं लक्षण

Thu, 18 Sep 2025 02:52 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 18 Sep 2025 02:52 PM IST
सार

बार-बार सर्दी खांसी और बुखार आ रहा हैं तो सावधान हो जाइए। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि यह सामान्य सर्दी खांसी के अलावा मेलिओइडोसिस भी हो सकती है। मेलियोइडोसिस एक गंभीर रोग है, जो बर्कहोल्डेरिया स्यूडोमैलीआई नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मिट्टी में पाया जाता है, खासकर धान के खेतों में।

विज्ञापन
Bhopal: Be careful if you have frequent fever and cough, it could be a dangerous disease like melioidosis, sym
एम्स में बीमारी की जानकारी देते विशेषज्ञ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यदि आपको बार-बार सर्दी खांसी और बुखार आ रहा है, या टीबी जैसे लक्षण हैं तो सावधान हो जाइए। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि यह सामान्य सर्दी-खांसी के अलावा मेलिओइडोसिस भी हो सकती है। जब तक इसका सही इलाज नहीं होगा यह ठीक नहीं होगा। लंबे समय से बुखार, फोड़े या फेफड़ों की तकलीफ हो और साधारण इलाज से ठीक न हो रहा हो, तो डॉक्टर से मिलें और मेलियोइडोसिस की जांच जरूर कराएं। यह रोग इतना घातक है कि पहले पकड़ में ही नहीं आता। पहचान होते-होते संक्रमण इतना फैल जाता है कि 40 फीसदी मरीजों की मौत तक हो जाती है। ये बीमारी कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे तटीय क्षेत्रों में ही पाई जाती रही है। अब एमपी में भी मरीज मिल रहे हैं।
विज्ञापन



टीबी जैसे लक्षण 
मेलियोइडोसिस एक गंभीर रोग है, जो बर्कहोल्डेरिया स्यूडोमैलीआई नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मिट्टी में पाया जाता है, खासकर धान के खेतों में। संक्रमित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से यह मनुष्यों में फैल सकता है। यह बीमारी कई अंगों को प्रभावित करती है और लक्षणों में अक्सर टीबी जैसी लगती है। यदि सही समय पर उपचार न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य से जुड़े लोगों को इसका अधिक खतरा होता है, लेकिन शहरी क्षेत्रों के लोग भी खासकर डायबिटीज से पीड़ित या लगातार शराब का सेवन करने वाले लोग, इससे प्रभावित हो सकते हैं।
विज्ञापन




टीबी का इलाज करा रहा था किसान 
भोपाल के पास रहने वाले 45 वर्षीय किसान को कई महीनों से बार-बार बुखार, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत थी। स्थानीय इलाज लेने के बावजूद हालत सुधर नहीं रही थी। डॉक्टरों को पहले लगा कि यह टीबी (क्षय रोग) है, और महीनों तक दवाइयों भी दी गई लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मरीज को आखिरकार एम्स भोपाल रेफर किया गया। वहां माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने विशेष जांच की और पाया कि यह टीबी नहीं, बल्कि मेलिओइडोसिस है। सही दवाइयां शुरू होते ही मरीज की हालत जल्दी सुधर गई और वह कुछ ही हफ्तों में ठीक हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-यावर खान पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, फर्जी दस्तावेज से मकान हड़पने समेत अन्य गंभीर मामलों की जांच शुरू

मेलिओइडोसिस क्या है?
1. यह एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो अक्सर मिट्टी और गंदे पानी से फैलता है।
2. लक्षण साधारण बुखार, खाँसी या फोड़े जैसे दिख सकते हैं, लेकिन यह शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।
3. समय पर पहचान और सही इलाज मिलने पर मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।


यह भी पढ़ें-पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल के घर लाखों की चोरी, जेवर और राइफल ले गए बदमाश


प्रदेश के बीस से ज्यादा जिलों में मिल चुके हैं मरीज
एम्स भोपाल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने पिछले छह वर्षों से मेलीओडोसिस के मामले लगातार पहचाने हैं। अब तक 130 से अधिक रोगियों की पुष्टि हो चुकी है, जो राज्य के 20 से भी ज्यादा जिलों से हैं। यह साबित करता है कि यह रोग अब मध्य प्रदेश में स्थानिक (endemic) हो चुका है। 6 अलग-अलग संस्थानों से 14 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें जीएमसी भोपाल, सागर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, आईसीएमआर-बीएमएचआरसी, जेके अस्पताल भोपाल, मेदांता अस्पताल इंदौर और बंसल अस्पताल सागर शामिल हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed