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Bhopal: देश के 103 अमृत भारत स्टेशनों मध्य प्रदेश के 6 स्टेशन शामिल, प्रधानमंत्री 22 मई को करेंगे उद्घाटन
Tue, 20 May 2025 07:14 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 20 May 2025 07:14 PM IST
सार
प्रधान मंत्री नारेन्द्र मोदी द्वारा 22 मई को 103 स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत होने जा रहा है।इसमें मध्य प्रदेश के छह स्टेशन-कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं।
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नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को देश के 103 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करेंगे। इसमें मध्य प्रदेश के छह स्टेशन- कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं।
भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है। इनमें से 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं। उनमें मध्य प्रदेश के छह स्टेशनों-कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा का 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकास किया गया है। इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है। इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।
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नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन 26 करोड़ से हुआ विकसित
नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिजाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है। पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं। नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि मां नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी।
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यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं
शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है। 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं। स्टेशन भवन को आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है। यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर जोन, जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है।
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भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है। इनमें से 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं। उनमें मध्य प्रदेश के छह स्टेशनों-कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा का 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकास किया गया है। इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है। इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।
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नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन 26 करोड़ से हुआ विकसित
नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिजाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है। पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं। नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि मां नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी।
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यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं
शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है। 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं। स्टेशन भवन को आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है। यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर जोन, जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है।
