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Aiims bhopal: एम्स भोपाल में कोरियोनिक विलस सैंपलिंग का सफल टेस्ट,अब गर्भ में ही पता चल जाएगी अनुवांशिक बीमारी

Fri, 10 Jan 2025 10:10 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 10 Jan 2025 10:10 PM IST
सार

 एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। यह प्रक्रिया भ्रूण में किसी भी आनुवांशिक विकार की पहचान करने में सहायता मिलेगी।

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Aiims Bhopal: Successful test of chorionic villus sampling in AIIMS Bhopal, now genetic disease will be detect
राजधानी भपोल स्थित एम्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भपोल स्थित एम्स लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी कर रहा है। एम्स प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रि या सफलतापूर्वक पूरी की है। यह प्रक्रिया गर्भ में पल रहे बच्चे में किसी भी आनुवांशिक विकार की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानकारी के लिए बतादें कि कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) एक प्रीनेटल टेस्ट है। जिसमें गर्भवती महिला के प्लेसेंटा से एक छोटा नमूना लिया जाता है। इस नमूने की जांच करके भ्रूण में किसी भी तरह की आनुवांशिक समस्या का पता लगाया जा सकता है।

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इन महिलाओं की होगी जांच
एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि प्रसवपूर्व यह परीक्षण उन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनके परिवार में आनुवांशिक बीमारियों का इतिहास रहा हो या जिनकी उम्र 35 साल से अधिक हो चुकी है। एम्स भोपाल में विजिटिंग फीटल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. मनुप्रिया माधवन ने यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया सुरक्षित और प्रभावी है। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह का कहना है कि सीवीएस सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे संस्थान में फीटल मेडिसिन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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यह होगा फायदा

1- भ्रूण में आनुवांशिक विकारों का शीघ्र पता लगाना : सीवीएस के माध्यम से गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ही भ्रूण में आनुवंशिक विकारों का पता लगाया जा सकता है।

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2- भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार : सीवीएस के माध्यम से जन्म के साथ दोषों को रोका जा सकता है। इससे भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

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