फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   95 years ago slogans of freedom echoed in the forests of Betul, the British fired bullets, CM saluted the hero

95 साल पहले बैतूल के जंगलों में गूंजे थे आजादी के नारे,अंग्रेजों ने बरसाई थीं गोलियां,CM ने नायकों को किया नमन

Fri, 22 Aug 2025 09:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 22 Aug 2025 09:45 PM IST
सार

मध्यप्रदेश का बैतूल जिला भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में खास पहचान रखता है। यहां के आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों के खिलाफ जंगल सत्याग्रह छेड़ा और मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोवा गोंड, बूचा कोरकू और गंजन सिंह कोरकू जैसे जननायकों के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देगा।

विज्ञापन
95 years ago slogans of freedom echoed in the forests of Betul, the British fired bullets, CM saluted the hero
बैतूल के आदिवासी समाज ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ शुरू किया था जंगल सत्याग्रह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बैतूल जिले का स्वर्णिम इतिहास रहा है। यहां के आदिवासी समाज ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जिस बहादुरी और साहस से लड़ाई लड़ी, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में हुए जंगल सत्याग्रह के जनजातीय गौरव एवं महान क्रांतिकारी कोवा गोंड एवं बूचा कोरकू के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1930 में आज ही के दिन बैतूल में ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनजातीय नायक श्रद्धेय गंजन सिंह कोरकू के नेतृत्व में जंगल सत्याग्रह आरंभ हुआ था, जिसने अंग्रेजों को पीछे हटने को मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और अन्याय के विरुद्ध यह सत्याग्रह सदैव मातृभूमि के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- MP News: झाबुआ ग्रामीण बैंक कर्मचारी पर 86 लाख रुपये के गबन का आरोप, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया मामला
विज्ञापन


आदिवासी वीरों ने अपन प्राण न्योछावर किए 
1930 और 1942 में बैतूल की धरती पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार गोलियां चलीं, जिसमें असंख्य आदिवासी वीरों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इतिहास में दर्ज है कि केवल 1930 में ही बंजारीताल, सातलदेही और आसपास के क्षेत्रों में हुए जंगल सत्याग्रह के दौरान अंग्रेजों की गोलीबारी में अनेक देशभक्त शहीद हुए थे। इन आंदोलनों में महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर ब्रिटिश शासन का डटकर सामना किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढें- MP News: दो एसपी समेत नौ आईपीएस के तबादले, ऋषिकेश मीना नरसिंहपुर और विनोद मीना मंदसौर के नए एसपी

गंजन सिंह कोरकू जैसे जननायकों की बड़ी भागीदारी 
अत्यधिक कठिन और कष्ठदायी परिस्थतियों में गुजर बसर करने वाला जनजातीय समुदाय ब्रिटिश शासन के अत्याचारों से इतना तंग आ गया था कि उन्होंने अंग्रेजी शासन को भारत से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था। अंग्रेजों के खिलाफ किए संघर्ष में सरदार गंजनसिंह कोरकू, विष्णुसिंह गोंड, ठाकुर मोहकमसिंह उइके, बिहारीलाल पटेल, दीपचंद गोटी और आनंदराव लोखंडे जैसे अनेक वीर सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। खास बात यह रही कि इन संघर्षों में जनजातीय समाज की बड़ी भागीदारी रही। बैतूल के अनेक स्थानों पर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गोलीकांड हुए। पूरे जिले में छह स्थानों पर स्थिति को काबू करने के लिए अंग्रेज पुलिस और उनकी सेना को गोलीबारी करनी पड़ी थी। 

ये भी पढ़ें- MP News: सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को राहत, एफआईआर और SIT जांच पर रोक

19 बलिदानी योद्धाओं में 12 आदिवासी थे 
कई जगह यह बात दर्ज है कि बैतूल के जंगलों और पहाड़ियों में सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानी घायल और शहीद हुए। इनमें कोवा सिंह और बूचा कोरकू जैसे नाम विशेष रूप से शहादत की सूची में दर्ज हैं। एक नाम गंजर सिंह का भी है, जिनको गिरफ्तार करने के लिए या उनको पकड़वाने के लिए पुरस्कार घोषित किया था। गंजन सिंह के बारे में कहा जाता था कि वह अपना रूप व स्थान बदलते थे और जंगल के पहाड़ों में छिप जाते थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बैतूल ज़िले के कुल 19 बलिदानी योद्धाओं में से 12 आदिवासी समाज से थे, जो अपने आप में एक मिसाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed