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Bhopal: वेटिंग शिक्षकों में आक्रोश, महिलाओं ने मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र, बोलीं-लाडली बहनों को हक चाहिए

Sun, 22 Jun 2025 07:07 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 22 Jun 2025 07:07 PM IST
सार

शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के वेटिंग अभ्यर्थियों के नियुक्ति की मांग एक बार फिर से तेज हो गई है। महिला अभ्यर्थियों ने इंजेक्शन से खून निकालकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। जिस में कहा है कि मोहन भैया लाड़ली बहनों की पीड़ा समझिए।

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Bhopal: Anger among waiting teachers, women wrote a letter to the Chief Minister in blood, said- dear sisters
सीएम का लिखा पत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के वेटिंग अभ्यर्थियों के नियुक्ति की मांग एक बार फिर से तेज हो गई है। महिला अभ्यर्थियों ने इंजेक्शन से खून निकालकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। जिस में कहा है कि मोहन भैया लाड़ली बहनों की पीड़ा समझिए, हमारे हक के लिए कुछ करिए। अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती वर्ग-1 (2023) के तहत शेष बचे स्वीकृत पदों पर उन्हें नियुक्ति दी जाए, ताकि उनकी वर्षों की मेहनत व्यर्थ न जाए।
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हमारा अधिकार चाहिए
वेटिंग महिला अभ्यर्थियों ने पत्र के माध्यम से कहा है कि हम लाड़ली बहनें हैं, लेकिन हमें सहायता नहीं, हमारा अधिकार चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि पिछले वर्ष राखी पर उन्होंने संदेश दिया था वर्ग 1 वेटिंग वाली आपकी लाड़ली बहनों का ख्याल भी रखना मोहन भैया।
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सैकड़ों योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार
वेटिंग शिक्षक संघ के अघ्यकक्ष निलेश गौतम ने बताया कि अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश है। हमारी मांग है कि मांग है कि रिक्त पदों पर उन्हें द्वितीय काउंसलिंग के माध्यम से नियुक्त किया जाए। उन्होने बताया कि 2011 और 2018 में भी द्वितीय काउंसलिंग के जरिए नियुक्तियां हुई थीं, लेकिन 2023 में इस परंपरा को तोड़ दिया गया, जिससे सैकड़ों योग्य अभ्यर्थी आज भी बेरोजगार हैं।



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2901 पद अब भी खाली
शिक्षक भर्ती 2023 के तहत कुल 8720 पदों में से केवल 5053 पदों पर नियुक्ति हुई, जबकि 2901 पद अब तक रिक्त हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन सूची में नाम आने के बावजूद उन्हें नियुक्त नहीं किया गया। उधर शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2024 में 48223 और जनजातीय कार्य विभाग ने 10501 नए शिक्षकों के पद स्वीकृत किए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब हजारों पद नए स्वीकृत हो सकते हैं, तो पुराने वेटिंग वालों को क्यों नजर अंदाज किया जा रहा है?

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पहले भी कर चुके हैं विरोध प्रदर्शन
वेटिंग शिक्षक इससे पहले भी कई बार अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज करा चुके हैं। जिसमें पैदल मार्च, धरना, और बाल कटवाकर विरोध किया था। अब उन्होंने खून से पत्र लिखकर अपनी व्यथा मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की है।वेटिंग शिक्षक संघ के नीरज त्रिवेदी, देशपाल पालीवाल और वंदना पांडे ने सरकार से अपील की है कि गरीब और वंचित तबके के बच्चों के भविष्य के लिए जल्द से जल्द द्वितीय काउंसलिंग कराई जाए, ताकि योग्य शिक्षक नियुक्त हो सकें और सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हो।
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